Pm Modi की इस तीन दिवसीय ऑस्ट्रिया ,रुस यात्रा के क्या हैं मायने और महत्व
PM Modi 8 से 9 तक मॉस्को की यात्रा पर रहेगे। इस दौरान वह मॉस्को में 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भाग लेंगे इसी के साथ पीएम मोदी 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस की अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान अज्ञात सैनिक की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद Pm Modi 9 जुलाई को ऑस्ट्रिया जाएंगे। ऑस्ट्रिया में वह राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलन से मुलाकात करेंगे इसके साथ ही पीएम ऑस्ट्रियाई चांसलर कार्ल नेहमर से भी बातचीत करेंगे।पीएम मोदी ने अपनी यात्रा की जानकारी देते हुए अपने एक्स पर कहा कि अगले तीन दिनों में मैं रूस और ऑस्ट्रिया में रहूंगा। ये यात्राएं इन देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करने का एक शानदार अवसर होगा और मैं अपने मित्र राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करने के लिए उत्सुक हूं साथ ही उन्होंने ऑस्ट्रिया को भारत का दृढ़ और विश्वसनीय भागीदार भी बताया। पीएम मोदी ने कहा, “हम लोकतंत्र के आदर्शों को साझा करते हैं। मैं यहां रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ बातचीत करने के लिए भी उत्सुक हूं। मैं नए क्षेत्रों में हमारी साझेदारी को और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने की आशा करता हूं।”
ऑस्ट्रिया ,रुस यात्रा के क्या हैं मकसद ?
वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दोनों देशों के मुलाकात को लेकर कहाँ कि यह मुलाकात दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में जबरदस्त सुधार एक अच्छा अवसर हो सकता है। यह रूस के साथ संबंधों में सबसे बड़ा बदलाव का भी मौका होगा. विदेश मंत्री ने कहा कि यह पीएम नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के लिए बैठकर संबंधों पर चर्चा करने का एक शानदार अवसर होगा। बता दें कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी के लिए निजी रात्रिभोज का आयोजन भी किया है। पीएम की यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि भारत और रूस के बीच व्यापक संबंधों की व्यापक समीक्षा चर्चा भी होगी। ऐसे ही खबरो के लिए जुङे रहे नीतिपथ से आपकी क्या राय है comment box में जरुर बताए |
नीतिपथ के लिए पूजा मिश्रा की रिपोर्ट
