britain hate speech वाले भाषणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। पाकिस्तानियों द्वारा चलाई जाने वाली 24 मस्जिदों की जांच की जा रही है, जिन पर non- muslim के खिलाफ नफरत फैलाने भारण देने के आरोप हैं। ये मस्जिदें लंदन, बर्मिंघम, लिवरपूल और मैनचेस्टर में स्थित हैं। पिछले 10 महीनों के दौरान इन मस्जिदो में hate speech की कई शिकायतें आई हैं।आरोप है कि इन मस्जिदों पर आतंकी संगठन हमास और उसके सदस्यों के समर्थन में हेट स्पीच देने के आरोप हैं।
britain के कानून के अनुसार,
अगर कोई हमास या इसके सदस्यों का समर्थन करते हुए पाया जाता है, तो उसे 14 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
ऐसा गतिविधिया 24 से अधिक मस्जिदों और money support की जांच के आदेश दिए गए हैं। यह जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि क्या ये मस्जिदें अपने धर्मार्थ दर्जे का उल्लंघन कर रही हैं। चैरिटी आयोग की प्रमुख हेलेन स्टीफेंसन ने बताया कि मस्जिदों का धर्मार्थ दर्जा भी छीना जा सकता है अगर वे नियमों का उल्लंघन करती पाई जाती हैं।
कई यहूदी कार्यकर्ताओं ने नफरत भरे भाषणों का एक डोजियर तैयार किया है और इसे ब्रिटिश पुलिस के साथ साझा किया है। इस डोजियर में ऐसे हिंसक संदेश शामिल हैं, जैसे ‘इजराइल को नष्ट करने’, ‘यहूदियों को मारने’, और ‘अल्लाह के लिए युद्ध छेड़ने’ के उपदेश दिये जाते है। इन मस्जिदों पर आरोप है कि वे ऐसे प्रचारकों को बुलाते हैं जो इजराइल और यहूदियों के खिलाफ नफरत भरे भाषण देते हैं।
