Kolkata Hospital Rape Case – देश की आजादी को 77 साल हो चुके है . लेकिन कही ना कही देश में माहिलाओं के लिए आजादी सही मायनों में अभी भी बाकी है . जिसका एक उदाहरण है … हाल ही हुए पश्चिम बंगाल में Nirbhaya 2 जैसे मामले ने सबको हेरत में डाल दिया है . 14 अगस्त की रात को हुई हिंसा को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई।
Kolkata Hospital – चीफ जस्टिस ने राज्य सरकार और पुलिस को फटकार
चीफ जस्टिस ने राज्य सरकार और पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा- Kolkata Hospital में तोड़फोड़ के लिए 7 हजार की भीड़ आई थी। पुलिस क्या कर रही थी?, ‘बड़ी संख्या में डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे थे। नागरिक भी साथ आए थे। इसी दौरान रात को उपद्रवियों ने हमला कर दिया। उस दौरान पुलिस मौके से गायब हो गई। ऐसा लग रहा था कि यह पहले से तय था और इसीलिए पुलिस गायब हो गई।
Kolkata Hospital में डॉक्टरों ने तो किसी तरह खुद को बचाया और कई लोग तो टॉयलट तक में छिप गए। ये लोग तो क्राइम सीन को खत्म करने आए थे ताकि जांच को प्रभावित किया जा सके, लेकिन वे वहां तक पहुंच नहीं सके। इसके अलावा उन उपद्रवियों का इरादा आंदोलन को खत्म कराना था और इसके लिए वे लोगों को डरा रहे थे .
इस घटना के बाद डॉक्टरों का रोष और बढ़ गया है और स्ट्राइक खत्म करने वाली संस्था फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स असोसिएशन (FORDA) ने फिर से स्ट्राइक में शामिल होने का ऐलान कर दिया है।
-Khushi Sharma
