उत्तर प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों को लेकर चर्चा तेज है । आपको बता दें कि 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए इसे सेमीफाइनल माना जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए इंडिया गठबंधन और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गए हैं।
इंडिया गठबंधन, जिसने लोकसभा चुनाव 2024 में प्रभावशाली प्रदर्शन किया था, अब उपचुनाव में भी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस इस गठबंधन का एक महत्वपूर्ण घटक है और इस उपचुनाव में 5 सीटों पर अपनी दावेदारी पेश कर रही है। जबकि कांग्रेस समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन कर उम्मीदवार उतारने वाले है । लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस को 17 सीटों पर सीमित कर रह गई थी । जबकि सपा ने 63 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। कांग्रेस इस बार 50-50 सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर जोर दे रही है, जिससे उसकी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है ।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा इन उपचुनावों अपनी प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही है। भाजपा ने सभी 10 सीटों पर जीत हासिल करने के लिए विशेष रणनीति बनाई है और मंत्रियों की एक कमेटी गठित कर उन्हें इन सीटों पर जीत की योजना तैयार करने की जिम्मेदारी दी है। सीएम योगी के लिए ये उपचुनाव उनकी लोकप्रियता को और मजबूती प्रदान करने का एक अवसर भी हैं।
उधर, कांग्रेस ने उपचुनाव में एनडीए के कब्जे वाली पांच सीटों पर अपनी दावेदारी जताई है, जबकि समाजवादी पार्टी की पांच सीटों पर वह सपा के साथ मिलकर काम करने की बात कर रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी की तैयारी पांच सीटों पर पुख्ता है, और एनडीए की जीती हुई सीटों पर उनकी नजर है।
–Khushi Sharma
