कोलकाता रेप-मर्डर मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। सीबीआई ने इस मामले में अब तक हुई जांच को लेकर अपनी स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंपी, जिसे जजों ने समीक्षा किया। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने प्रिंसिपल के घर की दूरी को लेकर सवाल पूछा।
सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज से प्रिंसिपल का घर 15 से 20 मिनट की दूरी पर है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सभी डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम किए जाएं। इसमें ड्यूटी रूम, शौचालय की सुविधा, और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था शामिल हो। कोर्ट ने यह भी कहा कि डॉक्टरों को तुरंत काम पर लौटना चाहिए, अन्यथा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से कपिल सिब्बल ने कहा कि डॉक्टरों की हड़ताल के दौरान 23 मरीजों की मृत्यु हुई है क्योंकि उन्हें सही समय पर इलाज नहीं मिल पाया। उन्होंने कोर्ट को सूचित किया कि सरकार ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में जमा की है, लेकिन सीबीआई को अभी कॉपी नहीं दी है।
सुप्रीम कोर्ट में कोलकाता रेप-मर्डर केस की सुनवाई, डॉक्टरों की हड़ताल पर कड़ी चेतावनी
सीबीआई के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बंगाल सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सरकार की तरफ से दाखिल रिपोर्ट की कॉपी नहीं मिली है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बंगाल सरकार सीबीआई से क्या छिपाना चाहती है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने युवा डॉक्टरों से तुरंत काम पर लौटने का निर्देश दिया और कहा कि डॉक्टरों का समाज के प्रति कर्तव्य है, जिसे उन्हें निभाना चाहिए। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर डॉक्टर काम पर नहीं लौटते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और अस्पताल में काम करने के लिए उचित माहौल बनाएगी। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के माध्यम से सुरक्षा सुनिश्चित करें।
इस मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख का ऐलान जल्द किया जाएगा, और कोर्ट ने सभी पक्षों को सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।
–Khushi Sharma
