One Nation, वन इलेक्शन’ पर मोदी सरकार का बड़ा कदम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने रविवार को अपने तीसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे कर लिए। इस मौके पर वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। सूत्रों के अनुसार, मोदी सरकार 2029 तक देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ करवाने की योजना पर काम कर रही है। भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में भी इसका उल्लेख किया गया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से दिए गए अपने भाषण में भी बार-बार होने वाले चुनावों को देश की प्रगति में बाधा बताते हुए One Nation, वन इलेक्शन’ की वकालत की थी। रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति, जो ‘One Nation, वन इलेक्शन’ पर विचार कर रही थी, ने 14 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंपी।
रामनाथ कोविंद कमेटी की रिपोर्ट: ‘One Nation’, वन इलेक्शन’ के लिए सिफारिशें और भविष्य की रूपरेखा
यह रिपोर्ट 18,626 पन्नों की है और इसे तैयार करने में 191 दिन लगे। समिति का गठन 2 सितंबर 2023 को किया गया था और इस रिपोर्ट में देश के विभिन्न विशेषज्ञों और हितधारकों से चर्चा के बाद सुझाव दिए गए हैं। कमेटी के मुख्य सुझाव:सभी राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल 2029 तक बढ़ाया जाए, ताकि लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव भी एक साथ कराए जा सकें।
यदि किसी विधानसभा में बहुमत नहीं आता या नो कॉन्फिडेंस मोशन लाया जाता है, तो बाकी बचे 5 साल के कार्यकाल के लिए नए चुनाव कराए जा सकते हैं। पहले चरण में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाएं, और इसके बाद 100 दिनों के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव कराए जाएं। चुनाव आयोग को सिंगल वोटर लिस्ट और वोटर आईडी कार्ड तैयार करने की सिफारिश की गई है।
One Nation, वन इलेक्शन’ का इतिहास और भविष्य: 2029 तक एक साथ चुनाव कराने की योजना
सुरक्षा बलों और चुनाव उपकरणों की एडवांस प्लानिंग की जाए, ताकि चुनाव एक साथ कराना संभव हो सके।आपको ये भी बता दें कि क्या है ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’? ‘One Nation, वन इलेक्शन का मतलब है कि पूरे देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाएं। मतदाता एक ही दिन या चरणबद्ध तरीके से अपने वोट डालेंगे और देशभर में एक साथ लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के सदस्यों का चुनाव होगा।
आजादी के बाद 1952, 1957, 1962, और 1967 में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ हुए थे। हालांकि, 1968 और 1969 में कई विधानसभाएं समय से पहले भंग हो गईं, और 1970 में लोकसभा भी भंग हो गई, जिससे यह परंपरा टूट गई।
सरकार का मानना है कि One Nation, वन इलेक्शन से देश को आर्थिक रूप से लाभ होगा और बार-बार चुनाव कराने से होने वाली अस्थिरता से बचा जा सकेगा।
–Khushi Sharma
