RBI की नई पहल: Unified Lending Interface (ULI) से कर्ज की प्रक्रिया होगी सरल और तेज
RBI (Reserve Bank of India) ने हाल ही में Unified Lending Interface (ULI) की घोषणा की, जो कर्ज के आवेदन और मंजूरी की process को क्रांतिकारी तरीके से बदलने का इरादा रखता है। यह new method पेमेट्स के क्षेत्र में UPI की तरह ही कर्ज के process को भी आसान बनाएगी। RBI के Governor Shakti kanta Das ने बताया कि ULI system का aim कर्ज के आवेदन और मंजूरी की process को तेज और सरल बनाना है। UPI ने जहां भुगतान की process में तेजी और सरलता लाई है, वहीं ULI कर्ज के मामलों में भी ऐसी ही क्रांति लाएगा। ULI के माध्यम से कर्ज के लिए आवेदन करने वालों की वित्तीय स्थिति की जांच-परख अधिक transparent और quick होगी। ULI methods का कार्य आधार, पैन, टैक्स रिकॉर्ड और अन्य सरकारी डेटा source से जानकारी collect करना होगा। इस डेटा का use बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा applicant की वित्तीय स्थिति और कर्ज चुकाने की योग्यता का quick estimation करने के लिए किया जाएगा। इस methods से कर्ज के applicant की process में लगने वाले समय में कमी आएगी और मंजूरी की process तेज होगी। ULI system का एक बड़ा benefit यह होगा कि इसमें सभी आवश्यक सूचनाएं एक ही जगह पर मौजुद होंगा, जिससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों को कर्ज की मंजूरी देने से पहले applicant की वित्तीय स्थिति की जांच-परख में आसानी होगी। खासतौर पर छोटे कर्जदारों, ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के लोगों को इससे अधिक आराम मिलेगी, जो वर्तमान में कर्ज की process में कई problems का सामना करते हैं।
ULI का पायलट प्रोजेक्ट अगस्त 2023 में शुरू किया गया था, और अब इसे पूरे देश में लागू करने की योजना है। इस method के तहत कर्ज लेने वाले लोगों को न केवल आसान और तेज process मिलेगी, बल्कि उनकी वित्तीय जानकारी की इकट्ठा करके वेरिफिकेशन process भी अधिक transparent होगी।ULI system के अंतर्गत, कर्ज देने के लिए मौजूदा एप्लिकेशन के बजाय, अब एक ही क्लिक पर कर्ज मिल सकेगा। यह प्रक्रिया बिल्कुल उसी तरह होगी जैसे UPI के माध्यम से पेमेंट करते समय होती है।
ULI के माध्यम से आधार, ई-केवाईसी, सरकारी भूमि रिकॉर्ड्स और पैन जैसी जानकारियों को इकट्ठा कर कर्ज की योग्यता का estimation किया जाएगा।ULI method के तहत, कर्ज की process पूरी तरह डिजिटल और transparent होगी। इससे मौजूदा इंस्टेंट लोन एप्स की जगह एक सुरक्षित और नियामक ढांचे में काम करने वाली methods स्थापित होगी। इस नई व्यवस्था से न केवल कर्ज की मंजूरी में तेजी आएगी, बल्कि छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों और व्यक्तियों को वित्तीय सेवाओं का benefit भी आसानी से मिल सकेगा।RBI की यह पहल भारतीय वित्तीय क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत कर सकती है, जो विशेष रूप से छोटे कर्जदारों और मध्यम आकार के व्यवसायों के लिए फायदेमंद साबित होगी। ULI से कर्ज की process में transparent और तेजी आने की उम्मीद है, जिससे अधिक लोगों को वित्तीय सेवाओं का advantage मिल सकेगा।
-Pooja Mishra
