कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने देश में वक्फ बोर्ड के अस्तित्व पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि वक्फ बोर्ड देश में कार्यरत है, तो सनातन बोर्ड का भी निर्माण आवश्यक है। उन्होंने तिरुपति मंदिर के प्रसाद में चर्बी मिलाने के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “100 करोड़ हिंदुओं का धर्म भ्रष्ट” करने जैसा गंभीर अपराध बताया और दोषियों को कठोर दंड की मांग की है।
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि देश में वक्फ बोर्ड की बड़ी संपत्ति है, और यदि इसका अस्तित्व है, तो सनातन धर्म से जुड़े अनुयायियों के लिए भी समान रूप से जमीन और अधिकार दिए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड के पास संसद और कई अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी दावे हैं। “10-12 साल बाद वक्फ बोर्ड देश भर पर दावा ठोक सकता है,” उन्होंने चेतावनी दी।
ठाकुर ने राजनीतिक पार्टियों से अपील की है कि वे सनातन बोर्ड के समर्थन में खुलकर आएं और इस मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय दें। इसी विषय पर चर्चा के लिए उन्होंने 16 नवंबर को दिल्ली में एक विशाल धर्म संसद के आयोजन की भी घोषणा की है।
ठाकुर के अनुसार, इस धर्म संसद में लव जिहाद, गौ हत्या, कृष्ण जन्मभूमि पुनः प्राप्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही उन्होंने जामा मस्जिद की सीढ़ियों में भगवान केशव की छवि को पुनः प्राप्त करने का भी संकल्प दोहराया।
तिरुपति मंदिर के प्रसाद में चर्बी मिलाने के आरोप पर देवकीनंदन ठाकुर ने इस घटना को “100 करोड़ हिंदुओं की हत्या” के समान गंभीर बताते हुए दोषियों को फांसी और आजीवन कारावास जैसी सख्त सजा की वकालत की। उन्होंने इसे हिंदू समाज के खिलाफ एक बड़ी साजिश करार दिया और जनता से इस धर्म संसद में भाग लेने की अपील की।
दिल्ली में 16 नवंबर को आयोजित होने वाली इस धर्म संसद का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म के अधिकारों की रक्षा और समाज में एकता का संदेश देना है।
