उत्तर प्रदेश के चांदपुर इलाके के काफि सारे गांवों के 120 से ज्यादा लोगों को food poisoning के कारण hospital में admitकिया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी कि प्रभावित लोगों ने नवरात्रि के पहले दिन कुट्टू के आटे से बने भोजन खाया था, जिसके बाद उन्हें उल्टी, घबराहट और बुखार जैसे लक्षण दिखाई दिए।Chief Medical Officer Koshlendra Singh ने बताया कि रौनिया, बागड़पुर, महमूदपुर, स्याऊ और मंसूरपुर गांवों से मामले सामने आए हैं।
District Magistrate Ankit Kumar Aggarwal ने कहा, “लगभग 125-150 लोगों के बीमार होने का अनुमान है। हम अलग-अलग health facilities से data collected कर रहे हैं ताकि एक detailed list तैयार की जा सके।” अग्रवाल ने यह भी कहा कि यह food poisoning का मामला लगता है। प्रभावित व्यक्तियों में उल्टी और दस्त के लक्षण हैं, जिनका इलाज निजी डॉक्टरों से किया जा रहा है।
कुट्टू का आटा से बनी डिश ने मचाई हलचल: चांदपुर में 120 लोग बीमार, अस्पताल में भर्ती
स्थानीय ग्राम प्रधानों को food poisoning के symptoms पर नजर रखने और प्रभावित लोगों को समय पर इलाज मौजूद कराने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, स्थानीय दुकानों से कुट्टू के आटे के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। अग्रवाल ने कहा, “रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”कुट्टू का आटा, जिसे ‘कुट्टू का आटा’ भी कहा जाता है, नवरात्रि के उपवास के दौरान खासतौर पर use किया जाता है। ।
कुट्टू का आटा फलों के बीजों से बनता है और इसमें प्रोटीन, मैग्नीशियम, विटामिन बी6, आयरन और अन्य पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है। कुट्टू में उच्च आहार फाइबर सामग्री चयापचय को बढ़ावा देने, पाचन में सुधार करने और वजन कम करने में मदद करती है। नवरात्रि आहार में कुट्टू को शामिल करने से सूजन और अपच को कम करने में भी सहायक हो सकता है। इस घटना ने नवरात्रि के दौरान आहार सुरक्षा और स्वास्थ्य पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित किया है, जिससे स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की आवश्यकता महसूस हो रही है।
–Pooja Mishra
