Hathras stampede मंगलवार को हाथरस जिले से 47 किमी दूर फुलरई गांव में भोले बाबा के सत्संग का आयोजन किया गया था यह आयोजन एक धोगी बाबा नारायण साकार विश्व हरि के व्दारा किया गया था सत्संग के बाद वहाँ भगदड़ मच गई इस भगदड़ के बीच कुचले जाने से 122 लोगों की मौत हो गई और इस सत्संग ने देखते ही देखते लोगो के बीच भयंकर मौत के तांडव का रुप ले लिया जिसमे 122 लोगों की मौत हो गई. ज्यादातर मरने वालों में महिलाएं हैं . कई लोगों की हालत गंभीर है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
Hathras stampede – हादसे के बाद अस्पतालों में हालात दिल दहलानेवाला हो गए। लाशों और घायलों को बस और टैंपो में भरकर सिकंदराराऊ CHC और एटा जिला अस्पताल, अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज लेजाया गया। CHC के बाहर शव जमीन पर इधर-उधर बिखरे पड़े थे। वहाँ के डॉक्टर से पूछा तो वह मौत का आंकड़ा नहीं बता पाए। हालात ऐसे रहे कि लाशों को ओढ़ाने के लिए चादर तक नहीं थी। घायल जमीन पर तड़प रहे थे। उनका इलाज करने के लिए सिर्फ एक डॉक्टर था मृतकों में ज्यादातर हाथरस, बदायूं और पश्चिम यूपी के जिलों के लोग शामिल थे। इधर, एटा में लाशों का ढेर देखकर ड्यूटी पर तैनात सिपाही रजनेश को हार्ट अटैक आ गया पर इस सत्संग ने इतना बत्तर रुप लिया कैसे किसकी गलती थी वहाँ पर मौजुद लोगो से पुछे जाने पर लोगो ने बताया की धोगी बाबा श्रद्धालु को अपनी चरण रज माथे पर लगाने को बोला था और कहाँ कि इसे लगाने से आपकी समस्या दुर हो जाएगी सत्संग के बाद श्रद्धालु बाबा के काफिले के पीछे उनकी चरण रज लेने के लिए दौड़े।
भीड़ को काबू में करने के लिए पानी की बौछारें फेंकी गई। लोग भागने लगे, तभी एक-दूसरे पर गिरते गए.. कुचलने से इतनी मौतें हुईं। हादसे में हाथरस प्रशासन की भयंकर लापरवाही सामने आई है। Hathras stampede कार्यक्रम की अनुमति देने से लेकर हादसे के बाद तक प्रशासन लाचार नजर आया। सुबह लाखों की भीड़ कार्यक्रम स्थल पहुंच चुकी थी, लेकिन सत्संग स्थल पर कोई भी बड़ा अफसर मौजूद नहीं था नाही सुरक्षा के कोई इंतजाम थे। कुछ पुलिसवाले थे, वह भी इधर-उधर टहल रहे थे। इस हादसे को लेकर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि घटना की तह में जाएंगे और देखेंगे कि यह हादसा है या साजिश। प्रदेश सरकार पूरी घटना की जांच करा रही है। दोषियों को छोड़ेंगे नहीं। सीएम योगी हादसे के बाद सरकारी आवास पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर पल-पल की रिपोर्ट ले रहे है लेकिन आपको क्या लगता है इस हादसे मे गरीबो की आस्था के साथ खेला गया है या नही इसमें सरकार को तरफ से लापरवाही बरती गई है या नही आपकी क्या राय है नीतिपथ के साथ जरुर साझा करे और ऐसी ही खबरो के जानकारी के लिए फोलो करे नीतिपथ न्युज को जय हिन्द ।
