बुलडोजर एक्शन पर SC का कड़ा रुख: बिना न्यायिक प्रक्रिया घर गिराना गलत
घर सपना है, जो कभी न टूटे कवि प्रदीप की इन पंक्तियों का हवाला देते हुए सुप्रिम कोर्ट के जस्टिस गवई ने बुलडोजर एक्शन पर जवाब दिया । SC ने साफ किया कि बिना न्यायिक प्रक्रिया के किसी का भी घर गिराकर उसे सजा नहीं दी जा सकती। जस्टिस गवई ने कहा कि अगर किसी पर आरोप है, तो उसके लिए न्यायिक प्रक्रिया होनी चाहिए। प्रशासन जज नहीं बन सकता। बिना वकालत के किसी को दोषी ठहराकर उसके घर को नहीं गिरा सकता।” इस फैसले में कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए। और अगर बिना किसी आदेश के कोई घर गिराता है, तो उस प्रशासनिक अधिकारी को जवाब देना होगा…… actually सुप्रीम कोर्ट का यह नया मानदंड स्थापित किया है – जिसमें केवल न्यायालय ही सही तरीके से सजा दे सकता है,
