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Paralympic 2024: भारत के एथलीटों की शानदार शुरुआत

Paralympic 2024: भारत के एथलीटों की शानदार शुरुआत, 3 मेडल और Epic Win

Paralympic 2024 की शुरुआत हो चुकी है . पेरिस में आयोजित इस में Paralympic में भारतीय एथलीटों ने पहले ही दिन अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींच लिया है। अभी तक के खेल में भारत के खिलाड़ियों ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। भारतीय तीरंदाज, लक्ष्मी रावत ने महिलाओं की कंपाउंड तीरंदाजी के स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। उनकी यह जीत भारत के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि यह पहली बार है जब किसी भारतीय तीरंदाज ने पेरालंपिक्स में स्वर्ण पदक जीता है। भारतीय तैराक, सुरेश कुमार ने 100 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में रजत पदक प्राप्त किया। वहीं, शारीरिक कमजोरी से जूझ रहे क्रिकेट खिलाड़ी, राजेश यादव ने शॉट पुट में कांस्य पदक जीता। भारतीय एथलीटों ने कई अन्य स्पर्धाओं में भी अच्छी जगह बनाई है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि भारत का कुल पदक संख्या इस बार पिछले रिकॉर्ड को पार कर सकता है। Paralympic 2024: भारत की ऐतिहासिक शुरुआत, 3 मेडल से दिलाई गर्व की अनुभूति Paralympic 2024 में भारतीय खिलाड़ियों की तैयारी और उनका बेहतरीन प्रदर्शन भारत को कई पदक दिलवाने वाला है .भारतीय कोचिंग स्टाफ और खेल अधिकारियों ने खिलाड़ियों की तकनीक, रणनीति और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया है, जिसका परिणाम उनके बेहतरीन प्रदर्शन में देखने को मिल रहा है. भारतीय एथलीटों के शानदार प्रदर्शन ने पेरालंपिक्स 2024 को एक खास बनाकर दिया है और देशवासियों को गर्व महसूस कराया है। –Khushi Sharma
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New Traffic Rules 2024

New Traffic Rules 2024: 4 Important Changes, हेलमेट और सीट बेल्ट के नियम पर ₹1035 का जुर्माना

New traffic rules लागु होगे 1 सितंबर से नियम ना पालन करने पर काटा जाएंगा चालान Traffic rules हमारी ही सुरक्षा के लिए होते है , जिनका हमें पालन करना ही चाहिए . सरकार द्वारा ट्रैफिक रूल्स हमारी सुरक्षा के लिए ही बनाए जाते हैं. अगर लोग इन Traffic rules का पालन नहीं करते हैं तो ट्रैफिक पुलिस द्वारा लोगों का चालान काटा जाता है. आंध्र प्रदेश की हाईकोर्ट ने हाल ही में जारी किए गए नए ट्रैफिक नियम 1 सितंबर 2024 से विशाखापट्टनम में लागू हो जाएंगे। नियम के तहत, अब टू-व्हीलर पर सवार पीछे बैठे व्यक्तियों के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। क्या है नियम आप भी जान लिजिए . अब बाइक या स्कूटर पर बैठे दोनों राइडर्स को हेलमेट पहनना होगा, जो दोनों के लिए अनिवार्य होगा विशाखापट्टनम में इस नियम का उल्लंघन करने पर ₹1035 का चालान काटा जाएगा। सिर्फ हेलमेट पहनने तक काफी नही होगा हेलमट भी ISI मार्क होना अनिवार्य है, ताकि सुरक्षा के सारे मानक पूरे किए जा सकें। दुसरा नियम 4-व्हीलर में फ्रंट सीट पर बैठे दोनों व्यक्तियों को सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है। भविष्य में पीछे बैठने वाले पैसेंजर्स के लिए भी यह नियम लागू किया जा सकता है। तीसरा नियम गाड़ी चलाते समय निर्धारित स्पीड लिमिट का पालन करना आवश्यक है। चौथा नियम शराब या अन्य नशीली दवाओं के प्रभाव में गाड़ी चलाना सख्त मना है, और ऐसा करते पकड़े जाने पर कड़ी सजा हो सकती है। यह नया नियम सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। और आप सभी वाहन चालकों और सवारों से अनुरोध है कि वे नए नियमों का पालन करें और सड़क पर सुरक्षित यात्रा करें। –Khushi Sharma
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Vande Bharat ट्रेनों की शुरुआत

PM मोदी का Big Step: 3 नई vande bharat ट्रेनों की शुरुआत और ₹76,000 Crore के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन

PM Modi ने तीन नई vande bharat trains को हरी झंडी दिखाई, Maharashtra में कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया PM Modi ने शनिवार, 31 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीन नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। ये ट्रेनें चेन्नई-नागरकोइल, मदुरै-बेंगलुरु और मेरठ-लखनऊ के बीच चलेंगी। इस मौके पर PM Modi ने कहा, “vande bharat modern होती Indian Railways का नया चेहरा है। आज हर रूट पर e bharat की डिमांड है। देशभर में अब 102 e bharat ट्रेनें चल रही हैं, और 3 करोड़ से ज्यादा लोग इन ट्रेनों से यात्रा कर चुके हैं। “vande bharat trains की शुरुआत पहली बार 15 फरवरी 2019 को मेक इन इंडिया स्कीम के तहत की गई थी। अब देश में 100 से ज्यादाvande bharat trains 280 से अधिक जिलों को जोड़ रही हैं। Ministry of Railwaysने कहा कि इन नई ट्रेनों में स्वदेशी टेक्नोलॉजी का use किया गया है। इनमें कवच टेक्नोलॉजी, 360 डिग्री घूमने वाली कुर्सियां, दिव्यांगजनों के अनुकूल शौचालय और इंटीग्रेटेड ब्रेल साइनेज जैसी सुविधाएं हैं। चेन्नई-नागरकोइल और मदुरै-बेंगलुरु रूट पर चलने वाली vande bharat trains का टाइमटेबल और शेड्यूल जारी कर दिया गया है। चेन्नई-नागरकोइल ट्रेन बुधवार को छोड़कर रोजाना चलेगी, जबकि लखनऊ-मेरठ वंदे भारत एक्सप्रेस का टाइमटेबल अभी जारी नहीं हुआ है। इस ट्रेन में चेयरकार का किराया लगभग 1500 रुपये रहने की उम्मीद है। PM मोदी ने लॉन्च की 3 वंदे भारत ट्रेनें और ₹76,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स PM Modiने पालघर में सिडको ग्राउंड में 76 हजार करोड़ रुपए के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। इनमें Wadhawan Port Project भी शामिल है। PM Modi ने कहा, “Maharashtra का devlopment मेरी बड़ी priority है। आज भारत की प्रगति में Maharashtra की बड़ी भूमिका है, लेकिन यह दुर्भाग्य है कि विरोधी दलों ने विकास पर हमेशा ब्रेक लगाने की कोशिश की।”Modi ने पालघर में 1,560 करोड़ रुपए की लागत से 218 फिशिंग प्रोजेक्ट का शिलान्यास भी किया। इसका aim फिशिंग सेक्टर में इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रोडक्टिविटी को बढ़ावा देना है। इस प्रोजेक्ट से फिशिंग सेक्टर में 5 लाख से अधिक रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने 360 करोड़ रुपए की लागत से नेशनल रोल आउट ऑफ वेसल कम्युनिकेशन एंड सपोर्ट सिस्टम का शुभारंभ किया, जिससे 13 तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मछली पकड़ने के जहाजों पर 1 लाख ट्रांसपोंडर लगाए जाएंगे। PM Modi के इन कदमों से देश के रेलवे नेटवर्क और Maharashtra के विकास में महत्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद है। –Pooja Mishra
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Malayalam Film Industry में फिर बड़ा विवाद

Malayalam Film Industry में फिर बड़ा विवाद: 2 बार यौन शोषण के गंभीर आरोप डायरेक्टर रंजीत पर

Malayalam film industry में controversy: Director Ranjeet पर यौन शोषण के आरोप, एक्टर ने दर्ज कराई शिकायत Malayalam film industry एक बार फिर से controversy में घिर गई है, और इस बार यह मामला director Ranjeet से जुड़ा है। एक young actor ने director Ranjeet पर यौन शोषण का आरोप लगाया है, जिसके बाद इस घटना ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दिया है। केरल पुलिस के हवाले से ANI ने इस घटना की पुष्टि की है, और बताया गया है कि victim ने रंजीत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। victim actor के मुताबिक , रंजीत ने उसे ऑडिशन के लिए बेंगलुरु के एक होटल में बुलाया था। लेकिन वहां पहुंचने के बाद उसे समझ आया कि situation कुछ और है। Actor ने आरोप लगाया कि director ranjeet ने उसे अपने कपड़े उतारने के लिए कहा, और जब उसने मना किया तो उसके साथ मारपीट की गई। victim का दावा है कि उसे लगा था कि यह audition का हिस्सा है, लेकिन बाद में उसे एहसास हुआ कि यह exploitation था।actor ने आरोप लगाया कि घटना के अगले दिन ranjeet ने उसे पैसे भी ऑफर किए थे। victim ने इस पूरे मामले की शिकायत केरल के DGP (Director General of Police) के पास दर्ज कराई है। इस मामले की investigation के लिए केरल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (SIT) को नियुक्त किया गया है। SIT में चार महिला पुलिस अधिकारी शामिल हैं, जो इस sensitive case की investigation करेंगी। Malayalam Film Industry में उथल-पुथल: डायरेक्टर रंजीत पर 2 यौन शोषण के आरोप Ranjeet पर पहले भी इस तरह के आरोप लग चुके हैं। कुछ समय पहले एक bengali actress ने भी ranjeet पर sexual harassment का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि 2009 में एक film के auditon के दौरान ranjeet ने उनके साथ गलत व्यवहार किया था। इन आरोपों के बाद ranjeet ने Kerala Film Academy से resign दे दिया था। Kerala Government ने जस्टिस हेमा कमेटी की रिपोर्ट के बाद Malayalam Film Industry में हो रहे यौन शोषण के मामलों की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया है। इस कमेटी की रिपोर्ट ने इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर हो रहे sexual harassment के मामलों को उजागर किया था, जिसके बाद सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया। director ranjeet पर लगे इस नए आरोप ने Malayalam Film Industry को एक बार फिर से कठघरे में खड़ा कर दिया है, और अब सबकी नजरें इस मामले की जांच पर टिकी हुई हैं। –Pooja Mishra 
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Assembly Elections 2024

Assembly Elections 2024: जम्मू-कश्मीर की राजनीति में 10 Years बाद बड़ा उलटफेर

Jammu-Kashmir Assembly Elections 2024: सियासी हलचल Jammu-Kashmir में 10 साल के लंबे इतंजार के बाद होने जा रहे Assembly elections का ऐलान हो गया है इसी के साथ ही क्षेत्र की राजनीतिक हलचलें भी तेज हो गई हैं। Election comission ने हाल ही में ऐलान किया है कि Jammu -Kashmir में तीन चरणों में Assembly elections आयोजित किए जाएंगे। मतदान की तारीखें 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को निर्धारित की गई हैं। यह चुनावी प्रक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद यह पहला Assembly elections है, जिसमें क्षेत्र की राजनीतिक दिशा और भविष्य पर महत्वपूर्ण effect पड़ेगा। 5 अगस्त 2019 को Central goverment ने अनुच्छेद 370 को रद्द करते हुए जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों—Jammu -Kashmir और लद्दाख—में विभाजित कर दिया गया। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद से Jammu -Kashmir में राजनीतिक गतिविधियां काफी हद तक सीमित हो गई थीं। अब, Assembly elections घोषणा के साथ, राजनीतिक दलों के बीच activity फिर से देखने को मिल रही है। Jammu -Kashmir में प्रमुख राजनीतिक दलों में कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP), भारतीय जनता पार्टी (BJP), और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस शामिल हैं। ये सभी दल अपने-अपने एजेंडे और रणनीतियों के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव 2014 में हुए थे, जिसमें किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। उस समय, पीडीपी ने 28 सीटों के साथ सबसे अधिक सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी को 25 सीटें मिली थीं। नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस को क्रमशः 15 और 12 सीटें मिली थीं। पीडीपी और बीजेपी ने मिलकर सरकार बनाई थी, लेकिन यह गठबंधन सरकार पूरे कार्यकाल तक नहीं चल सकी। मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद उनकी बेटी महबूबा मुफ्ती मुख्यमंत्री बनीं, लेकिन बीजेपी और पीडीपी के बीच मतभेद बढ़ते गए और 2018 में महबूबा मुफ्ती ने इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया। इस बार के चुनाव में, कोई भी बड़ा राजनीतिक गठबंधन नजर नहीं आ रहा है। हालांकि, कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस इंडिया गठबंधन में शामिल हैं, लेकिन Jammu -Kashmir में उनके बीच कोई औपचारिक गठबंधन नहीं है। Assembly Elections 2024: 10 साल बाद की सबसे बड़ी राजनीतिक टक्कर बीजेपी ने इस बार जम्मू रीजन की 43 सीटों पर ध्यान केंद्रित किया है और अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। पार्टी को उम्मीद है कि वह लगभग 35-36 सीटें हासिल कर सकती है। कश्मीर रीजन में, बीजेपी निर्दलीय उम्मीदवारों पर दांव लगाने की योजना बना रही है, जिन्हें बाद में पार्टी में शामिल किया जा सके। बीजेपी ने इस बार 40 साल से कम उम्र के उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है और अल्पसंख्यक नेताओं को भी अपने पक्ष में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पीडीपी नेता और महबूबा सरकार में मंत्री रहे चौधरी जुल्फिकार अली को बीजेपी में शामिल करना इसी रणनीति का हिस्सा है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने राज्य में दो सीटों पर जीत हासिल की थी, लेकिन विधानसभा चुनाव में पार्टी की चुनौती यह होगी कि वह जम्मू में अपनी पकड़ को बरकरार रखते हुए कश्मीर में भी अपनी उपस्थिति को मजबूत कर सके।नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इस चुनाव में अपने घोषणापत्र में कई महत्वपूर्ण वादे किए हैं, जिनमें 200 यूनिट मुफ्त बिजली, पानी के संकट से राहत, और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को हर साल 12 एलपीजी सिलेंडर मुफ्त देने की घोषणा शामिल है। पार्टी ने सत्ता में आने के 180 दिनों के भीतर एक व्यापक नौकरी पैकेज, एक लाख युवाओं को नौकरियां देने और सरकारी विभागों में सभी रिक्तियों को भरने का वादा किया है। उमर अब्दुल्ला ने यह स्पष्ट किया है कि पार्टी केवल वही वादे कर रही है जिन्हें वह पूरा कर सकती है। पीडीपी ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है, जिसमें महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिज़ा मुफ्ती को भी शामिल किया गया है। इल्तिज़ा मुफ्ती बिजबिहारा Assembly Elections सीट से चुनाव लड़ेंगी। पीडीपी के इस कदम को पार्टी के भीतर नई ऊर्जा लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।इस बार के चुनावों में अनुसूचित जनजाति (एसटी) कोटा लागू होने के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव है। जम्मू-कश्मीर में सीटों की संख्या अब 90 हो गई है, जिसमें जम्मू क्षेत्र को सात में से छह अतिरिक्त सीटें मिली हैं। 2024 का चुनावी महासंग्राम: जम्मू-कश्मीर में 5 बड़ी चुनौतियां Jammu -Kashmir अब Delhi और पुडुचेरी के बाद निर्वाचित Assembly Elections वाला तीसरा केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) बन जाएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि एसटी कोटा लागू होने से चुनावी परिणामों पर क्या प्रभाव पड़ता है।कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस, और पीडीपी ने लोकसभा चुनाव में साथ मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में कश्मीर की तीन सीटों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के बीच सीधा मुकाबला हो गया था। कांग्रेस चाहती है कि विधानसभा चुनाव में वह एनसी और पीडीपी के साथ मिलकर लड़े, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई औपचारिक गठबंधन नहीं हुआ है।जम्मू-कश्मीर में आगामी Assembly Elections में त्रिशंकु विधानसभा की संभावना बनी हुई है। कोई भी पार्टी स्पष्ट बहुमत हासिल करने में सक्षम नहीं दिख रही है, जिससे गठबंधन की राजनीति की अहमियत बढ़ जाती है। बीजेपी, कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस, और पीडीपी सभी अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ चुनावी मैदान में उतर रहे हैं, और यह देखना दिलचस्प होगा कि किस पार्टी या गठबंधन को जनता का समर्थन मिलता है। जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक भविष्य पर इस Assembly Elections का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा, और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कौन सा दल या गठबंधन इस चुनौतीपूर्ण चुनावी परिदृश्य में विजयी होता है। –Pooja Mishra
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