कोलकाता दुष्कर्म केस: जज ने सीबीआई को फटकार, संजय रॉय ने हत्या से इनकार किया
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में लेडी डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले की सुनवाई के दौरान एक अप्रत्याशित घटनाक्रम ने सबका ध्यान खींचा। सियालदह कोर्ट की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पामेला गुप्ता ने सीबीआई और सरकारी वकील की देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान, जज ने यहाँ तक कह डाला कि क्या उन्हें संजय रॉय को जमानत दे देनी चाहिए, जो कि इस मामले के मुख्य संदिग्ध हैं।संजय रॉय की जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान, सीबीआई के जांच अधिकारी और सरकारी वकील दीपक पोरिया समय पर नहीं पहुंचे। जब सीबीआई अधिकारी ने शाम 4:10 बजे इस देरी की सूचना दी, तो जज पामेला गुप्ता ने कहा, “अगर वकील मौजूद नहीं हैं, तो संजय रॉय को जमानत मिल जानी चाहिए।”
कुछ समय इंतजार करने के बाद भी जब वकील नहीं पहुंचे, तो जज ने सीबीआई अधिकारी को दीपक पोरिया को कॉल करने को कहा और स्थिति की गंभीरता को रेखांकित किया।जब सीबीआई की जांच अधिकारी कोर्ट रूम से बाहर जाकर 15 मिनट बाद वापस आईं, तो उन्होंने बताया कि दीपक पोरिया आ रहे हैं। दीपक पोरिया शाम 5:00 बजे पहुंचे, लेकिन इस बीच बचाव पक्ष की वकील कविता सरकार ने सवाल उठाया कि पिछले सुनवाई में शामिल होने वाले वकील इस बार सीबीआई का प्रतिनिधित्व क्यों नहीं कर रहे। दीपक पोरिया ने जवाब देते हुए कहा कि वह जांच एजेंसी के फुलटाइम वकील हैं और उन्होंने बिना किसी विशेष कारण के संजय रॉय की जमानत का विरोध किया।पोरिया ने तर्क किया कि संजय रॉय की रिहाई से जांच में बाधा आ सकती है। इस पर जज पामेला गुप्ता ने सीबीआई को त्वरित एक्शन लेने की सलाह दी और संजय रॉय की जमानत याचिका खारिज कर दी। साथ ही, संजय रॉय को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
टीएमसी ने सीबीआई पर उठाए सवाल
इस घटनाक्रम के बाद, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सीबीआई और भाजपा पर हमला बोला। टीएमसी के राज्यसभा सांसद साकेत गोखले ने आरोप लगाया कि सीबीआई जानबूझकर संजय रॉय को जमानत पर रिहा करना चाहती है और यह एक राजनीतिक एजेंडा के तहत किया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “सीबीआई बलात्कार और हत्या के आरोपी राक्षस को जमानत पर रिहा करवाना चाहती है। यह सीबीआई, भाजपा और मोदी सरकार द्वारा राजनीतिक एजेंडा चलाने और इस मामले को दबाने के प्रयास का हिस्सा है।”
संजय रॉय का पॉलीग्राफ टेस्ट: “मैंने हत्या नहीं की
आरजी कर अस्पताल में बलात्कार और हत्या मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी संजय रॉय ने पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान हैरान करने वाला बयान दिया है। सूत्रों के मुताबिक, टेस्ट के दौरान संजय रॉय ने कहा कि “मुझे फंसाया गया है, मैंने हत्या नहीं की। मैं तो शव देखकर भाग गया था।”सीबीआई ने संजय से गहन पूछताछ की है और 25 अगस्त को कोलकाता की प्रेसिडेंसी जेल में उसका पॉलीग्राफ टेस्ट कराया है। इस बीच, सीबीआई संजय के बाद किसी अन्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है, और मामले की जांच अभी जारी है।इस घटनाक्रम ने कोलकाता में न्याय प्रणाली और जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि इस मामले में आगे की कार्रवाई किस दिशा में जाती है और न्याय की प्रक्रिया में क्या बदलाव आता है।
–Pooja Mishra
