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Kanpur: पटरी पर सिलेंडर रखकर ट्रेन को पटरी से उतारने की साजिश नाकाम

Kanpur: पटरी पर सिलेंडर रखकर ट्रेन को पटरी से उतारने की साजिश नाकाम

उत्तर प्रदेश के Kanpur में रविवार रात करीब 8 बजे एक बड़ी रेल दुर्घटना होते-होते बच गई। प्रयागराज से हरियाणा के भिवानी जा रही कालिंदी एक्सप्रेस रेलवे ट्रैक पर रखे गए एक गैस सिलेंडर से टकरा गई। हालांकि लोको पायलट नें सिलेंडर को देखकर इमरजेंसी ब्रेक लगा लिये जिस की वजह से एक बडा हादसा होते होते टल. हरीश चंद्र संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह हादसा Kanpur के बिल्हौर रेलवे स्टेशन के पास हुआ। कालिंदी एक्सप्रेस के चालक ने दूर से पटरी पर एक सिलेंडर रखा देखा और तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए। इसके बावजूद ट्रेन सिलेंडर से टकरा गई, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। ट्रेन कुछ दूरी पर जाकर रुकी और सिलेंडर दूर जा गिरा। आपको बता दें कि यह घटना एक साजिश का हिस्सा मानी जा रही है, जिसका मकसद ट्रेन को पटरी से उतारना था। मौके पर पहुंची पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने घटनास्थल से गैस सिलेंडर के अलावा पेट्रोल से भरी बोतलें और माचिस सहित अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया। फोरेंसिक टीम की मदद से मामले की जांच की जा रही दोषियों की पहचान करने की कोशिशें जारी हैं। राज्यसभा सांसद विजयसाई रेड्डी ने इस घटना पर चिंता जताते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से आरोपियों को पकड़ने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की प्राथमिकता होनी चाहिए और इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है कि रेलवे पटरियों पर इस तरह की वस्तुएं रखी गई हैं। अगस्त 2023 में Kanpur में ही साबरमती एक्सप्रेस पटरी पर एक नुकीली वस्तु रखे जाने के बाद पटरी से उतर गई थी। इससे पहले राजस्थान और अन्य राज्यों में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी हाल ही में इस तरह की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की थी और इन्हें आतंकवादी साजिशों से जोड़ने की बात कही थी। –Khushi Sharma
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Supreme Court में कोलकाता केस

Supreme Court में कोलकाता केस: डॉक्टरों की हड़ताल, सीबीआई जांच और सुरक्षा पर अहम निर्देश

कोलकाता रेप-मर्डर मामले में Supreme Court में आज अहम सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। सीबीआई ने इस मामले में अब तक हुई जांच को लेकर अपनी स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंपी, जिसे जजों ने समीक्षा किया। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने प्रिंसिपल के घर की दूरी को लेकर सवाल पूछा। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज से प्रिंसिपल का घर 15 से 20 मिनट की दूरी पर है। Supreme Court ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सभी डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम किए जाएं। इसमें ड्यूटी रूम, शौचालय की सुविधा, और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था शामिल हो। कोर्ट ने यह भी कहा कि डॉक्टरों को तुरंत काम पर लौटना चाहिए, अन्यथा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से कपिल सिब्बल ने कहा कि डॉक्टरों की हड़ताल के दौरान 23 मरीजों की मृत्यु हुई है क्योंकि उन्हें सही समय पर इलाज नहीं मिल पाया। उन्होंने कोर्ट को सूचित किया कि सरकार ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में जमा की है, लेकिन सीबीआई को अभी कॉपी नहीं दी है। Supreme Court में कोलकाता केस पर सुनवाई: डॉक्टरों की सुरक्षा और सीबीआई जांच पर चर्चा सीबीआई के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बंगाल सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सरकार की तरफ से दाखिल रिपोर्ट की कॉपी नहीं मिली है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बंगाल सरकार सीबीआई से क्या छिपाना चाहती है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने युवा डॉक्टरों से तुरंत काम पर लौटने का निर्देश दिया और कहा कि डॉक्टरों का समाज के प्रति कर्तव्य है, जिसे उन्हें निभाना चाहिए। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर डॉक्टर काम पर नहीं लौटते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। Supreme Court ने यह भी कहा कि पुलिस डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और अस्पताल में काम करने के लिए उचित माहौल बनाएगी। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के माध्यम से सुरक्षा सुनिश्चित करें। इस मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख का ऐलान जल्द किया जाएगा, और कोर्ट ने सभी पक्षों को सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। –Khushi Sharma
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Rahul Gandhi का अमेरिका दौरा

Rahul Gandhi का टेक्सास यूनिवर्सिटी में संबोधन: बेरोजगारी, AI और भारतीय राजनीति पर चर्चा

Rahul Gandhi का अमेरिका दौरा: बेरोजगारी, शिक्षा प्रणाली और RSS पर तीखी टिप्पणी कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के प्रमुख नेता Rahul Gandhi, अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने टेक्सास यूनिवर्सिटी में विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय दी , जिनमें भारत और पश्चिमी देशों में बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षा प्रणाली की खामियां, और भारतीय राजनीति में RSS की भूमिका पर गंभीर आलोचना शामिल है। टेक्सास यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने भारत और पश्चिमी देशों में बढ़ती बेरोजगारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत को अपने उत्पादन में सुधार करने की जरूरत है ताकि नौकरियों की समस्या से निपटा जा सके। उन्होंने चीन और वियतनाम जैसे देशों का उदाहरण दिया, जो इस समय वैश्विक उत्पादन में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। Rahul Gandhi के अनुसार, “पश्चिमी देशों ने उत्पादन का नेतृत्व छोड़ दिया है, जिससे चीन और वियतनाम जैसे देशों को फायदा हुआ है।” उन्होंने भारत से भी उत्पादन के प्रति अपना दृष्टिकोण बदलने की मांग की। Rahul Gandhi ने एक अन्य कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी और RSS पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “RSS का मानना है कि भारत एक विचार है, जबकि हम मानते हैं कि भारत कई विचारों का संगम है।” उन्होंने भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया और कहा कि प्रधानमंत्री संविधान पर हमला कर रहे हैं। राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के बारे में भी बात की और बताया कि इस यात्रा ने उनके राजनीतिक दृष्टिकोण को कैसे बदला। उन्होंने कहा, “इस यात्रा ने मुझे राजनीति में प्रेम के विचार को समझाया।” उन्होंने इस यात्रा को अपने लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव बताया, जिसने उनके काम के बारे में सोचने का तरीका बदल दिया। भारत में कौशल और शिक्षा प्रणाली के बारे में बात करते हुए, Rahul Gandhi ने कहा कि असली समस्या कौशल की कमी नहीं, बल्कि कुशल लोगों के प्रति सम्मान की कमी है। उन्होंने भारतीय शिक्षा प्रणाली और व्यवसाय क्षेत्र के बीच बेहतर एकीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी चर्चा की और कहा कि यह कुछ नौकरियों को खत्म कर सकता है, लेकिन यह नई नौकरियां भी पैदा करेगा। –Khushi Sharma
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Haryana Congress की दूसरी सूची जारी

Haryana Congress की दूसरी सूची जारी: 9 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान

Haryana Congress की दूसरी लिस्ट:9 उम्मीदवारों के नामों का एलान Haryana Congress विधानसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने रविवार देर रात दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। Haryana Congress  की दूसरी लिस्ट में 9 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। उचाना कलां से बृजेंद्र सिंह, बादशाहपुर से यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव वर्धन यादव और गुड़गांव सीट से हाल ही में कांग्रेस में आए मोहित ग्रोवर को टिकट दिया है। 9 उम्मीदवारों के लिए जारी की गई कांग्रेस की दूसरी लिस्ट में थानेसर से अशोक अरोड़ा, गनौर से कुल्दीप शर्मा, उचाना कलां से ब्रिजेंद्र सिंह, तोहाना से परमवीर सिंह, तोशाम से अनिरुद्ध चौधरी, मेहम से मंजू चौधरी, नांगल चौधरी मंजु चौधरी, बादशाहपुर से वर्धन यादव और गुरुग्राम से मोहित ग्रोवर का नाम शामिल है।इस सूची के साथ ही कांग्रेस ने 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए कुल 41 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। Haryana Congress ने शुक्रवार को चुनाव के लिए 32 उम्मीदवारों की घोषणा की, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को गढ़ी सांपला-किलोई से, राज्य इकाई के प्रमुख उदय भान को होडल से और पहलवान विनेश फोगट को जुलाना से मैदान में उतारा गया है।पार्टी ने पहले 31 उम्मीदवारों की सूची जारी की और थोड़ी देर बाद एक बयान में कहा कि सीईसी ने इसराना (अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित) निर्वाचन क्षेत्र से बलबीर सिंह की उम्मीदवारी को मंजूरी दे दी है। बलबीर सिंह इसराना से मौजूदा विधायक हैं। इस पुरानी पार्टी ने अपने सभी 28 विधायकों को फिर से उम्मीदवार बनाया है।हुड्डा, भान और फोगट के अलावा, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के खिलाफ लाडवा से मेवा सिंह को भी मैदान में उतारा है। कांग्रेस हरियाणा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के साथ सीट बंटवारे पर भी बातचीत कर रही है, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से सीटों को लेकर बातचीत चल रही है।हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को झटका देते हुए पार्टी नेता आदित्य चौटाला ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) में शामिल हो गए हैं। इनेलो ने डबवाली विधानसभा क्षेत्र से आदित्य चौटाला को अपना उम्मीदवार भी घोषित किया। पार्टी सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला ने आदित्य को टिकट दिया।आदित्य चौटाला हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री देवीलाल के पोते भी हैं। इनेलो में शामिल होने के बाद आदित्य ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के लिए 10 साल तक कड़ी मेहनत की है, लेकिन फिर भी उन्हें पटरी से उतारने की कोशिश की गई। 2019 के विधानसभा चुनावों में भाजपा 40 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बन गई और कांग्रेस ने 30 सीटें जीतीं। –Pooja Mishra 
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LoC के पास भारत का आखिरी मतदान केंद्र

LoC के पास भारत का आखिरी मतदान केंद्र: सुरक्षा के बीच लोकतंत्र का जश्न

Jammu – Kashmir: कड़ी सुरक्षा के बीच LoC पर भारत का आखिरी मतदान केंद्र Jammu – Kashmir के राजौरी जिले के नियंत्रण रेखा (LoC) पर बसे एक छोटे से गांव मकरी में आगामी चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं। यह गांव भारत के आखिरी मतदान केंद्रों में से एक है, जो भौगोलिक अलगाव और सुरक्षा खतरों के बावजूद लोकतंत्र की मजबूती की प्रतीक बनता है। यहां 51 ऐसे मतदान केंद्र हैं जो एलओसी के पास स्थित हैं और चुनाव आयोग इन सभी सीमावर्ती मतदान केंद्रों पर सुरक्षित और सफल मतदान सुनिश्चित करने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है। मकरी गांव, जो पाकिस्तान सीमा से सटा हुआ है, ने आखिरी बार 2014 में विधानसभा चुनाव में मतदान किया था। अब, आगामी चुनावों के लिए ग्रामीणों में उत्साह और उम्मीद की लहर है। वे आशा करते हैं कि ये चुनाव न केवल शांति लाएंगे बल्कि उनके सीमावर्ती गांवों में विकास भी सुनिश्चित करेंगे। एक गांववाले ने कहा, “हमें बेहतर सड़कें, चिकित्सा सुविधाएं और हमारे बच्चों के लिए अधिक शिक्षक चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था और तैयारी चुनाव की तैयारी के तहत, चुनाव आयोग ने मकरी और अन्य एलओसी पर स्थित मतदान केंद्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। इलाके में घुसपैठ और आतंकवादी गतिविधियों के खतरे को देखते हुए, सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। पिछले चुनावों की तुलना में तीन से चार गुना अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। सेना, केंद्रीय सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस मिलकर नियमित गश्त कर रहे हैं ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की व्यवधान को रोका जा सके। एडीसी नौशेरा, बाबू राम टंडन ने कहा, “हमारी टीम, जिसमें सेक्टर मजिस्ट्रेट अश्विनी कुमार, जोनल मजिस्ट्रेट गुरदयाल सिंह, बीएलओ गोरख नाथ और सुपरवाइजर रोमी चौधरी शामिल हैं, नियंत्रण रेखा के पास के सभी मतदान केंद्रों का लगातार दौरा कर रही है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव प्रक्रिया के लिए सब कुछ ठीक है।”पाकिस्तान सीमा के करीब होने के कारण, माकरी के मतदान केंद्र को भारी सैन्य सुरक्षा से घेर लिया गया है। इसके बावजूद, गांववाले भारत के लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भूमिका को लेकर गर्व और आशा से भरे हुए हैं। BLO गोर्ख नाथ ने कहा, “हम सीमा पर रहने वाले भारत के बहादुर निवासी हैं, लेकिन हमें विश्वास है कि हमारा वोट मायने रखता है।” माकरी में कुल 593 मतदाता हैं, और पिछले लोकसभा चुनावों में 70% से अधिक मतदान की दावा की गई है। यह दिखाता है कि सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद, लोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। विकास की आशा ग्रामीणों की आकांक्षाएं सिर्फ मतदान तक सीमित नहीं हैं। वे लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना कर रहे हैं। एक अन्य ग्रामीण ने कहा, “सड़कें बहुत खराब हालत में हैं और हमें एक चालू अस्पताल की तत्काल जरूरत है। हम इन सुविधाओं का सालों से इंतजार कर रहे हैं।”जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, सीमावर्ती गांवों में उत्सुकता बढ़ती जा रही है। आतंक का खतरा भले ही मंडरा रहा हो, लेकिन मकरी और आसपास के इलाकों के लोग भारतीय लोकतंत्र में अपनी आस्था को लेकर दृढ़ हैं। उनका मानना है कि यह चुनाव न केवल सुरक्षा को मजबूत करेगा बल्कि उनके दूरदराज के गांवों में अत्यंत आवश्यक विकास का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। –Pooja Mishra
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Amit Shah का महाराष्ट्र दौरा

Amit Shah का महाराष्ट्र दौरा: चुनावी रणनीति और महायुति की एकता पर जोर

Amit Shah का महाराष्ट्र दौरा: चुनाव पूर्व रणनीति और विवादास्पद बयानों पर चर्चा केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने रविवार देर रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, और अजित पवार के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक शाह के दो दिवसीय महाराष्ट्र दौरे के दौरान सहयाद्री राजकीय अतिथि गृह में आयोजित की गई। बैठक में विधानसभा चुनावों की तैयारी और विभिन्न सरकारी योजनाओं पर लोगों की प्रतिक्रियाओं पर चर्चा की गई।महाराष्ट्र में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है, और इस संदर्भ में शाह ने बीजेपी नेताओं को चुनावी रणनीति पर ध्यान देने के निर्देश दिए। बैठक में सीएम शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी द्वारा हाल ही में दिए गए विवादास्पद बयानों पर भी चर्चा की गई।बीजेपी सूत्रों के अनुसार, Amit Shah ने पार्टी नेताओं को सार्वजनिक विवादों से बचने और महायुति में एकता की छवि प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जीतने की क्षमता वाले उपयुक्त उम्मीदवारों का चयन करना चाहिए और विरोधियों के फेक नैरेटिव का प्रभावी जवाब देना चाहिए। Amit Shah ने बीजेपी के आंतरिक सर्वे पर भी चर्चा की और पार्टी के कुछ विधायकों के प्रदर्शन को संतोषजनक नहीं माना। उन्होंने बीजेपी नेताओं को राज्य सरकार द्वारा लिए गए फैसलों और योजनाओं को व्यापक जनसमर्थन दिलाने का आदेश दिया और सीटों के वितरण पर उचित फैसला लेने को कहा।गणेश चतुर्थी के मौके पर शाह ने ‘लालबाग के राजा’ के पूजा पंडाल में माथा टेका और बप्पा के दर्शन के लिए उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के घर गए। Amit Shah का परिवार हर साल ‘लालबाग के राजा’ के चरणों में मत्था टेकने मुंबई आता है।इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने अमित शाह के मुंबई दौरे पर तंज कसा। उन्होंने कहा, “मणिपुर में आज भी महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है और गृह मंत्री मुंबई में आकर मजे उड़ा रहे हैं। मणिपुर में जाइए, जम्मू-कश्मीर जाइए। मुंबई में आपका काम क्या है, मणिपुर में जाने की हिम्मत दिखाइए।”अमित शाह की महाराष्ट्र यात्रा और चुनाव पूर्व रणनीतिक बैठकों ने राज्य की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर नई चर्चा को जन्म दिया है। –Pooja Mishra
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Ganesh Utsav

Ganesh Utsav के दौरान सूरत में पथराव पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया

Ganesh Utsav पर सूरत में पथराव पुलिस ने 6 आरोपियों को हिरासत में लिया सूरत के लालगेट इलाके में रविवार देर रात Ganesh Utsav के दौरान एक पंडाल पर पथराव की घटना सामने आई, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। पथराव के विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और प्रोटेस्ट करने लगे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पथराव करने वाले सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें से 2 नाबालिग हैं। इसके साथ ही, पथराव का समर्थन करने वाले 27 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। आईये आपको बता दें कि यह पुरा मामला कैसे शुरु हुआ यह घटना सैयदपुरा इलाके में स्थित ‘वरियावी चा राजा’ गणेश प्रतिमा के पास रात करीब 10:30 बजे हुई। 6 युवक एक टेंपो में सवार होकर आए और पंडाल पर पथराव कर दिया। आयोजकों ने भागते हुए आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद आरोपी पक्ष के लोग पुलिस थाने पर पहुंच गए, जिससे दोनों गुटों के बीच पथराव शुरू हो गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। पथराव की घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने पुलिस थाने का घेराव किया और गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी की। Ganesh Utsav के दौरान सूरत में पथराव पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया Ganesh Utsav इस हिंसा में डीसीपी विजय गुर्जर समेत 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए। इलाके की इमारतों से भी पथराव किया गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके में लाठीचार्ज किया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 10 से ज्यादा आंसू गैस के गोले दागे। पूरे शहर में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है, खासकर उन इलाकों में जहां विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं। पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच, एसओजी और पीसीबी की टीमें भी मौके पर पहुंची और स्थिति पर काबू पाया। आपको बता दें कि पुलिस की उपस्थिति में सोमवार सुबह की आरती शांतिपूर्वक संपन्न हुई। गणेश पंडाल के आयोजकों ने बताया कि पथराव के बावजूद गणेश प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना की सूचना मिलने पर सूरत के सांसद मुकेश दलाल और विधायक कांति बलर मौके पर पहुंचे और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। सांसद मुकेश दलाल ने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, फिलहाल स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। पुलिस बल की मौजूदगी में इलाके की निगरानी की जा रही है और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। ~ Khushi Sharma
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Rohingya Refugees

Rohingya Refugees बांग्लादेश में पुनर्वास प्रक्रिया में तेजी और अंतर्राष्ट्रीय प्रयास

Rohingya Refugees बांग्लादेश में पुनर्वास प्रक्रिया में तेजी और अंतर्राष्ट्रीय प्रयास बांग्लादेश में Rohingya Refugees के पुनर्वास को लेकर 12 साल के लंबे अंतराल के बाद 2022 में पुनर्वास प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई। अब इस प्रक्रिया में 2023 के दौरान और तेजी देखी जा रही है। अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के बांग्लादेश प्रमुख अब्दुसत्तोर एसोव ने बताया कि अमेरिका ने हजारों Rohingya Refugees को अपने देश में पुनः बसाने की प्रकिया दोहराई है, हालांकि इस प्रक्रिया में अभी और काम जरुरी है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुहम्मद यूनुस ने रविवार को दक्षिण एशिया में रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों के पुनर्वास में तेजी लाने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि यह निर्णय म्यांमार और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही हिंसा को देखते हुए लिया गया है। Rohingya Refugees बांग्लादेश में पुनर्वास प्रक्रिया में तेजी और अंतर्राष्ट्रीय प्रयास इस हिंसा के कारण बड़ी संख्या में रोहिंग्या मुसलमानों को बांग्लादेश में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। म्यांमार में सत्तारूढ़ सेना और बौद्ध बहुसंख्यक जातीय समूह अराकान आर्मी के बीच लड़ाई तेज होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। इस संघर्ष के कारण लगभग आठ हजार रोहिंग्या मुसलमान म्यांमार की सीमा पार करके बांग्लादेश में शरण लेने के लिए भाग चुके हैं। सीमा पर बढ़ती हिंसा और संकट की स्थिति को देखते हुए Rohingya Refugees का पुनर्वास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिकता बनता जा रहा है।   ~ Khushi Sharma
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Arvind Kejriwal

Arvind Kejriwal ने दी ईडी के समन को चुनौती: आबकारी घोटाले पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई

Arvind Kejriwal की याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई आबकारी नीति घोटाले का मामला दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में Arvind Kejriwal  की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में आज सुनवाई दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जारी समन को चुनौती देने वाली मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal की याचिका पर आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। Arvind Kejriwal  ने ईडी द्वारा जारी किए गए समन को चुनौती दी है, जिसे लेकर उनके वकील का कहना है कि समन अवैध है और इसका पालन नहीं किया जाना चाहिए।ईडी ने मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal  को 21 मार्च को गिरफ्तार किया था, जब वह नौ बार जारी समनों के बावजूद पेश नहीं हुए थे। वर्तमान में,Arvind Kejriwal सीबीआई मामले में न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल चुकी है।सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में भ्रष्टाचार के आरोपी मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal  की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका और जमानत पर बहस पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान, Arvind Kejriwal  और सीबीआई की ओर से जोरदार बहस की गई थी। Arvind Kejriwal  के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सीबीआई द्वारा की गई गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए जमानत देने की मांग की। वहीं, सीबीआई की ओर से एडीशनल सालिसिटर एसवी राजू ने गिरफ्तारी को जायज ठहराया, यह कहते हुए कि Arvind Kejriwal ने जांच मेंv सहयोग नहीं किया था, और सीबीआई को जांच और गिरफ्तारी का अधिकार है। Arvind Kejriwal की याचिका पर हाईकोर्ट में आज कानूनी दांव-पेंच आबकारी नीति घोटाला जमानत पर फैसला सुरक्षित सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सुनवाई के दौरान Arvind Kejriwal की जमानत याचिका पर प्रारंभिक आपत्ति उठाते हुए कहा कि उन्हें पहले सत्र अदालत में जाना चाहिए था, न कि सीधे हाई कोर्ट में। न्यायमूर्ति सूर्य कांत और उज्जवल भुइयां की पीठ ने दोनों पक्षों की लंबी बहस के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।दोनों पक्षों को शनिवार तक संक्षिप्त लिखित दलीलें दाखिल करने का समय दिया गया है। Arvind Kejriwal ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने Arvind Kejriwalकी सीबीआई गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी और जमानत के लिए निचली अदालत जाने को कहा था। Arvind Kejriwal ने इन आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसका फैसला जल्द ही आने की उम्मीद है।इस बीच, Arvind Kejriwal की याचिका पर आज की सुनवाई पर सभी की नजरें लगी हैं, जो यह तय करेगी कि मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal को राहत मिलेगी या उन्हें आगे भी कानूनी संघर्ष करना पड़ेगा।   ~ Khushi Sharma
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