कोलकाता डॉक्टर रेप केस: ममता सरकार का बड़ा फैसला, लेकिन जूनियर डॉक्टरों का काम पर लौटने से इनकार

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ममता सरकार का बड़ा फैसला

CM ममता बनर्जी ने डॉक्टरों के रेप और मर्डर मामले के सिलसिले में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। पिछले एक महीने से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, राज्य सरकार ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कई शीर्ष अधिकारियों को हटाने का फैसला किया है।16 सितंबर की रात को, ममता बनर्जी ने कालीघाट स्थित अपने आवास पर जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की।

इस बैठक के बाद उन्होंने कोलकाता के कमिश्नर ऑफ पुलिस, विनीत कुमार गोयल सहित अन्य अधिकारियों को हटाने की घोषणा की। इसके तहत पुलिस उपायुक्त (उत्तर) अभिषेक गुप्ता, चिकित्सा शिक्षा निदेशक (DME) देबाशीष हलदर, और स्वास्थ्य सेवा निदेशक (DHS) कौस्तव नायक को भी हटाया गया है।हालांकि, इस फैसले के बावजूद जूनियर डॉक्टरों ने काम पर लौटने से इनकार कर दिया है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह आंदोलन की जीत है, लेकिन हमारी सभी मांगें अभी तक स्वीकार नहीं हुई हैं। हम सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई तक काम बंद रखेंगे।”

डॉक्टरों ने स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जब तक यह समस्या बनी रहेगी, वे काम पर नहीं लौटेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से RG Kar College में चल रहे निर्माण कार्यों और स्वास्थ्य संबंधी गोपनीय जानकारियों को हटाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की।मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “हमने जूनियर डॉक्टरों से काम पर लौटने का अनुरोध किया है।

मैंने CP से बात की है और उन्हें विश्वास में लिया है।” उन्होंने यह भी बताया कि नए कमिश्नर की घोषणा 17 सितंबर को की जाएगी।पिछले हफ्ते, जूनियर डॉक्टरों ने ममता बनर्जी से मिलने से इनकार कर दिया था, लेकिन आखिरकार बैठक की पूरी प्रतिलिपि तैयार करने पर सहमति बनी।इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, यह देखना बाकी है, लेकिन डॉक्टरों की नाराजगी और सरकार के फैसले के बीच यह स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।ऐसे ही न्यु updates के लिए जुङे रहे नीतिपथ न्युज से जय हिन्द |

Pooja Mishra

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