आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर, तिरुपति, में लड्डू प्रसाद को लेकर चल रहा विवाद हाल ही में फिर से सुर्खियों में आया है। तिरुपति मंदिर के लड्डू, जो श्रद्धालुओं के बीच बहुत लोकप्रिय हैं, अब एक नए विवाद में उलझ गए हैं।VHP के central guidance board की एक बैठक में मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से आजादी दिलाने और धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदिर की पवित्रता के लिए महाशांति यज्ञ का आयोजन भी किया गया। यह यज्ञ सुबह 6 बजे से 10 बजे तक चला, जिसमें तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अधिकारी शामिल हुए।राज्य सरकार ने तिरुपति मंदिर के लड्डू की जांच के लिए एक special investigation team (SIT) का गठन किया है। Chief Minister Chandrababu Naidu ने कहा है कि SIT की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Deputy CM Pawan Kalyan ने भगवान से क्षमा मांगी है और कहा, “जब हिंदू मंदिरों को अपवित्र किया जाता है, तो हमें चुप नहीं रहना चाहिए।” उन्होंने 22 सितंबर से 11 दिनों की प्रायश्चित दीक्षा की शुरुआत की है।Tirumala Tirupati Devasthanams के कार्यकारी अधिकारी जे श्यामला राव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि लड्डू बनाने में इस्तेमाल किया गया घी जानवरों की चर्बी से मिलाया गया था। चार लैब रिपोर्ट्स में इस बात की पुष्टि हुई है।पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस विवाद पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि ऐसी मिलावट हर तीर्थ स्थल पर हो सकती है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरू हो गई हैं। तेलुगु देशम पार्टी ने आरोप लगाया है कि पूर्व जगन सरकार के दौरान लड्डू में जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल किया गया। चंद्रबाबू नायडू ने लैब रिपोर्ट के आधार पर आरोप लगाए हैं।सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में इस मामले पर याचिकाएं भी दायर की गई हैं, जबकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने आंध्र प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी है।डेयरी कंपनी अमूल ने इस विवाद में स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि उसने कभी भी तिरुपति मंदिर को घी सप्लाई नहीं किया।तिरुपति मंदिर, जो दुनिया के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है, यहाँ प्रतिदिन लगभग 70,000 श्रद्धालु आते हैं। यह विवाद भक्तों के बीच पवित्रता को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।हम इस मामले पर नजर बनाए रखेंगे और आपको अपडेट देते रहेंगे। इस पर आपकी क्या राय है? हमें अपने विचार कमेंट में बताएं। जुड़े रहिए [नीतिपथ] के साथ। धन्यवाद
Pooja Mishra
