Delhi High Court ने गुरुवार को Ex- IAS Officer पूजा खेडकर को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा 5 सितंबर 2024 तक बढ़ा दी है। यह सुरक्षा उन पर UPSC Exam में धोखाधड़ी के आरोपों के मामले में दी गई है, जिसमें उन पर आरोप है कि उन्होंने निर्धारित सीमा से ज्यादा बार परीक्षा दी है। यह मामला तब शुरू हुआ जब UPSC ने पिछले महीने पूजा खेडकर के खिलाफ कई कार्यवाइयां शुरू कीं, जिनमें फर्जी पहचान से सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने का आरोप भी शामिल है।
पिछले महीने, UPSC ने पूजा खेडकर की candidates को रद्द कर दिया था और उन्हें भविष्य की सभी परीक्षाओं से भी वंचित कर दिया था। UPSC का आरोप है कि पूजा ने फर्जी पहचान का use करके परीक्षा में शामिल होने की कोशिश किया और कई बार परीक्षा दी, जो कि नियमों के खिलाफ है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
Delhi High Court का महत्वपूर्ण आदेश
Delhi High Court का महत्वपूर्ण आदेश : पूजा खेडकर ने आरोपों का इनकार करते हुए कहा है कि UPSC के पास उन्हें अयोग्य घोषित करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने अपनी याचिका में तर्क दिया कि चयन और नियुक्ति के बाद, केवल Central Government Department of Personnel and Training (DOPT) ही इस संबंध में कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए गए फर्जी दस्तावेजों और धोखाधड़ी के आरोप पूरी तरह से गलत हैं। पूजा ने अपने चार पन्नों के जवाब में कहा है कि उन्होंने 2012 से 2022 तक न तो अपना पहला नाम बदला है और न ही अपना उपनाम।
उन्होंने UPSC के सामने कभी भी अपना नाम गलत तरीके से पेश नहीं किया है। उनके मुताबिक, “2012 से 2022 तक आवेदक के पहले नाम और उपनाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जैसा कि सभी डीएएफ (डिटेल्ड एप्लिकेशन फॉर्म) में लगातार दिखाया गया है।20 अगस्त को दायर किए गए अपने जवाब में, UPSC ने पूजा खेडकर की anticipatory bail की मांग का विरोध किया। आयोग ने कहा कि पूजा से पूछताछ की जरूरत है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसने उन्हें civil services exam 2022 में अस्थायी रूप से select कराने में मदद की।
UPSC और Delhi Police की प्रतिक्रिया
UPSC ने दलील दी कि पूजा द्वारा की गई धोखाधड़ी की गंभीरता unprecedented है, क्योंकि यह न केवल आयोग के खिलाफ है बल्कि आम जनता और देश के नागरिकों के विश्वास के खिलाफ भी है। sub-commission ने कहा कि पूजा खेडकर के पास पहले से ही 11 दस्तावेज हैं, और आयोग को किसी और दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है।
पूजा ने अपनी याचिका में anticipatory bail की मांग करते हुए कहा कि उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि सभी दस्तावेज़ सही हैं और सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी किए गए हैं।21 अगस्त को Delhi High Court ने पूजा खेडकर को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा को 29 अगस्त तक बढ़ा दिया था।
इस निर्णय के खिलाफ दिल्ली पुलिस और UPSC ने विरोध किया था, लेकिन Delhi High Court ने पूजा को राहत दी। इस फैसले के बाद, गुरुवार को हाईकोर्ट ने पूजा खेडकर को दी गई अंतरिम सुरक्षा की अवधि को 5 सितंबर 2024 तक के लिए बढ़ा दिया है।
Delhi High Court ने यह आदेश देते हुए कहा कि पूजा खेडकर की anticipatory bail याचिका पर विचार किया जाएगा और इस दौरान उन्हें गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की जाएगी। Delhi High Court ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले की सुनवाई के दौरान सभी संबंधित पक्षों को अपनी दलीलें और सबूत प्रस्तुत करने का पूरा अवसर मिलेगा।
-Pooja Mishra
