Middle East में युद्ध: इज़राइल और हमास के युद के बारे मे सब जानते लेकिन क्या आप जानते है कि इन मिडिल ईस्ट क्षेत्र में युद की मुख्या वजह है . जिसकी आबादी 25.87 करोड है अगर बात करे इसकी economy की तो 3.57 trillian dollar है “Middle East… एक ऐसा क्षेत्र जो अपने History , culture or natural resources के लिए जाना जाता है। लेकिन फिर भी यह क्षेत्र लंबे समय से संघर्ष और विवादों में घिरा रहा है।
आखिर क्यों? क्या हैं इसके प्रमुख कारण?””Middle East नाम यूरोप और एशिया के बीच होने के कारण ‘मिडिल’। और अमेरिका व ब्रिटेन के पूर्व में होने की वजह से ‘ईस्ट’। यह सत्रह देशों से बना है, जो कभी ऑटोमन साम्राज्य के अधीन थे।”पहला कारण है —साइक्स-पिकॉट एग्रीमेंट। प्रथम विश्व युद्ध के बाद ऑटोमन साम्राज्य का पतन हो गया था . और ब्रिटेन-फ्रांस के बीच हुए इस समझौते ने Middle East का नक्शा बदल दिया। एक पेंसिल से खींची गई एक लकीर ने देशों की सीमाओं को बाट दिया .
अगर हम इसमें “इराक का उदाहरण लें तो—शिया, सुन्नी और कुर्द जैसे तीन प्रमुख समुदायों एक देश में मिला गए, जो की पहले कभी एकजुट नहीं थे। इसका परिणाम यह हुआ कि 2003 में जब अमेरिका ने इराक पर हमला किया तब गृह युद्ध छिड़ गया। अब बात करे सीरिया की तो शिया-सुन्नी विवाद गृह युद्ध का कारण बना। ईरान और सऊदी अरब के बीच का विवाद नेतृत्व से जुडा हुऔ था .
Middle East विवाद: धर्म, राजनीति और पश्चिमी हस्तक्षेप के प्रमुख कारण
दूसरे कारण की बात करे तो पश्चिमी देशों का हस्तक्षेप। तेल और जमीन की राजनीति के कारण पश्चिमी देशों ने Middle East में हमेशा अपनी रुचि दिखाई है। और सीरिया के गृह युद्ध में अमेरिका और पश्चिमी देशों ने विद्रोहियों को समर्थन किया .
अगर बात करे इसकी economy की तो 3.57 trillian dollar है और सीरिया के गृह युद्ध में अमेरिका और पश्चिमी देशों ने विद्रोहियों को समर्थन किया .
1953 में, अमेरिका और ब्रिटेन ने ईरान के प्रधानमंत्री मोहम्मद मुसद्दी को हटाने के लिए तख्तापलट में भाग लिया। यह एक और उदाहरण है कि कैसे बाहरी हस्तक्षेप ने मिडिल ईस्ट को प्रभावित किया।
और अब, इज़राइल और हमास के बीच की ताजा जंग ने फिर से इस क्षेत्र को अशांत कर दिया है। लेबनान के हिजबुल्ला से लेकर ईरान तक की भूमिका इस मामले में नजर आती है।”
“धर्म, राजनीति, और बाहरी हस्तक्षेप के कारण ही Middle East दुनिया का सबसे अशांत क्षेत्र बना चुका हैं।
–Khushi Sharma
