Nitipath

सावित्री जिंदल ने हिसार सीट पर जीती

सावित्री जिंदल का राजनीतिक सफर: हिसार में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मिली सफलता

हरियाणा में बीजेपी की जीत: सावित्री जिंदल ने हिसार सीट पर जीती हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने लगातार तीसरी बार अपनी जीत 48 सीट से दर्ज की । यह चुनाव परिणाम बीजेपी की मजबूत स्थिति के रुप में दिखाने के लिए काफी हैं, जो राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।इस चुनाव में हिसार सीट पर सभी की नजरें थीं, क्योंकि यहां भारत की सबसे अमीर महिला, Savitri Jindal, independent candidate के रूप में मैदान में उतरी थीं। 75 वर्षीय सावित्री जिंदल, जो ओपी जिंदल ग्रुप की Honorary President हैं, Savitri Jindal ने अपने opponent यानी Congress candidate Ram Niwas Ranaको 18,941 वोटों से हराया। सावित्री को कुल 49,231 वोट मिले, जबकि राम निवास राणा को 30,290 वोट मिले। BJP के candidate कमल गुप्ता तीसरे स्थान पर रहे, जिनके पास 17,385 वोट थे।सावित्री जिंदल ने 2005 में अपने पति के निधन के बाद राजनीति में कदम रखा। उन्होंने पहले कांग्रेस के टिकट पर हिसार सीट से चुनाव लड़ा और जीती। हिसार में अलग- अलग जातियों के voters हैं, जिनमें पंजाबी, बनिया, सैनी, जाट, और ब्राह्मण शामिल हैं।हरियाणा में 5 अक्टूबर को हुए votes में BJP ने अच्छा प्रदर्शन किया | –Pooja Mishra
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Dushyant Chautala

Dushyant Chautala हरियाणा की सियासत में नीतीश कुमार जैसा रोल क्यों तलाश रहे हैं?

हरियाणा के Former Deputy CM Dushyant Chautalaआने वाले चुनावों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरह किंगमेकर नहीं, बल्कि किंग बनने की कोशिश में हैं। उन्होंने हाल ही में कहा कि इस बार “ताला भी हमारा होगा और चाबी भी हमारी होगी,” जिससे उनके इरादे स्पष्ट हो गए हैं।दुष्यंत ने नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे नीतीश ने अपनी पार्टी के साथ 42 विधायकों के बावजूद BJP के साथ मिलकर सरकार बनाई। नीतीश कुमार की तरह किंग बनने की तैयारी उनका इशारा साफ था कि वे हरियाणा में भी ऐसा ही राजनीतिक समीकरण बनाने की योजना बना रहे हैं।दुष्यंत चौटाला की रणनीति में कुछ प्रमुख बिंदु शामिल हैं। पहला, उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय युवाओं के लिए 75% Reservation और पंचायतों में महिलाओं के लिए 50% Reservation की बात की है। उनका फोकस न केवल जाट समुदाय पर है, बल्कि वह खुद को एक युवा और महिला supporters नेता के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। दुष्यंत चौटाला: किंगमेकर या किंग? दूसरा, हरियाणा में BJP और Congress के बीच मुख्य मुकाबला होने के बावजूद, क्षेत्रीय पार्टियों के लिए राजनीतिक अवसर मौजूद हैं। Dushyant Chautala के लिए INLD के कमजोर होने के बाद JJP के रूप में एक मजबूत क्षेत्रीय विकल्प स्थापित करना फायदेमंद हो सकता है।तीसरा, Dushyant Chautala ने झारखंड और कर्नाटक में हंग असेंबली के उदाहरणों का हवाला दिया, जहां छोटे दलों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। उनका मानना है कि हरियाणा में भी ऐसे समीकरण बन सकते हैं, जिसमें JJP एक प्रमुख भूमिका निभा सकती है। हरियाणा की राजनीति में क्षेत्रीय दलों के लिए अवसर Dushyant Chautala की नीतीश कुमार की तरह किंग बनने की कोशिश हरियाणा की राजनीति में क्षेत्रीय दलों की बढ़ती ताकत को दर्शाती है। उनका फोकस महिलाओं और युवाओं पर है, और वे JJP के माध्यम से एक मजबूत विकल्प पेश करने के लिए तैयार हैं। अब देखना यह है कि क्या Dushyant Chautala अपनी रणनीति को सफल बना पाते हैं या फिर उन्हें किंगमेकर की भूमिका में संतोष करना पड़ेगा। ऐसे ही और अपडेट के लिए बने रहें नितिपथ के साथ। धन्यवाद| Pooja Mishra
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बजरंग पूनिया की राजनीति में एंट्री: खुड्डन गांव के पहलवानों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

ओलंपिक मेडलिस्ट बजरंग पूनिया की राजनीति में एंट्री ने हरियाणा के कुश्ती जगत में हलचल मचा दी है। 30 वर्षीय पहलवान ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी जॉइन की है और अब वे आने वाले विधानसभा चुनावों में अपनी किस्मत आजमाने के लिए तैयार हैं। लेकिन उनके इस फैसले पर गांव खुड्डन के लोग, विशेषकर पहलवानों, की राय क्या है?बजरंग का गांव खुड्डन उनके कुश्ती करियर के साथ-साथ उनके राजनीतिक सफर का भी गवाह है। गांव की सड़कें बारिश से बदहाल हैं, लेकिन यहां की मिट्टी में कुश्ती का जुनून रचा-बसा है। बजरंग के दादा और पिता भी पहलवान रहे हैं, और बजरंग ने महज 5-6 साल की उम्र में पहलवानी की ट्रेनिंग शुरू की थी।गांव की निवासी सरिता ने बताया, “बजरंग के माता-पिता ने कहा था कि हमारे पास पैसे नहीं हैं, लेकिन हम तुझे दूध-घी की कमी महसूस नहीं होने देंगे। इसी से उन्होंने अपनी डाइट को बनाए रखा।”जब बात हुई बजरंग की राजनीति में एंट्री की, तो गांव में लोगों की राय बंटी हुई दिखी। कुछ लोग मानते हैं कि खिलाड़ी को खेल पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। एक निवासी ने कहा, “हम ओलंपिक्स में रेसलिंग में अभी भी गोल्ड का इंतजार कर रहे हैं।”हालांकि, बजरंग के चचेरे भाई रवींद्र ने उनका support करते हुए कहा, “बहुत लोगों की आस बजरंग से जुड़ी हुई है। हमें उम्मीद है कि वे खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाएंगे।”गांव के अखाड़े में मस्तूराम पहलवान ने कहा, “बजरंग का राजनीति में जाना सही है। एक खिलाड़ी ही दूसरे खिलाड़ी का भला कर सकता है। अगर बजरंग राजनीति में सफल होते हैं, तो इससे गांव के बच्चों में प्रेरणा पैदा होगी।”हालांकि, गांव में सुविधाओं का अभाव अभी भी बना हुआ है। मिंटू पहलवान ने कहा, “गांव में जिम और मैट की सुविधाएं नहीं हैं। अगर हमारे गांव में भी छत्रसाल स्टेडियम जैसी सुविधाएं होतीं, तो हम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीत सकते थे।”बजरंग की राजनीति में एंट्री ने जहां कुछ लोगों को प्रेरित किया है, वहीं अन्य की आशंकाएं भी हैं। गांव की लड़कियां भी पहलवानी कर रही हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें बाहर के अखाड़ों में जाना पड़ता है।बजरंग पूनिया की राजनीतिक यात्रा अब गांव खुड्डन के लोगों की उम्मीदों और सवालों के साथ जुड़ गई है। क्या वे अपने गांव के लिए कुछ कर पाएंगे? यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन उनके निर्णय ने गांव की सूरत को बदलने की एक नई कहानी शुरू कर दी है। ऐसे ही और अपडेट के लिए बने रहें नितिपथ के साथ। धन्यवाद! Pooja mishra 
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हरियाणा में कुमारी शैलजा के अपमान पर सियासी हलचल: खट्टर का ऑफर

हरियाणा में कुमारी शैलजा के अपमान पर सियासी हलचल: खट्टर का ऑफर

हरियाणा की राजनीति में एक नई हलचल देखने को मिल रही है, जब BJP के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कांग्रेस की दलित नेता कुमारी शैलजा को पार्टी में शामिल होने का ऑफर दिया। खट्टर ने आरोप लगाया कि शैलजा का कांग्रेस में अपमान हुआ है, जिसके चलते वे हाल के दिनों में पार्टी के प्रचार से दूर हैं।खट्टर ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, “कुमारी शैलजा को गालियां दी गईं हैं और अब वे घर बैठी हैं। इस अपमान के बावजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा और गांधी परिवार को कोई शर्म नहीं आई।” उन्होंने यह भी कहा कि BJP ने कई नेताओं को अपने साथ लाने में सफलता पाई है और वे शैलजा को भी अपने पाले में लाने के लिए तैयार हैं।कुमारी शैलजा, जो पहले कांग्रेस की एक प्रमुख दलित नेता मानी जाती थीं, पिछले हफ्ते से active नहीं हैं और अपने supports से ही मिल रही हैं। कुमारी शैलजा का अपमान: हरियाणा में दलित वोट बैंक की राजनीति में गर्मी उनकी इस नाराजगी ने हरियाणा की चुनावी राजनीति में गर्मी बढ़ा दी है। दलित वोट बैंक की राजनीति करने वाली पार्टियां भी शैलजा को अपने पाले में लाने का कोशिश कर रही हैं।BJP ने कांग्रेस पर तीखा जवाब देते हुए कहा कि यदि वे अपनी दलित नेता कुमारी शैलजा का सम्मान नहीं कर पा रही हैं, तो प्रदेश के बाकी दलितों का क्या करेंगी। इस बीच, बहुजन समाज पार्टी (BSP) के राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर आकाश आनंद ने भी शैलजा के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कुमारी शैलजा जैसी दलित नेता के साथ कांग्रेस का व्यवहार उनकी दलित विरोधी मानसिकता को दिखाता है। “आकाश ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी आरक्षण खत्म करने की सोच रखती है और दलितों के सम्मान का कोई ख्याल नहीं रखती।इस प्रकार, कुमारी शैलजा का मुद्दा हरियाणा की राजनीति में एक नई बहस का विषय बन गया है, जहां दलित वोट बैंक की राजनीति को लेकर सियासी दलों के बीच जंग छिड़ गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि शैलजा इस सियासी खींचतान में क्या कदम उठाती हैं और किस दिशा में जाती हैं। ऐसे ही और अपडेट के लिए बने रहें नितिपथ के साथ। धन्यवाद! Pooja Mishra
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हरियाणा चुनाव: कांग्रेस नेता शमशेर सिंह गोगी का विवादित बयान वायरल

हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान करनाल से कांग्रेस नेता शमशेर सिंह गोगी का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने एक controversial बयान दिया है। असंध से कांग्रेस विधायक गोगी ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि यदि उनकी सरकार आती है, तो असंध का हिस्सा होगा और वे अपने रिश्तेदारों को खुश करेंगे। उन्होंने कहा, “जो हमारी मदद में आ रहे हैं, जो भाईचारे में आ रहे हैं, हम पहले अपना घर तो भरेंगे ही।” इस बयान के बाद BJP ने कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए हैं।गोगी ने वायरल वीडियो पर reaction देते हुए कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं और उनका मकसद यह था कि असंध जब जिला बनेगा तो उसे इंडस्ट्रियल हब बनाएंगे, जिससे उनके दोस्तों और रिश्तेदारों का भी भला होगा। उन्होंने नायब सिंह सैनी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें पहले अपना घर बचा लेना चाहिए। इसी बीच, फरीदाबाद एनआईटी से कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा का भी एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि 50 वोट पर उनकी सरकार एक नौकरी देगी। कांग्रेस के इन नेताओं के बयानों ने पार्टी के लिए परेशानी खड़ी कर दी है।इस चुनावी माहौल में भारत की स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट भी जींद जिले की जुलाना सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। शमशेर सिंह गोगी का विवादास्पद बयान: असंध को इंडस्ट्रियल हब बनाने का वादा हाल ही में, विनेश ने जींद में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के चुनाव चिन्ह की तुलना थप्पड़ से करते हुए कहा, “ताई हाथ का निशान, थप्पड़ का काम करेगा।” उनका यह बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है। विनेश ने यह कहा कि 5 तारीख को ये थप्पड़ दिल्ली में जाकर लगेगा, और 10 साल में जो अपमान हुआ है, उसका बदला लेना है।विनेश फोगाट, जो ओलंपिक में बिना पदक लौटने के बावजूद देशभर में सहानुभूति का केंद्र बनीं, ने कहा कि वे अपनी पगड़ी और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए चुनावी मैदान में उतरी हैं। उनके मुकाबले में भारत की पहली महिला डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर कविता दलाल और एअर इंडिया के पूर्व कैप्टन योगेश बैरागी भी हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और भी रोचक हो गया है।हरियाणा के इस चुनाव में कांग्रेस के लिए शमशेर सिंह गोगी और विनेश फोगाट के बयानों ने एक नया विवाद खड़ा किया है। दोनों नेताओं के बयानों और उनकी चुनावी रणनीतियों का आगे क्या असर होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। ऐसे ही और खबरों के लिए जुङे रहे नीतिपथ न्युज से जय हिन्द | Pooja Mishra
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BJP की दोहरी रणनीति: Haryana और Jammu – Kashmir में चुनावी मैदान में अलग-अलग हथकंडे

BJP की दोहरी चाल: Haryana और Jammu – Kashmir में अलग रणनीति Bharatiya Janata Party (BJP) आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर Haryana और Jammu – Kashmir में पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी है, लेकिन दोनों राज्यों में पार्टी की रणनीति में स्पष्ट अंतर नजर आ रहा है।  में जहां पार्टी ने पारिवारिक राजनीति को बढ़ावा दिया है, वहीं जम्मू-कश्मीर में पार्टी ने नए और सरप्राइजिंग चेहरों पर फोकस किया है।हरियाणा में बीजेपी ने टिकट बंटवारे में फैमिली कार्ड का इस्तेमाल किया है। पार्टी ने कुलदीप बिश्नोई के बेटे भव्य बिश्नोई, किरण चौधरी की बेटी श्रुति चौधरी, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत की बेटी आरती सिंह राव, और कई अन्य नेताओं के परिवार के सदस्यों को टिकट दिया है। इसके विपरीत, जम्मू-कश्मीर में बीजेपी ने नए चेहरों को टिकट देने पर जोर दिया है। पार्टी ने शगुन परिहार को किश्तवाड़ सीट से उम्मीदवार बनाया है, जो एक आतंकी हमले में अपने पिता को खो चुकी हैं। इस रणनीति के तहत बीजेपी ने अनुभवी चेहरों की बजाय नए और आश्चर्यजनक व्यक्तियों को चुनावी मैदान में उतारा है। हरियाणा में पार्टी ने जातीय गणित को साधने की कोशिश की है, जबकि जम्मू-कश्मीर में सामाजिक समीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है। हरियाणा में बीजेपी ने ओबीसी और जाट जातियों पर फोकस किया है, जबकि जम्मू-कश्मीर में पार्टी ने कश्मीरी विस्थापितों, गुर्जर-बकरवाल और पहाड़ी समुदायों को साधने की रणनीति अपनाई है।बगावत नियंत्रण की रणनीति में भी दोनों राज्यों में भिन्नता दिखाई दे रही है। हरियाणा में बीजेपी ने वेट एंड वॉच की मुद्रा अपनाई है, जबकि जम्मू-कश्मीर में पार्टी ने तत्काल नियुक्तियों के माध्यम से नाराजगी को निपटाने की कोशिश की है। जम्मू-कश्मीर में टिकट नहीं मिलने के बाद कुछ वरिष्ठ नेताओं ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की है, जिसे पार्टी ने ताबड़तोड़ नियुक्तियों के जरिए कंट्रोल करने का प्रयास किया है।फ्रीबिज के मामले में भी दोनों राज्यों में बीजेपी की रणनीति अलग है। जम्मू-कश्मीर में पार्टी ने डायरेक्ट कैश बेनिफिट और अन्य लाभों का वादा किया है, जबकि हरियाणा में इस तरह के ऐलान की कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, चुनावी लड़ाई की कड़ी टक्कर को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि हरियाणा में भी इसी तरह के लाभों की घोषणा की जा सकती है। हालांकि, हरियाणा में BJP को एक के बाद बाद कुछ झटके लगे हैं..पार्टी की टिकटों की सूची के जारी होने के बाद वहां के पूर्व डिप्टी स्पीकर और बीजेपी महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष संतोष यादव ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और एक व्यक्ति विशेष के अहंकार के आगे झुकने का आरोप लगाया है। यह स्थिति पार्टी के लिए एक नई चुनौती पैदा करती है, खासकर हरियाणा में जहां चुनाव नजदीक हैं और परिणामों की प्रतीक्षा की जा रही है।इन सभी घटनाक्रमों से स्पष्ट है कि बीजेपी दोनों राज्यों में चुनावी रणनीति के मामले में पूरी तरह से अलग-अलग दृष्टिकोण अपना रही है, जो आगामी चुनाव परिणामों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। Pooja Mishra
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AAP ने जारी की 9 उम्मीदवारों की नई लिस्ट

हरियाणा चुनाव: AAP ने जारी की 9 उम्मीदवारों की नई लिस्ट, जमीनी कार्यकर्ताओं को मिली प्राथमिकता

AAP ने हरियाणा चुनाव के लिए 9 नए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की आम आदमी पार्टी (AAP) ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए अपनी दूसरी उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें 9 नए नाम शामिल किए गए हैं। इस नई लिस्ट के साथ पार्टी द्वारा अब तक घोषित उम्मीदवारों की कुल संख्या 29 हो गई है। सोमवार को जारी की गई पहली लिस्ट में 20 उम्मीदवारों के नाम शामिल थे। दूसरी लिस्ट में सधौरा से रीता बामनिया, थानेसर से कृष्ण बजाज, इंद्री से हवा सिंह, रतिया से मुख्तियार सिंह बाजीगर, आदमपुर से एडवोकेट भूपेंद्र बेनीवाल, बारवाला से प्रोफेसर छतर पाल सिंह, बावल से जवाहर लाल, फरीदाबाद से प्रवेश मेहता, और तिगांव से अबास चंदेला के नाम हैं। पहली लिस्ट में जिन उम्मीदवारों के नाम थे, उनमें कलायत से अनुराग ढांडा, नारायणगढ़ से गुरपाल सिंह, पूंडरी से पूर्व मंत्री नरेंद्र शर्मा, घरौंडा से जयपाल शर्मा, असंध से अमनदीप जुंडला, समालखा से बिट्टू पहलवान, उचाना कलां से पवन फौजी, डबवाली से कुलदीप गदराना, रानिया से हैप्पी रानिया, भिवानी से इंदु शर्मा, महम से विकास नेहरा, रोहतक से बिजेंद्र हुड्डा, बहादुरगढ़ से कुलदीप छिक्कारा, बादली से रणबीर गुलिया, बेरी से सोनू अहलावत शेरिया, महेंद्रगढ़ से मनीष यादव, नारनौल से रविंद्र मटरू, बादशाहपुर से वीर सिंह सरपंच, सोहना से धर्मेंद्र खटाना, और बल्लभगढ़ से रविंद्र फौजदार शामिल थे। पार्टी ने जातिगत आधार के बजाय जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी है, जो उनकी चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा है। कांग्रेस और AAP के बीच गठबंधन की संभावनाओं पर भी बातचीत चल रही थी, लेकिन सीटों के बंटवारे को लेकर कोई सहमति नहीं बन सकी। हरियाणा में कुल 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव 5 अक्टूबर को होंगे और वोटों की गिनती 8 अक्टूबर को की जाएगी। –Pooja Mishra
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हरियाणा चुनाव: बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ा रहे नेताओं के विवादित बयान

हरियाणा चुनाव: बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ा रहे नेताओं के विवादित बयान

हरियाणा चुनाव में बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा रहे अपने ही नेताओं के बयान हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को अपने ही नेताओं की विवादास्पद बयानबाजी से नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पहले कंगना रनौत की किसान आंदोलन पर की गई टिप्पणी और अब भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के पहलवानों के आंदोलन पर दिए गए बयान ने पार्टी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।बीजेपी को हरियाणा में सत्ता बनाए रखने के लिए एक सशक्त रणनीति पर काम करना पड़ रहा है, लेकिन पार्टी के नेताओं के बयानों ने इसे कठिन बना दिया है। कंगना रनौत ने किसान आंदोलन पर टिप्पणी की थी, जिसने किसान और जाट समुदाय की नाराजगी को और बढ़ा दिया। अब बृजभूषण शरण सिंह ने पहलवानों के आंदोलन को लेकर कई विवादास्पद टिप्पणियाँ की हैं। उन्होंने ओलंपियन विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया के खिलाफ तीखे बयान दिए हैं, जो बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।हरियाणा में महिला मतदाता बीजेपी के लिए एक महत्वपूर्ण वोटबैंक हैं। बृजभूषण के बयान, जिसमें उन्होंने विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया को निशाना बनाया, इस वोटबैंक को आहत कर सकते हैं। विशेष रूप से बृजभूषण द्वारा महाभारत और द्रौपदी के संदर्भ में की गई टिप्पणियाँ महिला मतदाताओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती हैं। हरियाणा में कुल 2 करोड़ 2 लाख 24 हजार 958 मतदाता हैं, जिनमें 95 लाख 12 हजार 574 महिलाएं हैं। बृजभूषण के बयानों से बीजेपी की महिला मतदाताओं को नाराज करने का खतरा बढ़ गया है।बीजेपी ने खेलो इंडिया जैसे अभियानों को अपनी बड़ी उपलब्धियों के रूप में पेश किया है। बृजभूषण के बयान, जिनमें उन्होंने विनेश को ओलंपिक में हकदार न मानने की बात की, खेल जगत के लोगों और खिलाड़ियों के बीच असंतोष पैदा कर सकते हैं। हरियाणा में विनेश को मिले भावनात्मक समर्थन को देखते हुए, बृजभूषण के बयान पार्टी की खेल संबंधी रणनीति को नुकसान पहुंचा सकते हैं।हरियाणा में जाट और किसान पहले से ही बीजेपी से नाराज चल रहे हैं। कंगना रनौत के बयान ने इस नाराजगी को और बढ़ाया था, और बृजभूषण के बयान इस समस्या को और गहरा कर सकते हैं। विनेश फोगाट जाट समुदाय से आती हैं और खाप पंचायतों ने उन्हें सम्मानित किया है। बृजभूषण के बयान से खाप पंचायतें कांग्रेस के पक्ष में गोलबंद हो सकती हैं, जिससे बीजेपी के लिए चुनावी राह और कठिन हो सकती है –Pooja Mishra
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हरियाणा चुनाव: कांग्रेस की दूसरी लिस्ट में ब्रिजेंद्र सिंह, वर्धन यादव और मोहित ग्रोवर को टिकट

हरियाणा चुनाव: कांग्रेस की दूसरी लिस्ट में 9 उम्मीदवारों का एलान, गठबंधन पर चर्चा जारी

Haryana Congress की दूसरी लिस्ट:9 उम्मीदवारों के नामों का एलान हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने रविवार देर रात दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। हरियाणा कांग्रेस की दूसरी लिस्ट में 9 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। उचाना कलां से बृजेंद्र सिंह, बादशाहपुर से यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव वर्धन यादव और गुड़गांव सीट से हाल ही में कांग्रेस में आए मोहित ग्रोवर को टिकट दिया है।9 उम्मीदवारों के लिए जारी की गई कांग्रेस की दूसरी लिस्ट में थानेसर से अशोक अरोड़ा, गनौर से कुल्दीप शर्मा, उचाना कलां से ब्रिजेंद्र सिंह, तोहाना से परमवीर सिंह, तोशाम से अनिरुद्ध चौधरी, मेहम से मंजू चौधरी, नांगल चौधरी मंजु चौधरी, बादशाहपुर से वर्धन यादव और गुरुग्राम से मोहित ग्रोवर का नाम शामिल है।इस सूची के साथ ही कांग्रेस ने 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए कुल 41 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने शुक्रवार को चुनाव के लिए 32 उम्मीदवारों की घोषणा की, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को गढ़ी सांपला-किलोई से, राज्य इकाई के प्रमुख उदय भान को होडल से और पहलवान विनेश फोगट को जुलाना से मैदान में उतारा गया है।पार्टी ने पहले 31 उम्मीदवारों की सूची जारी की और थोड़ी देर बाद एक बयान में कहा कि सीईसी ने इसराना (अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित) निर्वाचन क्षेत्र से बलबीर सिंह की उम्मीदवारी को मंजूरी दे दी है। बलबीर सिंह इसराना से मौजूदा विधायक हैं। इस पुरानी पार्टी ने अपने सभी 28 विधायकों को फिर से उम्मीदवार बनाया है। हरियाणा चुनाव: कांग्रेस की दूसरी लिस्ट में ब्रिजेंद्र सिंह, वर्धन यादव और मोहित ग्रोवर को टिकट हुड्डा, भान और फोगट के अलावा, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के खिलाफ लाडवा से मेवा सिंह को भी मैदान में उतारा है। कांग्रेस हरियाणा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के साथ सीट बंटवारे पर भी बातचीत कर रही है, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से सीटों को लेकर बातचीत चल रही है।हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को झटका देते हुए पार्टी नेता आदित्य चौटाला ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) में शामिल हो गए हैं। इनेलो ने डबवाली विधानसभा क्षेत्र से आदित्य चौटाला को अपना उम्मीदवार भी घोषित किया। पार्टी सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला ने आदित्य को टिकट दिया।आदित्य चौटाला हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री देवीलाल के पोते भी हैं। इनेलो में शामिल होने के बाद आदित्य ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के लिए 10 साल तक कड़ी मेहनत की है, लेकिन फिर भी उन्हें पटरी से उतारने की कोशिश की गई। 2019 के विधानसभा चुनावों में भाजपा 40 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बन गई और कांग्रेस ने 30 सीटें जीतीं। –Pooja Mishra
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हरियाणा चुनाव: AAP का ऐलान

हरियाणा चुनाव: AAP का ऐलान, सभी 90 सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार, कांग्रेस संग गठबंधन अनिश्चित

हरियाणा विधानसभा चुनाव: आम आदमी पार्टी ने सभी 90 सीटों पर लड़ने का किया ऐलान, कांग्रेस के साथ गठबंधन पर अनिश्चितता हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। पार्टी ने ऐलान किया है कि वह हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। AAP की प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की सूची तैयार कर ली है और अगले एक-दो दिनों में उम्मीदवारों का ऐलान किया जाएगा। प्रियंका कक्कड़ ने यह भी बताया कि पार्टी का संगठन ग्राउंड पर मजबूत है और हरियाणा में चुनावी लड़ाई के लिए पूरी तरह से तैयार है।हालांकि, कांग्रेस के साथ संभावित गठबंधन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन पर बातचीत चल रही है, लेकिन अभी इस पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी। AAP सूत्रों ने बताया है कि कांग्रेस के द्वारा प्रस्तुत फॉर्मूला पार्टी के लिए स्वीकार्य नहीं है। अगर कांग्रेस अपने मौजूदा फॉर्मूले पर अड़ी रहती है, तो गठबंधन की संभावना कम हो सकती है। हरियाणा में नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 12 सितंबर है, जिससे पहले गठबंधन की स्थिति स्पष्ट होनी जरूरी है। गौरतलब है कि कांग्रेस और AAP ने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में गठबंधन किया था, जिसमें कांग्रेस ने हरियाणा की नौ सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे और कुरुक्षेत्र सीट AAP के हिस्से में आई थी। इस बीच, कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पहली सूची जारी कर दी है, जिसमें 32 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इस सूची में रेसलर विनेश फोगाट, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, राव दान सिंह, आफताब अहमद, उदय भान और कुलदीप वत्स जैसे प्रमुख नेताओं को टिकट दिया गया है।इस स्थिति के बीच, हरियाणा में चुनावी समीकरण बदल सकते हैं और आगामी दिनों में राजनीतिक पटल पर और भी घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। –Pooja Mishra
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