Nitipath

बिहार के छात्रों के साथ पश्चिम बंगाल में मारपीट: गिरिराज सिंह ने ममता सरकार पर उठाए सवाल

आज हम बात करेंगे एक ऐसे मामले की जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बिहार के छात्रों के साथ पश्चिम बंगाल में हुई मारपीट ने एक बार फिर से राजनीतिक controversy पैदा कर दिया है।यह वीडियो जिसमें बिहार के छात्र मारपीट का शिकार हो रहे हैं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी की सरकार पर तीखा हमला बोला है। गिरिराज सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा कि, “क्या ये बच्चे हिंदुस्तान के अंग नहीं हैं?” उनका कहना है कि ममता सरकार ने रोहिंग्या मुसलमानों के लिए रेड कार्पेट बिछाया है, जबकि अपने ही देश के बच्चों के साथ हिंसा हो रही है।गिरिराज सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि बंगाल में अपने देश के छात्रों को गुंडागर्दी का शिकार होना पड़ रहा है। उन्होंने तेजस्वी यादव और राहुल गांधी से भी सवाल किया कि क्या बंगाल एक राष्ट्र है या भारत का एक अंग? बंगाल में रोहिंग्या मुसलमान के लिए रेड कारपेट और परीक्षा देने गए बिहार के बच्चे के साथ मारपीट ? क्या ये बच्चे हिंदुस्तान के अंग नहीं? क्या ममता सरकार ने सिर्फ बलात्कारियों को बचाने का ठेका ले रखा है?@SuvenduWB pic.twitter.com/FVyOhSn5aw — Shandilya Giriraj Singh (@girirajsinghbjp) September 26, 2024 इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। छात्र यह स्पष्ट कर रहे हैं कि वे SSC की परीक्षा देने आए हैं। लेकिन गुस्साए व्यक्ति ने उन्हें परेशान करते हुए document मांगना शुरू कर दिया।क्या ममता बनर्जी की सरकार इस स्थिति को नियंत्रित करने में असफल रही है? या यह मामला सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकने का है. आप इस accident  को राजनीतिक नजरीए से देखते हैं या इसे सामाजिक मुद्दा मानते हैं हमे comment box में comment करके जरुर बताए और इस मामले में आगे क्या होता है और क्या ममता बनर्जी की सरकार इस पर कोई कार्रवाई करती है। हम आपको इससे जुड़ी हर जानकारी से अपडेट करते रहेंगे। तब तक के लिए जुड़े रहिए नीतिपथ के साथ। धन्यवाद Pooja Mishra
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ममता सरकार का बड़ा फैसला

कोलकाता डॉक्टर रेप केस: ममता सरकार का बड़ा फैसला, लेकिन जूनियर डॉक्टरों का काम पर लौटने से इनकार

CM ममता बनर्जी ने डॉक्टरों के रेप और मर्डर मामले के सिलसिले में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। पिछले एक महीने से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, राज्य सरकार ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कई शीर्ष अधिकारियों को हटाने का फैसला किया है।16 सितंबर की रात को, ममता बनर्जी ने कालीघाट स्थित अपने आवास पर जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इस बैठक के बाद उन्होंने कोलकाता के कमिश्नर ऑफ पुलिस, विनीत कुमार गोयल सहित अन्य अधिकारियों को हटाने की घोषणा की। इसके तहत पुलिस उपायुक्त (उत्तर) अभिषेक गुप्ता, चिकित्सा शिक्षा निदेशक (DME) देबाशीष हलदर, और स्वास्थ्य सेवा निदेशक (DHS) कौस्तव नायक को भी हटाया गया है।हालांकि, इस फैसले के बावजूद जूनियर डॉक्टरों ने काम पर लौटने से इनकार कर दिया है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह आंदोलन की जीत है, लेकिन हमारी सभी मांगें अभी तक स्वीकार नहीं हुई हैं। हम सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई तक काम बंद रखेंगे।” डॉक्टरों ने स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जब तक यह समस्या बनी रहेगी, वे काम पर नहीं लौटेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से RG Kar College में चल रहे निर्माण कार्यों और स्वास्थ्य संबंधी गोपनीय जानकारियों को हटाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की।मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “हमने जूनियर डॉक्टरों से काम पर लौटने का अनुरोध किया है। मैंने CP से बात की है और उन्हें विश्वास में लिया है।” उन्होंने यह भी बताया कि नए कमिश्नर की घोषणा 17 सितंबर को की जाएगी।पिछले हफ्ते, जूनियर डॉक्टरों ने ममता बनर्जी से मिलने से इनकार कर दिया था, लेकिन आखिरकार बैठक की पूरी प्रतिलिपि तैयार करने पर सहमति बनी।इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, यह देखना बाकी है, लेकिन डॉक्टरों की नाराजगी और सरकार के फैसले के बीच यह स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।ऐसे ही न्यु updates के लिए जुङे रहे नीतिपथ न्युज से जय हिन्द | Pooja Mishra
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Mamta Banarjee ने 3 दिनों की हड़ताल

Kolkata संकट: Mamta Banarjee की इस्तीफे की धमकी और डॉक्टरों की हड़ताल के 4 दिन बाद का हाल

Kolkata के आरजी कर अस्पताल में जूनियर डॉक्टर की दुष्कर्म और हत्या के बाद बढ़ते तनाव ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को गर्मा दिया है। राज्य में जारी डॉक्टरों की हड़ताल के बीच मुख्यमंत्री Mamta Banarjee ने बड़ा बयान दिया है, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। शायद ये देशभर का पहला ऐसा मामाला है , जहा कोई protest कुछ दिनों खुद बा खुद शेंत होने के वजाय गर्माता जा रहा है और अब ये मामला बंगाल की राजनीति और सरकार से जुड गया है . आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamta Banarjee ने आज एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि उन्हें कुर्सी से मोह नहीं है, बल्कि वह न्याय की चिंता कर रही हैं। ममता बनर्जी का यह बयान तब आया, जब वह लगातार तीन दिनों तक हड़ताली डॉक्टरों से मिलने का प्रयास करती रहीं, लेकिन डॉक्टरों ने मिलने से इनकार कर दिया। कोलकाता में तनाव बढ़ा: Mamta Banarjee ने 3 दिनों की हड़ताल के बाद इस्तीफे की धमकी दी आरजी कर अस्पताल में जूनियर डॉक्टर की दुष्कर्म और हत्या के बाद से राज्य में तनाव बढ़ता जा रहा है। इस घटना के बाद से राज्य के डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू कर दी थी। आज सुबह Mamta Banarjee ने हड़ताली डॉक्टरों के एक समूह को बैठक के लिए बुलाया था। लेकिन डॉक्टर लाइव स्ट्रीमिंग की मांग पर अड़े रहे, और बैठक नहीं हो सकी। जिसपर ममता बनैर्जी ने कहा मैंने तीन दिन तक इंतजार किया, लेकिन डॉक्टर बैठक में नहीं आए। मुझे कुर्सी का मोह नहीं है, मैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने को तैयार हूं। मुझे केवल न्याय की चिंता है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने डॉक्टरों के साथ समस्या का समाधान निकालने के लिए पूरी कोशिश की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। –Khushi Sharma
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कोलकाता रेप-मर्डर केस: सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों को तुरंत काम पर लौटने का दिया आदेश

कोलकाता रेप-मर्डर केस: सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों को तुरंत काम पर लौटने का दिया आदेश

कोलकाता रेप-मर्डर मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। सीबीआई ने इस मामले में अब तक हुई जांच को लेकर अपनी स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंपी, जिसे जजों ने समीक्षा किया। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने प्रिंसिपल के घर की दूरी को लेकर सवाल पूछा। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज से प्रिंसिपल का घर 15 से 20 मिनट की दूरी पर है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सभी डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम किए जाएं। इसमें ड्यूटी रूम, शौचालय की सुविधा, और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था शामिल हो। कोर्ट ने यह भी कहा कि डॉक्टरों को तुरंत काम पर लौटना चाहिए, अन्यथा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से कपिल सिब्बल ने कहा कि डॉक्टरों की हड़ताल के दौरान 23 मरीजों की मृत्यु हुई है क्योंकि उन्हें सही समय पर इलाज नहीं मिल पाया। उन्होंने कोर्ट को सूचित किया कि सरकार ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में जमा की है, लेकिन सीबीआई को अभी कॉपी नहीं दी है। सुप्रीम कोर्ट में कोलकाता रेप-मर्डर केस की सुनवाई, डॉक्टरों की हड़ताल पर कड़ी चेतावनी सीबीआई के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बंगाल सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सरकार की तरफ से दाखिल रिपोर्ट की कॉपी नहीं मिली है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बंगाल सरकार सीबीआई से क्या छिपाना चाहती है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने युवा डॉक्टरों से तुरंत काम पर लौटने का निर्देश दिया और कहा कि डॉक्टरों का समाज के प्रति कर्तव्य है, जिसे उन्हें निभाना चाहिए। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर डॉक्टर काम पर नहीं लौटते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और अस्पताल में काम करने के लिए उचित माहौल बनाएगी। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के माध्यम से सुरक्षा सुनिश्चित करें। इस मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख का ऐलान जल्द किया जाएगा, और कोर्ट ने सभी पक्षों को सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। –Khushi Sharma
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Supreme Court में कोलकाता केस

Supreme Court में कोलकाता केस: डॉक्टरों की हड़ताल, सीबीआई जांच और सुरक्षा पर अहम निर्देश

कोलकाता रेप-मर्डर मामले में Supreme Court में आज अहम सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। सीबीआई ने इस मामले में अब तक हुई जांच को लेकर अपनी स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंपी, जिसे जजों ने समीक्षा किया। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने प्रिंसिपल के घर की दूरी को लेकर सवाल पूछा। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज से प्रिंसिपल का घर 15 से 20 मिनट की दूरी पर है। Supreme Court ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सभी डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम किए जाएं। इसमें ड्यूटी रूम, शौचालय की सुविधा, और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था शामिल हो। कोर्ट ने यह भी कहा कि डॉक्टरों को तुरंत काम पर लौटना चाहिए, अन्यथा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से कपिल सिब्बल ने कहा कि डॉक्टरों की हड़ताल के दौरान 23 मरीजों की मृत्यु हुई है क्योंकि उन्हें सही समय पर इलाज नहीं मिल पाया। उन्होंने कोर्ट को सूचित किया कि सरकार ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में जमा की है, लेकिन सीबीआई को अभी कॉपी नहीं दी है। Supreme Court में कोलकाता केस पर सुनवाई: डॉक्टरों की सुरक्षा और सीबीआई जांच पर चर्चा सीबीआई के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बंगाल सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सरकार की तरफ से दाखिल रिपोर्ट की कॉपी नहीं मिली है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बंगाल सरकार सीबीआई से क्या छिपाना चाहती है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने युवा डॉक्टरों से तुरंत काम पर लौटने का निर्देश दिया और कहा कि डॉक्टरों का समाज के प्रति कर्तव्य है, जिसे उन्हें निभाना चाहिए। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर डॉक्टर काम पर नहीं लौटते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। Supreme Court ने यह भी कहा कि पुलिस डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और अस्पताल में काम करने के लिए उचित माहौल बनाएगी। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के माध्यम से सुरक्षा सुनिश्चित करें। इस मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख का ऐलान जल्द किया जाएगा, और कोर्ट ने सभी पक्षों को सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। –Khushi Sharma
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कोलकाता केस: जज ने सीबीआई को लगाई फटकार

कोलकाता केस: जज ने सीबीआई को लगाई फटकार, संजय रॉय ने हत्या से किया इनकार

कोलकाता दुष्कर्म केस: जज ने सीबीआई को फटकार, संजय रॉय ने हत्या से इनकार किया कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में लेडी डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले की सुनवाई के दौरान एक अप्रत्याशित घटनाक्रम ने सबका ध्यान खींचा। सियालदह कोर्ट की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पामेला गुप्ता ने सीबीआई और सरकारी वकील की देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान, जज ने यहाँ तक कह डाला कि क्या उन्हें संजय रॉय को जमानत दे देनी चाहिए, जो कि इस मामले के मुख्य संदिग्ध हैं।संजय रॉय की जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान, सीबीआई के जांच अधिकारी और सरकारी वकील दीपक पोरिया समय पर नहीं पहुंचे। जब सीबीआई अधिकारी ने शाम 4:10 बजे इस देरी की सूचना दी, तो जज पामेला गुप्ता ने कहा, “अगर वकील मौजूद नहीं हैं, तो संजय रॉय को जमानत मिल जानी चाहिए।” कुछ समय इंतजार करने के बाद भी जब वकील नहीं पहुंचे, तो जज ने सीबीआई अधिकारी को दीपक पोरिया को कॉल करने को कहा और स्थिति की गंभीरता को रेखांकित किया।जब सीबीआई की जांच अधिकारी कोर्ट रूम से बाहर जाकर 15 मिनट बाद वापस आईं, तो उन्होंने बताया कि दीपक पोरिया आ रहे हैं। दीपक पोरिया शाम 5:00 बजे पहुंचे, लेकिन इस बीच बचाव पक्ष की वकील कविता सरकार ने सवाल उठाया कि पिछले सुनवाई में शामिल होने वाले वकील इस बार सीबीआई का प्रतिनिधित्व क्यों नहीं कर रहे। दीपक पोरिया ने जवाब देते हुए कहा कि वह जांच एजेंसी के फुलटाइम वकील हैं और उन्होंने बिना किसी विशेष कारण के संजय रॉय की जमानत का विरोध किया।पोरिया ने तर्क किया कि संजय रॉय की रिहाई से जांच में बाधा आ सकती है। इस पर जज पामेला गुप्ता ने सीबीआई को त्वरित एक्शन लेने की सलाह दी और संजय रॉय की जमानत याचिका खारिज कर दी। साथ ही, संजय रॉय को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। टीएमसी ने सीबीआई पर उठाए सवाल इस घटनाक्रम के बाद, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सीबीआई और भाजपा पर हमला बोला। टीएमसी के राज्यसभा सांसद साकेत गोखले ने आरोप लगाया कि सीबीआई जानबूझकर संजय रॉय को जमानत पर रिहा करना चाहती है और यह एक राजनीतिक एजेंडा के तहत किया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “सीबीआई बलात्कार और हत्या के आरोपी राक्षस को जमानत पर रिहा करवाना चाहती है। यह सीबीआई, भाजपा और मोदी सरकार द्वारा राजनीतिक एजेंडा चलाने और इस मामले को दबाने के प्रयास का हिस्सा है।” संजय रॉय का पॉलीग्राफ टेस्ट: “मैंने हत्या नहीं की आरजी कर अस्पताल में बलात्कार और हत्या मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी संजय रॉय ने पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान हैरान करने वाला बयान दिया है। सूत्रों के मुताबिक, टेस्ट के दौरान संजय रॉय ने कहा कि “मुझे फंसाया गया है, मैंने हत्या नहीं की। मैं तो शव देखकर भाग गया था।”सीबीआई ने संजय से गहन पूछताछ की है और 25 अगस्त को कोलकाता की प्रेसिडेंसी जेल में उसका पॉलीग्राफ टेस्ट कराया है। इस बीच, सीबीआई संजय के बाद किसी अन्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है, और मामले की जांच अभी जारी है।इस घटनाक्रम ने कोलकाता में न्याय प्रणाली और जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि इस मामले में आगे की कार्रवाई किस दिशा में जाती है और न्याय की प्रक्रिया में क्या बदलाव आता है। –Pooja Mishra
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Former Principal Sandeep Ghosh के घर पर ED की छापेमारी

Kolkata के RG Kar Medical college के Former Principal Sandeep Ghosh के घर पर ED की छापेमारी

Enforcement Directorate (ED) ने शुक्रवार सुबह Kolkata के RG Kar Medical college के Former Principal Sandeep Ghosh के घर पर छापेमारी की। इस छापेमारी में ED के अधिकारियों को संदीप घोष के घर के बाहर तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा, क्योंकि ताला खोलने में देरी हो रही थी। यह कार्रवाई financial irregularities के मामले में PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत की जा रही है।CBI ने पहले ही Sandeep Ghosh को financial misconduct के आरोप में गिरफ्तार किया है। उनके साथ तीन अन्य लोग भी गिरफ्तार हुए हैं। इसके अतिरिक्त, ED की टीम ने Kolkata के बेलेघाटा स्थित संदीप घोष के घर के अलावा हावड़ा में दो अन्य लोगों के घरों पर भी छापे मारे हैं।संदीप घोष की गिरफ्तारी और छापेमारी की यह कार्रवाई एक महिला trainee doctor की हत्या के मामले में CBI जांच के reference में की गई है। Former Principal Sandeep Ghosh के घर पर ED की छापेमारी: PMLA के तहत कार्रवाई और CBI की जांच के नये मोड़ इस doctor का शव 9 अगस्त को RG Kar Medical college के सेमिनार हॉल में मिला था। शुरुआत में Kolkata पुलिस ने इस मामले की जांच की, लेकिन बाद में High court के आदेश पर CBI को मामले की जांच सौंप दी गई।Supreme court ने शुक्रवार को संदीप घोष की petition को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया था कि उन्हें दुष्कर्म की घटना से जोड़ना अन्यायपूर्ण है। SC ने कहा कि घोष को जनहित याचिका में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है।संदीप घोष पर आरोप है कि उन्होंने मेडिकल कॉलेज में टेंडरों में पक्षपात किया, मेडिकल आर्गेनिक कचरे की अवैध बिक्री की, और रुपये लेकर मेडिकल छात्रों को पास कराया। इन आरोपों की जांच ईडी द्वारा की जा रही है, और सीबीआई ने पहले ही उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है।सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ईडी की छापेमारी ने इस मामले को और जटिल बना दिया है, और अब यह देखना होगा कि आगे की जांच में और क्या तथ्य सामने आते हैं। –Pooja Mishra
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Rape मामलों की जांच 21 दिनों में पूरी होगी

West Bengal का नया कानून: Rape मामलों की जांच 21 दिनों में पूरी होगी, दोषियों को उम्रकैद

West Bengal विधानसभा में एंटी Rape बिल पास, रेप केस की जांच 21 दिन में पूरी West Bengal विधानसभा ने मंगलवार को एंटी रेप बिल को मंजूरी दे दी है, जिसे ‘अपराजिता महिला एवं बाल विधेयक 2024’ (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून एवं संशोधन) नाम दिया गया है। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 8-9 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर के साथ Rape-Murder हुआ था। इसके बाद देशभर में डॉक्टरों और राजनीतिक दलों के प्रदर्शन के बाद ममता बनर्जी ने कहा था कि वो राज्य में रेप जैसे अपराध के लिए सख्त कानून बनाएंगी और अब नए कानून बनाया गया है जिसके तहत रेप केस की जांच 21 दिन में पूरी करनी होगी। पीड़ित के कोमा में जाने या मौत होने पर दोषी को 10 दिन में फांसी की सजा दी जाएगी। भाजपा ने भी इस बिल का समर्थन किया है। – इस बिल का नाम अपराजिता वुमन एंड चाइल्ड बिल 2024 है जिसका उद्देश्य रेप और यौन शोषण के मामलों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को बढ़ाना है. उम्रकैद की सजा ,दोषियों को उम्रकैद की सजा दी जाएगी, जिसमें उन्हें पूरी उम्र जेल में रहना होगा। धारा में बदलाव भारतीय न्याय संहिता के कई धाराओं में संशोधन किया गया है, जिसमें Rape, Gang Rape, और एसिड अटैक मामलों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। जांच की अवधि, रेप मामलों की जांच 21 दिन के भीतर पूरी की जानी चाहिए, जिसे 15 दिन और बढ़ाया जा सकता है। जांच की अवधि, रेप मामलों की जांच 21 दिन के भीतर पूरी की जानी चाहिए, जिसे 15 दिन और बढ़ाया जा सकता है। आदतन अपराधियों को भी उम्रकैद और जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। जिला स्तर पर अपराजिता टास्क फोर्स बनाए जाने का प्रस्ताव है। स्पेशल कोर्ट और जांच टीमें बनाई जाएंगी जो रेप और यौन शोषण मामलों की त्वरित सुनवाई करेंगी। कोर्ट की कार्यवाही को प्रकाशित करने से पहले अनुमति लेनी होगी, अन्यथा सजा का प्रावधान है। कोर्ट की कार्यवाही को प्रकाशित करने से पहले अनुमति लेनी होगी, अन्यथा सजा का प्रावधान है. बिल को राज्यपाल और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून में बदला जाएगा। यह बिल महिलाओं और बच्चों के यौन अपराधों को संज्ञेय और गैर-जमानती बनाएगा, और बंगाल में लागू होगा। –Khushi Sharma
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Kolkata Rape Murder Case में बंगाली फिल्म हस्तियों

Kolkata Rape Murder Case: बंगाली फिल्म इंडस्ट्री और आम लोगों का जबरदस्त विरोध, इंसाफ की मांग

Kolkata Rape Murder Case: बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की हस्तियों का विरोध प्रदर्शन, इंसाफ की मांग Kolkata Rape Murder Case की शिकार हुई ट्रेनी डॉक्टर के मामले में शनिवार रात को बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की बड़ी हस्तियों ने विरोध प्रदर्शन शुरु किया। यह protest RG Kar Hospital में काम करने वाली ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई शर्मनाक घटना के खिलाफ था। इस protest में कई प्रमुख एक्टर्स और फिल्म इंडस्ट्री की हस्तियों ने भाग लिया। रात भर चले इस protest में शामिल लोगों ने Kolkata के कॉलेज स्क्वायर से मार्च शुरू किया। इस मार्च में Aparna Sen, Swastika Mukherjee, Sudipta Chakraborty, Chaiti Ghoshal और सोहिनी सरकार जैसे मशहूर नाम शामिल हुए। Protesters ने ‘न्याय’ और ‘हल्ला बोल’ जैसे नारे लगाए और कहा कि वे सोमवार सुबह तक protest site पर बने रहेंगे।Protesters ने Trinamool Congress और प्रशासन से मांग की कि वे उनसे मिलें और मामले की तेजी से जांच की जाए। उन्होंने कहा कि इसमें शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए। protesters ने Kolkata Rape Murder Case के अलग-अलग इलाकों में मार्च निकाला और धरना दिया। especially रूप से, एस्प्लेनेड और जवाहरलाल नेहरू रोड-एसएन बनर्जी रोड क्रॉसिंग जैसे स्थानों पर protest हुए। बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों ने व्यस्त एस्प्लेनेड इलाके में धरना दिया और victim के लिए justice के नारे लगाए। जब उनसे सुबह 4 बजे तक विरोध स्थल पर बने रहने के बारे में पूछा गया, तो Director Birsa Dasgupta ने कहा, “हमने प्रशासन को एक मेल भेजा है। हम चाहते हैं कि कोई हमारे पास आए और हमसे बातचीत करे।”Actress Swastika Mukherjee कहा, “हम जानते हैं कि CBI मामले की जांच कर रही है, लेकिन reports से पता चलता है कि डॉक्टर की मौत के बाद कुछ जानकारियों को दबाने की कोशिश की जा सकती है। हमें जवाब चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रशासन आंदोलन को त्योहारी सीजन के साथ धीमा मानता है, तो दुर्गा पूजा के बाद यह आंदोलन फिर से शुरू होगा और बड़ा होगा।रात भर चले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से पहले अपर्णा सेन ने कहा, “हम सभी लोग सड़क पर इंसाफ की मांग के लिए हैं। Kolkata Rape Murder Case: फिल्म उद्योग और स्थानीय लोगों का जबरदस्त विरोध, जांच की तेज़ी की मांग Kolkata Rape Murder Case से आम लोगों को सच्चाई जानने का अधिकार है। अगर जरूरत पड़ी तो मैं फिर से सड़क पर उतरूंगी।”प्रदर्शन के वक्त, जूनियर डॉक्टरों के एक मंच ने भी प्रदर्शन में भाग लिया। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों के साथ रात भर का प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त, साउथ कोलकाता में रामकृष्ण मिशन स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के पूर्व छात्रों ने गोलपार्क से रवींद्र सदन एक्साइड क्रॉसिंग तक मार्च निकाला और निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।सेंट जॉन्स डायोसेसन गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल के मौजूदा छात्रों और अभिभावकों के साथ पूर्व छात्रों ने भी एक रैली निकाली। उन्होंने मिंटो पार्क से स्कूल कैंपस तक मार्च किया और एजेसी बोस रोड पर ह्यूमन चैन बनाई।इस बीच, Kolkata पुलिस के एक Civil Volunteer Sanjay Roy को इस मामले में 10 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। Kolkata Rape Murder Case मामले की जांच CBI कर रही है। रविवार को विरोध प्रदर्शनों के बीच, तृणमूल कांग्रेस की महिला सदस्यों ने बलात्कारियों के लिए मौत की सजा की मांग करने वाले प्रदर्शन किए। दूसरी ओर, BJP ने 29 अगस्त से एस्प्लेनेड इलाके में धरना दे रखा है और Chief Minister Mamata Banerjee के इस्तीफे की मांग की है। –Pooja Mishra
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