Central Consumer Protection Authority (CCPA) ने ओला को एक Important instructions दिया है, जिसमें ग्राहकों को उनके बैंक खातों में रिफंड का ओप्शन देने का आदेश दिया गया है। इससे पहले, ओला की “नो-क्वेश्चन-आस्कड” रिफंड पॉलिसी के तहत, ग्राहकों को राइड में समस्याओं के बावजूद केवल अगली राइड के लिए कूपन दिया जाता था, जो कि अन्यायपूर्ण व्यापार रुल मानी जाती थी।Chief Commissioner of CCPA , निधि खरे ने कहा, “सिर्फ कूपन देना सही नहीं है।”
यह changes consumers की सुरक्षा के लिए जरुरी था, ताकि उन्हें अपनी मेहनत की कमाई वापस मिल सके।” इसके साथ ही, CCPA ने ओला को instructions दिया है कि वह सभी ऑटो राइड्स के लिए बिल, रसीद या इनवॉइस दिया करे, जिससे transparency बढ़ेगी और ग्राहकों को सही किमत पर सेवा प्राप्त करने का राइट मिलेगा।यह कदम उस समय उठाया गया जब National Consumer Helpline में ओला के खिलाफ 2,061 शिकायतें दर्ज की गई थीं।
CCPA ने ओला को दिया बड़ा निर्देश: ग्राहकों को रिफंड और बिल देना हुआ जरूरी
इनमें से कई में बुकिंग के समय दिखाए गए किराए से अधिक चार्ज करने की शिकायतें थीं। ग्राहक जब इनवॉइस की मांग करते थे, तो ऐप पर एक संदेश दिखाई देता था कि ” Customer Invoice will not be available,जो consumers के लिए disappointing था और ओला की Credit को भी प्रभावित कर रहा था। CCPA के instruction के बाद, ओला ने अपने management में कई सुधार किए हैं।
अब कंपनी अपनी वेबसाइट पर शिकायतों के लिए contact details clearly से दिखा रही है। वह बुकिंग के समय रद्द करने की पॉलिसी को स्पष्ट तरीके से पेश कर रही है और ड्राइवरों को पिकअप और ड्रॉप-ऑफ पते दिखाने के लिए भी कह रही है। यह कदम consumers के right की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कोशिश है।
–Pooja Mishra
