Water Crisis Delhi : दिल्ली में पानी को लेकर मचा हाहाकार, किल्लत के बावजूद नहीं थम रही बर्बादी

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दिल्ली में पानी की किल्लत से दिल्लीवासि परेशान

Water Crisis पुरे देश मे जहाँ एक तरफ हिट वेब ने परेशान कर रखा है वही दिल्ली में बीते कुछ दिनों पानी की किल्लत ने दिल्लीवासियों के लिए बड़ी समस्या उत्पन्न कर दी है। हालात ऐसे हैं कि कुछ इलाकों में लोग रात को ही टैंकर के लाइन लगा देते हैं। उसके बाद भी कई लोगों को पानी नहीं मिलता है। टैंकर को देखते ही लोग पाइप लेकर उसकी तरफ दौड़ पड़ते हैं लेकिन उसके बाद भी कई बार पानी नहीं मिलता है। ऐसे में आज हम समझाने वाले हैं कि हर साल गर्मी के आते ही दिल्ली में पानी किल्लत क्यों होने लगती है। दरअसल दिल्ली में पानी की अनुमानित demand 1,290 mgd है लेकिन ये demand पूरी नहीं हो पा रही है। पिछले सप्ताह से दिल्ली में प्रतिदिन पानी की supply में 20-30 एमजीडी की कमी दर्ज की जा रही है।

Delhi मे पानी की कमी के कारण Water Crisis

दिल्ली में गर्मियां हर जल संकट लेकर आती हैं। दिल्ली में हर साल जल संकट की एक बड़ी वजह ये भी है कि दिल्ली का अपना कोई जल स्रोत नहीं है इसलिए दिल्ली को पानी के लिए यूपी हरियाणा पर निर्भर रहना पड़ता है। हालांकि दिल्ली सरकार का कहना है कि दिल्ली के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट यमुना के पानी से चलते हैं और हरियाणा ने यमुना में पानी नहीं छोड़ा है। जिसकी एक वजह यमुना नदी से सीमित पानी की supply और बढ़ती आबादी भी है।
राजधानी में पानी की कमी पर दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कई परियोजनाओं को शुरू तो किया गया था लेकिन उन पर बहुत ही धीमी स्पीड से काम हो रहा है। इन परियोजनाओं में में पालम बाढ़ के मैदानों पर एक विशाल भूमिगत जलाशय बनाना और सिंगापुर के NEWater मॉडल को लागू करना शामिल है, जिसका उपयोग करके गटर के पानी को साफ़ करके पीने योग्य बनाया जा सकता है। लेकिन ये सभी परियोजनाएं अभी project के चरण से आगे नहीं बढ़ पाई हैं।

Delhi की जल मंत्री ने क्या कहाँ जल संकट को लेकर

जल मंत्री आतिशी ने मंगलवार को  Water Crisis दिल्ली सचिवालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा सरकार की तरफ से दायर किए गए एफिडेविट के आंकड़ों से यह साफ हो गया है कि हरियाणा जानबूझकर दिल्ली के हिस्से का पानी रोक रहा है। आतिशी ने कहा कि ये आंकड़े साफ करते है कि हरियाणा ने मुनक नहर के जरिए दिल्ली को कम पानी दिया गया है। हरियाणा ने मुनक नहर से दिल्ली के लिए 1050 क्यूसेक के बजाय 985 क्यूसेक पानी छोड़ा है, जो ट्रांसमिशन लॉस की वजह से दिल्ली पहुंचते-पहुंचते और कम हो गया है।

इससे पानी का उत्पादन कम हो रहा है और दिल्लीवाले परेशान हो रहे हैं। आतिशी ने कहा कि हम ये सभी आंकड़े सुप्रीम कोर्ट में जमा करेंगे और कोर्ट को बताएंगे कि कैसे हरियाणा सरकार सुप्रीम कोर्ट की भी अपमान कर रही है। आतिशी ने एलजी के बयान पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एलजी के अनुसार हरियाणा से पूरा पानी आ रहा है, मुनक नहर में मरम्मत की जरूरत है

मुनक नहर की मेटिनेस का पूरा काम भी हरियाणा सिंचाई विभाग के अंतर्गत आता है। अगर मुनक नहर को रिपेयर नहीं किया जा रहा है, तो ये हरियाणा के सिंचाई विभाग की गलती है। इसी तरह अगर बवाना से पहले कम पानी आ रहा है, तो इसका मतलब है कि टैंकरों के जरिए हरियाणा में ही पानी चुराया जा रहा है |

सुप्रीम कोर्ट ने जल संकट को लेकर क्या कार्यवाही करी

Water Crisis पानी की कमी पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से सवाल किया कि आपने टैंकर माफिया के खिलाफ क्या एक्शन लिया? पानी की बर्बादी रोकने और टैंकर माफिया के खिलाफ क्या कदम उठाए? आपने टैकर माफिया पर एक्शन नहीं लिया तो हम दिल्ली पुलिस से कहेंगे कि यह उनके खिलाफ एक्शन ले।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा पानी हिमाचल प्रदेश से आ रहा है तो दिल्ली में ये पानी जा कहां रहा है। पानी टैंकर में जा रहा है लेकिन वही पानी पाइपलाइन में नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने 6 जून को दिल्ली में पानी की कमी से छुटकारा दिलाने के लिए आदेश पारित किया की हरियाणा वह हिमाचल द्वारा दिल्ली के लिए रिलीज किए जाने वाले पानी को बिना बाधा के दिल्ली के लिए छोड़े पानी को लेकर किसी भी तरह की कोई राजनीति नही करी जानी चाहिए|
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार की भी खिचाई की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपने पहले 137 क्यूसेक अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने की बात कही थी लेकिन बाद में कहा कि पहले से पानी प्रवाहित किया जा चुका है। पहले के बयान के आधार पर हमने आदेश पारित किया था। अगर आप पहले से ही पानी छोड़ रहे थे तो गलत बयान क्यो दर्ज किया जल मंत्री आतिशी ने LG विनय सक्सेना को पत्र लिखकर मांग की कि मुनक नहर से पानी चोरी करने वाले टैंकर माफिया पर नजर रखने के लिए एसीपी स्तर के पुलिस अफसर को नियुक्त किया जाए। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम बने, जो मुनक नहर की रोजाना पट्रोलिंग करे। आतिशी ने जल बोर्ड अफसरों और माफिया के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया ऐसे ही खबरो के लिए जुङे रहे नीतिपथ से आपकी क्या राय है comment box में जरुर बताए |

                                                                                       नीतिपथ के लिए पूजा मिश्रा की रिपोर्ट

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