हाल ही में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पर दोबारा जानलेवा हमला हुआ है, जिसने अमेरिका में राजनीतिक हिंसा और गन कल्चर की बहस को फिर से तेज कर दिया है। फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में अपने गोल्फ कोर्स में गोल्फ खेलते समय, एक हमलावर ने AK-47 से Donald Trump पर हमला किया, लेकिन ट्रंप की सुरक्षा में तैनात सीक्रेट सर्विस ने उन्हें बचा लिया। इससे पहले जुलाई में भी पेंसिलवेनिया रैली के दौरान उन पर हमला हुआ था। यह हमला अमेरिका से सैकड़ों मील दूर हैती में राष्ट्रपतियों की हत्याओं की घटनाओं की याद दिलाता है।
Donald Trump पर हमले के बाद गन कंट्रोल पर बहस: अमेरिका की अस्थिर राजनीति
हैती में 7 जुलाई 2021 को राष्ट्रपति जोवेनाइल मोइसे की हत्या के बाद यह सवाल फिर से उठने लगा कि क्या अमेरिका की राजनीतिक हिंसा और गन कल्चर से दुनिया भी प्रभावित हो रही है। अमेरिका में गन रखने का कल्चर बहुत ही व्यापक है, जिसके कारण राजनीतिक हिंसा का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। 2023 में अब तक 1.67 करोड़ से अधिक बंदूकें बेची गई हैं। अमेरिका में गन खरीदना बेहद आसान है, जिसकी वजह से वहां हर दिन औसतन 100 लोग गोलीबारी में मारे जाते हैं। 50 सालों में गोलीबारी की घटनाओं में 14 लाख से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स का गन नीति पर मतभेद
अमेरिका में गन रखने को लेकर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स में गहरा मतभेद है। रिपब्लिकन गन रखने को आत्मरक्षा का माध्यम मानते हैं, जबकि डेमोक्रेट्स इसे समाज और खुद के लिए खतरा समझते हैं। Donald Trump खुद भी गन कल्चर के समर्थक रहे हैं और उन्होंने 2016 में एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि वह खुद एक रिवॉल्वर रखते हैं। अमेरिका में बढ़ती राजनीतिक हिंसा और गन कल्चर की वजह से वहां की सुरक्षा और स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
–Khushi Sharma
