Jammu-Kashmir विधानसभा चुनाव: आतंकवादी इलाकों में चुनाव संचालन की बड़ी चुनौती

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Jammu-Kashmir चुनाव: आतंकवादी इलाकों में संचालन की चुनौती

Jammu- Kashmir विधानसभा चुनाव 2024 के लिए तैयारियां जोरों –शोरों पर हैं, लेकिन कुछ इलाकों में आतंकवाद की चुनौतियों के बीच चुनावी प्रक्रिया को आसानी से चलाना काफी बड़ी चुनौती है। especially अनंतनाग जैसे आतंकवाद affected जिलों में चुनावी प्रक्रिया को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना Election Commission के लिए एक बड़ी चुनौती है लेकिन Election Commission और सुरक्षा बल किस प्रकार आतंकवादी इलाकों में चुनावों को आसान बनाने के लिए कोशिश कर रहा हैं।18 सितंबर को Jammu- Kashmir विधानसभा चुनाव के लिए nomination letter जमा करने के बाद, election department ने चुनाव के लिए आचार संहिता के पालन का दिशा-र्निदेश भी दिया हैं। District Election Officer सचिन कुमार वैश्य ने स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था और आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। political parties औरcandidates को चुनावी activities  की वीडियोग्राफी कराने, चुनावी खर्चों का हिसाब रखने, और प्रचार सामग्री की छपाई के लिए प्रशासनिक अनुमति लेने के निर्देश दिए गए हैं।

आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में चुनाव के संचालन के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती और special arrangement किए गए हैं। हाल ही में अनंतनाग जिले में पुलिस ने आतंकवादियों के तीन सहयोगियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास हथियार और ग्रेनेड पाए गए थे। यह गिरफ्तारी सुरक्षा बलों की सतर्कता और आतंकवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की सफलता को दर्शाती है। इन गिरफ्तारियों से पता चलता है कि आतंकवादी संगठन चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने की plan बना रहे थे।सुरक्षा बलों ने इस संबंध में एक संयुक्त अभियान चलाया, जिसमें पुलिस, CRPF और सेना शामिल थे। इस अभियान के तह आतंकवादियों के पास से एक पिस्तौल, दो मैगजीन, 23 राउंड और दो ग्रेनेड बरामद किए गए। यह कार्रवाई चुनावी सुरक्षा के नजरिया से Important है और Election Commission की strategy को मजबूती प्रदान करती है।

Election Commission ने यह ensure किया है कि चुनावी activities की वीडियोग्राफी की जाएगी। वीडियोग्राफर हर activity, जैसे भाषण, पंडाल, मंच, और वहां पर दिए जाने वाले भोजन की वीडियोग्राफी करेंगे। इसके अलावा, प्रत्येक खर्च का हिसाब भी रखा जाएगा, ताकि चुनावी खर्च की transparency ensure की जा सके।यह कदम Election Commission के कोशिश को proved करता है कि चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष और transparent हो। Election Commission ने यह भी ensure किया है कि चुनावी जनसभाओं और रैलियों|

Pooja Mishra

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