Naresh Kumar के तीसरे एक्सटेंशन पर विचार: दिल्ली के मुख्य सचिव के पद पर निर्णय शनिवार को
Naresh Kumar के तीसरे एक्सटेंशन पर विचार: Delhi के मुख्य सचिव Naresh Kumar का कार्यकाल 31 अगस्त 2024 को समाप्त हो रहा है, और केंद्र सरकार उन्हें तीसरी बार एक्सटेंशन देने पर विचार कर रही है। नरेश कुमार ने 1987 बैच के आईएएस अधिकारी के रूप में अप्रैल 2022 में दिल्ली के मुख्य सचिव के रूप में कार्यभार संभाला था। उनकी रिटायरमेंट की तारीख 30 नवंबर 2023 थी, लेकिन गृह मंत्रालय ने उन्हें 6 महीने का एक्सटेंशन दिया, जिसे लेकर दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने नरेश कुमार के एक्सटेंशन को ग्रीन सिग्नल दे दिया था।
अब, उनका कार्यकाल एक बार फिर बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय शनिवार तक लिया जाएगा। दिल्ली के मुख्य सचिव पद की दौड़ में नरेश कुमार के अलावा अन्य प्रमुख आईएएस अधिकारियों के नाम भी चर्चा में हैं। इनमें 1989 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी धर्मेंद्र कुमार, 1988 बैच की आईएएस अधिकारी रेणु शर्मा, 1989 बैच के आईएएस अधिकारी नरेंद्र कुमार, पीके गुप्ता और 1991 बैच के आईएएस अधिकारी पुनीत गोयल शामिल हैं।गृह मंत्रालय ने इस पद के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
Naresh Kumar की तीसरी बार एक्सटेंशन की संभावना: दिल्ली के मुख्य सचिव के पद पर अहम निर्णय शनिवार तक
Naresh Kumar के साथ-साथ इन सभी अधिकारियों के नामों पर विचार किया जा रहा है। नरेश कुमार को तीसरी बार एक्सटेंशन मिलने की स्थिति में यह स्पष्ट होगा कि उनकी वर्तमान जिम्मेदारियों, विशेषकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली सरकार के अन्य मंत्रियों पर लगाए गए आरोपों की जांच पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।यह भी मानना जा रहा है कि नरेश कुमार के एक्सटेंशन से उनकी मौजूदा जांच प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी, जो कि उनके कार्यकाल के दौरान शुरू हुई थी। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि जांच में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होगी।
जैसे-जैसे निर्णय की तारीख नजदीक आ रही है, दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच इस मुद्दे पर लगातार चर्चा और मंथन जारी है। यह देखा जाएगा कि शनिवार को आखिरकार नरेश कुमार के कार्यकाल को बढ़ाया जाता है या नहीं, और यदि हां, तो किस अवधि के लिए।इस समय, दिल्ली की प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में नरेश कुमार की संभावित नियुक्ति और उनके संभावित एक्सटेंशन को लेकर चर्चा जोरों पर है। यह फैसला दिल्ली के मुख्य सचिव पद पर किसे नियुक्त किया जाएगा, इसका निर्धारण करेगा और दिल्ली की प्रशासनिक दिशा को प्रभावित कर सकता है।
