isreal और Hizbullah के बीच छिड़ी जंग, क्योंकि हिज़बुल्लाह ने लेबनान से इसराइल की ओर 300 से ज़्यादा रॉकेट दागे हैं। इन रॉकेट हमलों के जवाब में इसराइल ने भी लेबनान में कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। दोनों पक्षों के बीच यह ताज़ा संघर्ष क्षेत्र में अशांति और तनाव को और बढ़ा सकता है। इसराइल के रक्षा बलों (IDF) ने बताया कि हिज़बुल्लाह के इन हमलों में कई नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। हालाँकि, इसराइली रक्षा प्रणाली ‘आयरन डोम’ ने कई रॉकेटों को मार गिराया है, फिर भी कुछ रॉकेट इसराइल के उत्तरी हिस्सों में गिरे हैं, जिससे कई लोग घायल हो गए हैं और संपत्ति का भी नुकसान हुआ है। इसराइल ने हिज़बुल्लाह के रॉकेट हमलों के जवाब में लेबनान में हिज़बुल्लाह के संदिग्ध ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इसराइल का कहना है कि उसके हमले हिज़बुल्लाह के रॉकेट लॉन्चर और सैन्य ठिकानों पर केंद्रित थे, और ये कार्रवाई आत्मरक्षा के रूप में की गई है। लेबनान की सरकार और हिज़बुल्लाह ने इसराइली हमलों की निंदा की है और इसे क्षेत्र की संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस ताज़ा संघर्ष पर चिंता व्यक्त की है और दोनों पक्षों से संयम बरतने और स्थिति को और अधिक तनावपूर्ण न बनाने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों के साथ संवाद कर रहे हैं। इस बीच, स्थानीय लोग तनाव और हिंसा की बढ़ती घटनाओं से डरे हुए हैं और स्थिति के शांत होने की प्रार्थना कर रहे हैं। इस ताज़ा संघर्ष ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए एक नई चुनौती पेश की है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी कड़ी निंदा हो रही है।
48 घंटे की इमरजेंसी, 100 लड़ाकू विमानों से पलटवार तेल अवीव/लेबनान इजराइल-हमास के बीच जारी युद्ध को 325 दिन हो चुके हैं। इसी बीच, ईरान के समर्थित लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह ने रविवार तड़के 5 बजे इजराइल के एक दर्जन से ज्यादा मिलिट्री बेस को निशाना बनाकर 320 से ज्यादा रॉकेट दागे हैं। पिछले अक्टूबर में गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से हिजबुल्ला की ओर से सबसे बड़ा हमला है। इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने 48 घंटे की इमरजेंसी का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इजराइल को टारगेट करने वाले हजारों रॉकेट नष्ट कर दिए हैं। आईडीएफ के 100 से ज्यादा लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी लेबनान में 40 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया।
Hizbullah ने कत्युशा रॉकेट का इस्तेमाल किया और मध्य इजराइल के हर्जलिया शहर के करीब ग्लिलोट बेस में कई इजराइली सेना का कई खुफिया इकाइयां भी स्थित हैं। • हिजबुल्ला का कहना है कि ये हमले 30 जुलाई को बेरूत में छापा मारा, जिसके बारे में खुफिया जानकारी मिली थी कि हमास नेता याह्या सिनवार वहां छिपा हुआ था। लेकिन बाद में पता चला कि सिनवार कुछ ही दिन पहले खान यूनिस शहर के नीचे बंकर से बाहर निकल गया। सिनवार ने बहुत पहले ही इलेक्ट्रॉनिक संचार छोड़ दिया था और अब तक वे परिष्कृत खुफिया जाल से दूर रहे हैं। माना जाता है कि दोनों देशों ने सिनवार को खोजने के लिए भारी संसाधन खर्च किए हैं।
– khushi sharma
