North East District Cyber Police ने किया ₹500 करोड़ के फर्जीवाड़े का खुलासा, एक लाख से ज्यादा लोग ठगे
North East District Cyber Police ने हाल ही में एक बड़ा फर्जीवाड़ा exposed किया है, जिसमें एक वियतनाम स्थित मास्टरमाइंड ने भारतीय नागरिकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया। इस धोखाधड़ी के लिए ‘HIBOX APP’ का उपयोग किया गया, जिससे अब तक करीब 500 करोड़ रुपये ठगे जा चुके हैं। एक लाख से अधिक लोगों के affect होने की जानकारी सामने आई है।मास्टरमाइंड ने investment के नाम पर लोगों को लालच देने के लिए HIBOX APP का इस्तेमाल किया, जिसमें मुनाफे का झांसा देकर लोगों की मेहनत की कमाई ऐंठी गई। पुलिस ने चेन्नई स्थित बैंक खातों में 20 करोड़ रुपये फ्रीज करवा दिए हैं, जबकि बाकी की रकम निकाल ली गई थी। दिल्ली में शिकायतों की बाढ़ आने के बाद, पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने इस केस की जांच स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस यूनिट (IFSO) को सौंप दी है।पुलिस के अनुसार, आरोपी द्वारा संचालित ऐप ने निवेशकों को ‘मिस्ट्री बॉक्स’ खरीदने का लालच दिया। इन बॉक्सों के अंदर सस्ते सामान होते थे जिन्हें वापस करके निवेशक को मुनाफा प्राप्त करने का दावा किया गया था। शुरुआती दौर में, निवेशकों को कुछ लाभ भी मिला, जिससे उनके विश्वास को बढ़ावा मिला।
ऐप ने रोजाना एक प्रतिशत ब्याज देने का वादा किया और महीने में 30 प्रतिशत ब्याज का दावा किया।वीरेंद्र कुमार (61), जो दिल्ली के गोकलपुर इलाके में रहते हैं, ने भी इस ऐप में निवेश किया। उन्होंने और उनके परिवार ने 28 जुलाई से 4 अगस्त के बीच कुल 3 लाख 25 हजार 645 रुपये का निवेश किया, जिसके बाद मुनाफा मिलना अचानक बंद हो गया। कुमार ने North East District Cyber Police को शिकायत की और बताया कि कई अन्य लोगों ने भी इसी तरह की शिकायतें दर्ज कराई हैं। North East District Cyber Policeने चेन्नई में एक आरोपी का पता लगा लिया है और कई बैंक खातों की जांच की है। इन खातों में 20 करोड़ रुपये जमा थे, जिन्हें ठगी के शिकार लोगों को वापस लौटाने के लिए फ्रीज करवा दिया गया है। हालांकि, बाकी रकम निकाल ली गई थी, जिससे प्रभावित लोगों को नुकसान हुआ है। North East District Cyber Police ने पाया है कि इस सिंडिकेट का संचालन वियतनाम से हो रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि ऐप के विज्ञापन यू-ट्यूब पर अभी भी चल रहे हैं, जिसमें सेलिब्रिटीज द्वारा किए गए प्रचार भी शामिल हैं। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और दोषियों को पकड़ने के लिए विभिन्न जगहों पर छापेमारी कर रही है।साइबर पुलिस ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि निवेश से पहले किसी भी ऐप या प्लेटफॉर्म की पूरी जांच करें। किसी भी प्रकार के लालच भरे प्रस्तावों से दूर रहना चाहिए और किसी भी वित्तीय लेन-देन को करने से पहले उसके वैधता की पुष्टि करनी चाहिए।यह फर्जीवाड़ा इस बात का सबूत है कि कैसे साइबर अपराधी नये तरीकों से लोगों को ठग सकते हैं, और इसके खिलाफ लोगों को जागरूक रहना आवश्यक है। पुलिस की जांच जारी है और अधिक जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-Pooja Mishra
