जम्मू-कश्मीर में आज विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान शुरू हो गया है। यह चुनाव 10 साल बाद हो रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। जम्मू-कश्मीर में सात जिलों की 24 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिसमें अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां, डोडा, रामबन, किश्तवाड़ और कुलगाम शामिल हैं। मतदान सुबह 7 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। केंद्र शासित प्रदेश में कुल 90 निर्वाचन क्षेत्रों में लगभग 87.09 लाख मतदाता हैं, जिनमें से 42.6 लाख महिलाएं हैं।चुनाव आयोग की व्यवस्था के तहत, पहले चरण के मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, खासकर आतंकवादी हमलों को ध्यान में रखते हुए।
सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि मतदाता स्वतंत्रता से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। कुल 3276 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जहां मतदाता अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।इस चुनाव का महत्व इस बात से और बढ़ जाता है कि यह अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद पहला विधानसभा चुनाव है। अगस्त 2019 में इस अनुच्छेद को खत्म करने के बाद से क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता की बहाली की कोशिशें जारी हैं।
इस बार मतदाता अपने नेताओं का चुनाव करने के लिए उत्सुक हैं।मतदान के पहले दिन, विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ देखने को मिली। जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों में मतदान की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। दोपहर 1 बजे तक 41.2% मतदान हो चुका था। विभिन्न जिलों में मतदान का प्रतिशत भिन्नता दिखा रहा है; जैसे कि डोडा में 50.81%, किश्तवाड़ में 56.86% और पुलवामा में 29.84% वोटिंग हुई है।एक मतदाता, कल्पान कौल ने बताया कि, “मुझे मतदान करके बहुत खुशी हो रही है।
10 साल बाद मैंने अपनी मातृभूमि के लिए वोटिंग की है। हमने उस प्रत्याशी के लिए वोट दिया है जिससे हमें उम्मीद है कि वह हमारे कश्मीर के लिए बहुत कुछ करेगा।”दिल्ली में रह रहे विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए भी वोटिंग की सुविधा दी गई है। जम्मू कश्मीर हाउस में मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। हालांकि, कुछ मतदाता नाम वोटर लिस्ट में नहीं होने से नाराजगी भी जता रहे हैं।
राजनीतिक दलों के नेता भी इस चुनाव में अपने-अपने उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाने में लगे हैं। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस समिति के पूर्व अध्यक्ष विकार रसूल वानी ने कहा, “मैंने 2008 और 2014 में चुनाव लड़ा था और जीता भी था। आज मैंने अपने समर्थन में अधिक लोगों को देखा है। मुझे विश्वास है कि इस चुनाव में भी मुझे जीत मिलेगी।”जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी लोगों से वोट करने की अपील की। उन्होंने एक्स पर लिखा, “आज जम्मू-कश्मीर में मतदान का पहला चरण है। इसलिए मैं उन सभी मतदाताओं से अपील करता हूं जिनके क्षेत्र में मतदान हो रहा है कि वे अपने मताधिकार का जरूर इस्तेमाल करें।
खासतौर पर युवा, महिलाएं और जो पहली बार वोट दे रहे हैं।”कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी लोगों से वोट देने की अपील की और लिखा, “मेरे भाइयों और बहनों, आज प्रदेश में पहले चरण के मतदान हो रहे हैं। यह आपका संवैधानिक अधिकार है।” उन्होंने जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के लोगों के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।कुलगाम के डिप्टी कमिश्नर ने भी स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा, “हर जगह मतदान सुचारू रूप से चल रहा है। हमारे 372 मतदान केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं पूरी हैं।
हम यहां से हर मतदान केंद्र पर अपनी निगरानी भी रखते हैं।”आज की वोटिंग में जम्मू-कश्मीर के युवा मतदाताओं की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। यहां पहली बार वोट देने वाले युवा मतदाताओं की संख्या 3.71 लाख है। कुल 20.7 लाख मतदाता 20 से 29 वर्ष की आयु के बीच हैं। यह दर्शाता है कि युवा मतदाता अपनी आवाज को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने के लिए तत्पर हैं।
पहले चरण का मतदान शुरू, 10 साल बाद का महत्वपूर्ण मौका
जम्मू-कश्मीर में मतदान की प्रक्रिया के दौरान, पार्टी नेताओं और उम्मीदवारों ने मतदाताओं से बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील की है। भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, “आज जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में प्रथम चरण के लिए मतदान कर रहे सभी मतदाताओं से भारी संख्या में मतदान करने की अपील करता हूं।”इस पहले चरण की वोटिंग को लेकर जम्मू-कश्मीर की आम जनता में उत्साह और उमंग देखने को मिल रही है।
लोग अपने नेताओं का चुनाव करने के लिए तैयार हैं और अपने मताधिकार का प्रयोग करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।इस प्रकार, जम्मू-कश्मीर में पहले चरण के मतदान के साथ ही यह स्पष्ट हो रहा है कि स्थानीय लोग लोकतंत्र की प्रक्रिया में अपनी भागीदारी को लेकर कितने गंभीर हैं। अब अगली वोटिंग 25 सितंबर को होगी, और इसके बाद 1 अक्टूबर को अंतिम चरण का मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
Pooja Mishra
