Bangladesh में आरक्षण के कारण जो हिन्दु विरोधी आंदोलन तो बहाना था. जिस तरह आरक्षण के खत्म होने के बाद भी लगातार बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं उससे लगता है कि यह पूरा आंदोलन हिंदुओं के खिलाफ ही शुरू हुआ हो. हिंदुओं के घर जलाए जा रहे हैं, हिंदू महिलाओं को उनके घर से उठा लिया जा रहा है, हिंदुओं के व्यापारिक क प्रतिष्ठानों में लूट हो रही है, मंदिरों को जलाया जा रहा है. जाहिर है कि भारत इन सब घटनाओं को लेकर चिंतित है.
भारत सरकार लगातार Bangladesh के अधिकारि यों के साथ संपर्क में है. पर जब वहां कोई कानून व्यवस्था ही नहीं है तो अधिकारी क्या सचाई बताएंगे. इस तरह के अधिकारियों से संपर्क मात्र से हिंदुओं के जान-माल की रक्षा नहीं की जा सकती है.
Bangladesh में आरक्षण विरोधी प्रदर्शन, इंटरनेट सेवाएं निलंबित
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी सरकार से कहा है कि वो Bangladesh में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कुछ करे. बाबा राम देव जग्गी वासुदेव जैसे गुरुओं ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर चिंता जताई है. क्या अब समय नहीं आ गया है कि भारत वैसी ही हिम्मत और तत्परता दिखाए जैसा 1971 में देश ने दिखाया था? भारत हिंदुओं की रक्षा के लिए क्या कर सकता है
– khushi sharma
