Enforcement Directorate (ED) ने शुक्रवार सुबह Kolkata के RG Kar Medical college के Former Principal Sandeep Ghosh के घर पर छापेमारी की। इस छापेमारी में ED के अधिकारियों को संदीप घोष के घर के बाहर तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा, क्योंकि ताला खोलने में देरी हो रही थी। यह कार्रवाई financial irregularities के मामले में PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत की जा रही है।CBI ने पहले ही Sandeep Ghosh को financial misconduct के आरोप में गिरफ्तार किया है। उनके साथ तीन अन्य लोग भी गिरफ्तार हुए हैं। इसके अतिरिक्त, ED की टीम ने Kolkata के बेलेघाटा स्थित संदीप घोष के घर के अलावा हावड़ा में दो अन्य लोगों के घरों पर भी छापे मारे हैं।संदीप घोष की गिरफ्तारी और छापेमारी की यह कार्रवाई एक महिला trainee doctor की हत्या के मामले में CBI जांच के reference में की गई है।
Former Principal Sandeep Ghosh के घर पर ED की छापेमारी: PMLA के तहत कार्रवाई और CBI की जांच के नये मोड़
इस doctor का शव 9 अगस्त को RG Kar Medical college के सेमिनार हॉल में मिला था। शुरुआत में Kolkata पुलिस ने इस मामले की जांच की, लेकिन बाद में High court के आदेश पर CBI को मामले की जांच सौंप दी गई।Supreme court ने शुक्रवार को संदीप घोष की petition को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया था कि उन्हें दुष्कर्म की घटना से जोड़ना अन्यायपूर्ण है। SC ने कहा कि घोष को जनहित याचिका में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है।संदीप घोष पर आरोप है कि उन्होंने मेडिकल कॉलेज में टेंडरों में पक्षपात किया, मेडिकल आर्गेनिक कचरे की अवैध बिक्री की, और रुपये लेकर मेडिकल छात्रों को पास कराया। इन आरोपों की जांच ईडी द्वारा की जा रही है, और सीबीआई ने पहले ही उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है।सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ईडी की छापेमारी ने इस मामले को और जटिल बना दिया है, और अब यह देखना होगा कि आगे की जांच में और क्या तथ्य सामने आते हैं।
–Pooja Mishra
