Swati Maliwal Assault Case: आम आदमी पार्टी (आप) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से पिटाई
अरविन्द केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही है। राज्यसभा सांसद (Swati Maliwal ) स्वाति मालीवाल ने अपने साथ मुख्यमंत्री आवास में हुई मारपीट के बाद पहली बार इंटरव्यू दिया है। उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए बताया कैसे वे 13 मई को सुबह 9 बजे के करीब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने सीएम आवास गई थीं। वहां पर स्टाफ ने ड्राइंग रूम में बैठाया और कहा कि केजरीवाल घर पर हैं और मिलने आ रहे हैं।
उसी समय बिभव कुमार वहां पर आते हैं और “मुझसे मारपीट करने लग जाते हैं। बिभव ने मुझे सात-आठ थप्पड़ मारे। जब मैंने उन्हें धक्का देने की कोशिश की तो उन्होंने मेरा पैर पकड़ लिया। मुझे नीचे घसीट दिया। मालीवाल ने आगे कहा कि मेरा सिर सेंट्रल टेबल से टकरा गया। मैं नीचे गिरी। फिर उन्होंने मुझे लातों से मारना शुरू किया। मैं बहुत जोर चिल्लाई, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया।
आखिर क्या वजह है, Swati Maliwal के साथ मारपीट की |
मालीवाल ने आरोप लगाया है कि 13 मई को केजरीवाल के PA बिभव कुमार ने उनके साथ मारपीट की है। पुलिस ने मामले में 16 मई को FIR दर्ज कर बिभव कुमार को अरेस्ट कर लिया है। फिलहाल वो पांच दिन की पुलिस कस्टडी में हैं।
सूत्रों की माने तो स्वाति मालीवाल को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा भेजा था लेकिन अब उन्हें अपना पद छोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इसे लेकर उनसे त्याग पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया। इससे इनकार करने के कारण विवाद हुआ जिसके बाद ही बिभव कुमार के द्वारा उन पर हमला किया गया। सूत्रों के मुताबिक आप मालीवाल की राज्यसभा की सीट एक वरिष्ठ वकील को देने की बात कही जा रही है, जो अदालतों में केजरीवाल का मुकदमा देख रहे हैं।
संजय सिंह ने उठाया दिल्ली पुलिस पर सवाल |Swati Maliwal
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने रविवार को राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल पर कथित हमले के मामले में दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया। रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस पर मामले से संबंधित जानकारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मीडिया को लीक करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि मामले से जुड़ी गोपनीय सामग्री मीडिया के साथ और सोशल मीडिया पर साझा की जा रही है। उन्होने बताया की क्योंकि ऐसा करने से उनकी राजनीतिक ज़रूरतें पूरी हो रही हैं, अन्यथा मैंने पहले कभी पुलिस को ऐसा कुछ करते नहीं देखा है। देश का कानून कहता है कि धारा 354 (छेड़छाड़) के तहत एफआईआर को गोपनीय रखा जाता है। हालांकि, जैसे ही एफआईआर दर्ज की जाती है, इसे व्हाट्सएप के माध्यम से सभी मीडिया के साथ साझा किया जाता है और सभी एक्स हैंडल पर पोस्ट किया जाता है।”
– Khushi Sharma
