इस बार देशभर में Monsoon सीजन में सामान्य से 26% कम बारिश हुई है . अब तक कुल 33% Monsoon की बारिश ही प्राप्त हो पाई है। इस स्थिति के चलते कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को धान की रोपाई से बचने की सलाह दी है। उनका कहना है कि धान की रोपाई करने से उत्पादन काफी कम हो सकता है। इसके बजाय, किसानों को अगस्त में उड़द या तोरिया की बिजाई करने की सलाह दी जा रही है, जिससे भविष्य में बेहतर लाभ की उम्मीद है। इन फसलों के बाद गेहूं या सब्जियों की फसलें भी उगाई जा सकती हैं। Monsoon की हरियाणा पर भले ही कम मेहरबानी रही हो, लेकिन किसानों ने विपरीत परिस्थितियों मंे 26.98 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बिजाई कर चुके हैं। अगस्त में Monsoon की मेहरबानी अच्छी रही तो खेतों में खरीफ की फसलें खूब लहलहा सकती हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि प्रदेश में धान की रोपाई अब तक 12.08 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि इस साल का लक्ष्य 12 लाख हेक्टेयर था।
फसलें और बिजाई बाजरे की बिजाई में भी देरी देखी जा रही है। अब तक 4.23 लाख हेक्टेयर में बाजरे की बिजाई हुई है, जबकि लक्ष्य 5.60 लाख हेक्टेयर है। ग्वार की बिजाई 1.99 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, और ज्वार की बिजाई 60 हजार हेक्टेयर में हुई है, जबकि लक्ष्य 78 हजार हेक्टेयर है। इस बार बंपर उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है। फसल उत्पादन बढ़ने की संभावनाः यादव एचएयू के बावल स्थित रीजनल सेंटर के निदेशक डॉ. धर्मवीर यादव के अनुसार अबकी बार बरसात फसलों के अनुरूप हुई है। ओवरऑल खरीफ की फसल अच्छी है। कुछ बरसात हो जाए तो और बेहतर होगा। अगेती धान में कुछ दिक्कत हो सकती अबकी बार उत्पादन बढ़ने के आसार हैं। है। गन्ने की बिजाई गन्ने की बिजाई अब तक 1.16 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि लक्ष्य 1.19 लाख हेक्टेयर था। कृषि विशेषज्ञों और मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में स्थिति में ओर बेहतर होने की उम्मीद है, लेकिन किसान को सतर्क रहने और नई सलाह के अनुसार फसलों की बिजाई करने की सलाह दी जाती
-Khushi Sharma
