हरियाणा की राजनीति में एक नई हलचल देखने को मिल रही है, जब BJP के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कांग्रेस की दलित नेता कुमारी शैलजा को पार्टी में शामिल होने का ऑफर दिया। खट्टर ने आरोप लगाया कि शैलजा का कांग्रेस में अपमान हुआ है, जिसके चलते वे हाल के दिनों में पार्टी के प्रचार से दूर हैं।खट्टर ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, “कुमारी शैलजा को गालियां दी गईं हैं और अब वे घर बैठी हैं।
इस अपमान के बावजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा और गांधी परिवार को कोई शर्म नहीं आई।” उन्होंने यह भी कहा कि BJP ने कई नेताओं को अपने साथ लाने में सफलता पाई है और वे शैलजा को भी अपने पाले में लाने के लिए तैयार हैं।कुमारी शैलजा, जो पहले कांग्रेस की एक प्रमुख दलित नेता मानी जाती थीं, पिछले हफ्ते से active नहीं हैं और अपने supports से ही मिल रही हैं।
कुमारी शैलजा का अपमान: हरियाणा में दलित वोट बैंक की राजनीति में गर्मी
उनकी इस नाराजगी ने हरियाणा की चुनावी राजनीति में गर्मी बढ़ा दी है। दलित वोट बैंक की राजनीति करने वाली पार्टियां भी शैलजा को अपने पाले में लाने का कोशिश कर रही हैं।BJP ने कांग्रेस पर तीखा जवाब देते हुए कहा कि यदि वे अपनी दलित नेता कुमारी शैलजा का सम्मान नहीं कर पा रही हैं, तो प्रदेश के बाकी दलितों का क्या करेंगी। इस बीच, बहुजन समाज पार्टी (BSP) के राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर आकाश आनंद ने भी शैलजा के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कुमारी शैलजा जैसी दलित नेता के साथ कांग्रेस का व्यवहार उनकी दलित विरोधी मानसिकता को दिखाता है।
“आकाश ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी आरक्षण खत्म करने की सोच रखती है और दलितों के सम्मान का कोई ख्याल नहीं रखती।इस प्रकार, कुमारी शैलजा का मुद्दा हरियाणा की राजनीति में एक नई बहस का विषय बन गया है, जहां दलित वोट बैंक की राजनीति को लेकर सियासी दलों के बीच जंग छिड़ गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि शैलजा इस सियासी खींचतान में क्या कदम उठाती हैं और किस दिशा में जाती हैं। ऐसे ही और अपडेट के लिए बने रहें नितिपथ के साथ। धन्यवाद!
Pooja Mishra
