Nitipath

आम आदमी पार्टी छोड़ कैलाश गहलोत (kailash gehlo) भाजपा में शामिल, खट्टर ने दिलाई सदस्यता

 कैलाश गहलोत (kailash gehlo) भाजपा में शामिल: आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद बड़ा राजनीतिक कदम आम आदमी पार्टी के पूर्व सदस्या और नजफगढ़ से विधायक कैलाश गहलोत (kailash gehlo) आज भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा मुख्यालय में कैलाश गहलोत को मनोहर लाल खट्टर ने सदस्यता दिलाई है। वहीं इस दौरान दिल्ली भाजपा के कई वरिष्ठ नेता वहां मौजूद रहे। कैलाश गहलोत ने रविवार को ही आप की प्राथमिक सदस्यता और मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। कैलाश गहलोत ने 19 फरवरी 2015 ने परिवहन मंत्री के रूप शपथ ली थी। उसके बाद वह लगातार तीन बार मंत्री बनाए गए। इस्तीफा देने से पहले कैलाश गहलोत ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए।गहलोत ने कहा कि इस समय आम आदमी पार्टी गंभीर चुनौतियां से गुजर रही है औऱ वह जनता को किए गए वायदें को पूरा नही कर पा रहे है .
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Exit Poll Highlights: Haryana में Congress की बढ़त

Exit Poll Highlights: Haryana में Congress की बढ़त, Jammu-Kashmir में NC के साथ Partnership में उछाल

Haryana और Jammu Kashmir विधानसभा चुनावों के Exit poll में कांग्रेस को बढ़त Haryana और Jammu Kashmir में विधानसभा चुनावों के Exit poll ने कांग्रेस और उसके alliance को महत्वपूर्ण बढ़त दिखाई है, जबकि BJP की Situation कमजोर नजर आ रही है।Haryana में 90 विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनावों के Exit Poll के अनुसार, Congress को 50-55 Seat मिलने की उम्मीद है, जबकि BJP को केवल 20-28 सीटें मिल सकती हैं। अन्य दलों के लिए 10-16 सीटें मिलने का अनुमान है। BJP ने पिछले 10 वर्षों में सत्ता में रहते हुए जातिगत Equation पर काम किया है, लेकिन Political experts का मानना है कि हरियाणा एक किसान प्रधान राज्य है, जहां जातिगत equation का प्रभाव सीमित हो सकता है।Jammu-Kashmir में भी 90 सीटों के लिए चुनाव हुए हैं। exit poll के मुताबिक, Congress और National Conference alliance को 35-45 सीटें मिल सकती हैं, जबकि BJP के लिए 24-34 सीटें मिलने की possibility है। Exit Poll: Haryana और Jammu-Kashmir में Congress की बढ़त, BJP को झटका Jammu क्षेत्र में BJP को लगभग 44% वोट मिलने की उम्मीद है, जबकि कांग्रेस-NC गठबंधन को 34% वोट मिल सकते हैं।वही इस चुनाव में PDP के वोट में 12% की कमी आई है. इन चुनाव से related कुछ विशेष बातो पर भी ध्यान देगे जैसे:- हरियाणा में 51 से ज्यादा सीटें आने की उम्मीद जताई जा रही है, जो कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। BJP की सीटें कम होना भी political analysts के लिए चौंकाने वाला है।जम्मू-कश्मीर में यह चुनाव अनुच्छेद 370 के हटने के बाद पहली बार हो रहे हैं, जिसके कारण इन चुनावों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में चुनाव तीन चरणों में हुए थे: 18 सितंबर, 25 सितंबर, और 1 अक्टूबर 2024। चुनाव परिणाम 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।इन चुनावों के नतीजों पर पुरे देश की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि ये चुनाव इस क्षेत्र के राजनीतिक भविष्य को नया आकार देने में important role play करेगा। –Pooja Mishra
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Bharat Ke PM मोदी के नाम X पर नया रिकॉर्ड

Bharat Ke PM मोदी के नाम X पर नया रिकॉर्ड, ‘एक्स’ पर फॉलोअर्स की संख्या पहुंची 100 मिलियन के पार

Bharat Ke PM मोदी के नाम X पर नया रिकॉर्ड PM मोदी ने रविवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है.सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनके फॉलोअर्स की संख्या 100 मिलियन हो गई है.प्रधानमंत्री मोदी सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर सबसे ज्यादा फॉलोवर वाले दुनिया के दूसरे राजनेता है और भारत के पहले नेता है. उन्हें 100 मिलियन लोग फॉलो करते हैं. Bharat Ke PM मोदी  से अधिक फॉलोअर्स सिर्फ पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के हैं. बराक ओबामा के 131.7 मिलियन फॉलोअर्स हैं. इसके बाद भारत के प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी हैं.मोदी के 100 Millon फॉलोअर्स हो गए हैं अब और इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप हैं. उनके 87.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं. Bharat Ke PM मोदी के नाम X पर नया रिकॉर्ड, ‘एक्स‘ पर फॉलोअर्स की संख्या पहुंची 100 Million के पार चौथे नंबर पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो.बाइडन हैं, उनके 38.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं. पांचवें स्थान पर तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब इरदुगान हैं.  इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के सोशल मीडिया एक्स पर 2.4 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं. भारत में कोई भी नेता प्रधानमंत्री के आसपास भी नहीं हैं. Bharat Ke PM मोदी के 100 मिलियन फॉलोअर्स ‘इंडिया ब्लॉक’ के सभी नेताओं के फॉलोअर्स (95 मिलियन) को मिलाकर भी ज्यादा हैं. भारतीय नेताओं की बात करें तो सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर राहुल गांधी के 26.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं. दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल के 27.5 और अखिलेश यादव के 19.9 मिलियन फॉलोअर्स हैं. पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी के 7.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं. इसके अलावा  राजद के लालू प्रसाद यादव के 6.3 मिलियन, तेजस्वी यादव के 5.2 मिलियन और राकांपा प्रमुख शरद पवार के 2.9 मिलियन फॉलोअर्स हैं. ऐसे ही खबरो के लिए जुङे रहे नीतिपथ से आपकी क्या राय है comment box में जरुर बताए | –Pooja Mishra
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आत्मनिर्भर भारत

आत्मनिर्भर भारत: मोदी सरकार के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार और प्रगति

आत्मनिर्भर भारत: मोदी सरकार की रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां आत्मनिर्भर भारत : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के guidance में केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के aim को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, especially defense sector में। 2014 में सत्ता संभालने के बाद से, Make In India अभियान के तहत देश में defense material के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। एक समय था जब भारत में इस्तेमाल होने वाली 65-70 प्रतिशत रक्षा सामग्री import की जाती थी, लेकिन अब यह आंकड़ा घटकर केवल 35 प्रतिशत रह गया है। Present में भारत 65 प्रतिशत रक्षा equipment का production अपने देश में कर रहा है और defense exports में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 21,000 करोड़ रुपये को पार कर गया है, और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का लक्ष्य है कि यह 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचे।रक्षा मंत्रालय ने 509 defense material और 5012 materials की सूची जारी की है, जिन्हें देश में ही produced किया जाएगा। आत्मनिर्भर भारत: भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का उदय: मोदी सरकार की प्रेरक यात्रा आत्मनिर्भर भारत: इस साल रक्षा production का लक्ष्य 1.75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है, जो 2029 तक 3 से 3.5 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।भारत में defense industry को बढ़ावा देने के लिए UP और तमिलनाडु में दो industrial corridor स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, domestic industries के लिए 2022-23 में रक्षा सामग्री की खरीद का 68 प्रतिशत हिस्सा reserved किया गया है।रक्षा मंत्रालय ने रिसर्च और डेवेलपमेंट के लिए बजट का 25 प्रतिशत आवंटित किया है, जिससे innovation को बढ़ावा मिल रहा है। सरकार ने भारतीय सेना के लिए रुस्तम-2 यूएवी और निर्भय सबसोनिक क्रूज मिसाइल जैसी तकनीकों का विकास किया है।भारत ने 100 से अधिक देशों को defense equipment का exportation शुरू कर दिया है, जिसमें प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों का योगदान महत्वपूर्ण है। अब तक लगभग 60 प्रतिशत रक्षा export pvt कंपनियों द्वारा किया जा रहा है।मोदी सरकार ने CDC means Chief of Defense Staff की नियुक्ति जैसी कई सुधारों के जरिए तीनों सेनाओं के बीच coordination स्थापित किया है। इन सभी उपायों के साथ, प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सेना के जवानों के साथ active रूप से बातचीत कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति गंभीर है और सेना की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए committed है। ऐसे ही और अपडेट के लिए बने रहें नितिपथ के साथ। धन्यवाद –Pooja Mishra
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Dushyant Chautala

Dushyant Chautala हरियाणा की सियासत में नीतीश कुमार जैसा रोल क्यों तलाश रहे हैं?

हरियाणा के Former Deputy CM Dushyant Chautalaआने वाले चुनावों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरह किंगमेकर नहीं, बल्कि किंग बनने की कोशिश में हैं। उन्होंने हाल ही में कहा कि इस बार “ताला भी हमारा होगा और चाबी भी हमारी होगी,” जिससे उनके इरादे स्पष्ट हो गए हैं।दुष्यंत ने नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे नीतीश ने अपनी पार्टी के साथ 42 विधायकों के बावजूद BJP के साथ मिलकर सरकार बनाई। नीतीश कुमार की तरह किंग बनने की तैयारी उनका इशारा साफ था कि वे हरियाणा में भी ऐसा ही राजनीतिक समीकरण बनाने की योजना बना रहे हैं।दुष्यंत चौटाला की रणनीति में कुछ प्रमुख बिंदु शामिल हैं। पहला, उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय युवाओं के लिए 75% Reservation और पंचायतों में महिलाओं के लिए 50% Reservation की बात की है। उनका फोकस न केवल जाट समुदाय पर है, बल्कि वह खुद को एक युवा और महिला supporters नेता के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। दुष्यंत चौटाला: किंगमेकर या किंग? दूसरा, हरियाणा में BJP और Congress के बीच मुख्य मुकाबला होने के बावजूद, क्षेत्रीय पार्टियों के लिए राजनीतिक अवसर मौजूद हैं। Dushyant Chautala के लिए INLD के कमजोर होने के बाद JJP के रूप में एक मजबूत क्षेत्रीय विकल्प स्थापित करना फायदेमंद हो सकता है।तीसरा, Dushyant Chautala ने झारखंड और कर्नाटक में हंग असेंबली के उदाहरणों का हवाला दिया, जहां छोटे दलों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। उनका मानना है कि हरियाणा में भी ऐसे समीकरण बन सकते हैं, जिसमें JJP एक प्रमुख भूमिका निभा सकती है। हरियाणा की राजनीति में क्षेत्रीय दलों के लिए अवसर Dushyant Chautala की नीतीश कुमार की तरह किंग बनने की कोशिश हरियाणा की राजनीति में क्षेत्रीय दलों की बढ़ती ताकत को दर्शाती है। उनका फोकस महिलाओं और युवाओं पर है, और वे JJP के माध्यम से एक मजबूत विकल्प पेश करने के लिए तैयार हैं। अब देखना यह है कि क्या Dushyant Chautala अपनी रणनीति को सफल बना पाते हैं या फिर उन्हें किंगमेकर की भूमिका में संतोष करना पड़ेगा। ऐसे ही और अपडेट के लिए बने रहें नितिपथ के साथ। धन्यवाद| Pooja Mishra
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Yogi आदित्यनाथ

Yogi आदित्यनाथ का जम्मू-कश्मीर में चुनावी दौरा: ताबड़तोड़ रैलियां

Jammu – Kashmir में चुनावी माहौल को गर्म करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi आदित्यनाथ आज से तीन रैलियों को सम्बोधित करेगे उनका पहला पड़ाव जम्मू के छम्ब विधानसभा क्षेत्र में दोपहर 12 बजे होगा। इसके बाद, वे रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में BJP के समर्थन में माहौल बनाने के लिए दोपहर 1:30 बजे पहुंचेंगे। उनकी तीसरी और अंतिम रैली RS पुरा दक्षिण जम्मू में दोपहर 3 बजे होगी।Jammu – Kashmir में अब तक दो चरणों का मतदान हो चुका है, और तीसरे चरण के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। CM Yogi आदित्यनाथ की तीन प्रमुख रैलियां: जम्मू-कश्मीर चुनाव का प्रचार अभियान तेज BJP ने अपने गढ़ माने जाने वाले हिंदू बहुल जिलों जम्मू, सांबा, कठुआ और उधमपुर पर ध्यान केंद्रित किया है, जहां तीसरे चरण में मतदान होना है। CM Yogi आदित्यनाथ के साथ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी आज जम्मू संभाग में पांच चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। उनके कार्यक्रम की शुरुआत चनैनी में सुबह 10:30 बजे होगी। इसके बाद वे उधमपुर पश्चिम, बनी, जसरोटा और मढ़ में रैलियां करेंगे।पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा भी इस चुनावी प्रचार में भाग लेंगे। BJP का लक्ष्य: हिंदू बहुल क्षेत्रों में फिर से बहुमत पाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को जम्मू में एक बड़ी रैली को संबोधित करने वाले हैं।तीसरे चरण में 40 सीटों पर वोटिंग एक अक्टूबर को होगी, जिसमें जम्मू, बांदीपोरा, उधमपुर, कुपवाड़ा, सांबा, बारामूला, कठुआ आदि शामिल हैं। चुनाव परिणाम 8 अक्टूबर को आएंगे।BJP की रणनीति यह है कि वह अपने मजबूत क्षेत्रों में एक बार फिर से बहुमत हासिल कर सके, और इसके लिए पार्टी के शीर्ष नेताओं का चुनावी दौरा काफी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। ऐसे ही और अपडेट के लिए बने रहें नितिपथ के साथ। धन्यवाद! Pooja Mishra
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Narendra Modi

Narendra Modi का डोडा में कांग्रेस, एनसी और पीडीपी पर कड़ा हमला: जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का वादा

Narendra Modi का डोडा में कांग्रेस पर हमला जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का आश्वासन प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आज जम्मू-कश्मीर के डोडा में एक महत्वपूर्ण जनसभा को संबोधित किया और इस दौरान कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी पर तीखा हमला किया। पीएम Narendra Modi ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद अब अपनी अंतिम सांसें ले रहा है और पिछले दस वर्षों में हुए बदलाव किसी सपने से कम नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो पत्थर पहले पुलिस और फौज पर फेंके जाते थे, अब वही पत्थर नए जम्मू-कश्मीर के निर्माण में सहायक हो रहे हैं। पीएम ने कुछ खास बाते कही पीएम Narendra Modi ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के तीन प्रमुख परिवारों ने राज्य की जनता के साथ अन्याय किया है। उन्होंने इस चुनाव को जम्मू-कश्मीर का भाग्य तय करने वाला बताया . Narendra Modi ने कांग्रेस के अध्यक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस का एकमात्र एजेंडा Narendra Modi और भाजपा नेताओं को जेल भेजना है पीएम Narendra Modi ने आरोप लगाया कि इन दलों ने बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान की आत्मा को नष्ट कर दिया और जम्मू-कश्मीर में दो संविधान चलाए। पीएम Narendra Modi ने आश्वासन दिया कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा भाजपा सरकार ही देगी, लेकिन लोगों को उन नेताओं से सावधान रहना होगा जिन्होंने उनके अधिकार छीन लिए थे | ~ Khushi Sharma
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टेक्सास यूनिवर्सिटी

टेक्सास यूनिवर्सिटी में राहुल गांधी: बेरोजगारी से लेकर RSS की भूमिका तक गंभीर चर्चा

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के प्रमुख नेता राहुल गांधी, अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने टेक्सास यूनिवर्सिटी में विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय दी , जिनमें भारत और पश्चिमी देशों में बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षा प्रणाली की खामियां, और भारतीय राजनीति में RSS की भूमिका पर गंभीर आलोचना शामिल है। टेक्सास यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने भारत और पश्चिमी देशों में बढ़ती बेरोजगारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत को अपने उत्पादन में सुधार करने की जरूरत है ताकि नौकरियों की समस्या से निपटा जा सके। उन्होंने चीन और वियतनाम जैसे देशों का उदाहरण दिया, जो इस समय वैश्विक उत्पादन में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। राहुल गांधी के अनुसार, “पश्चिमी देशों ने उत्पादन का नेतृत्व छोड़ दिया है, जिससे चीन और वियतनाम जैसे देशों को फायदा हुआ है।” उन्होंने भारत से भी उत्पादन के प्रति अपना दृष्टिकोण बदलने की मांग की। भारत में लोकतंत्र, बेरोजगारी और शिक्षा सुधार पर राहुल गांधी का अमेरिकी दौरे में बड़ा बयान राहुल गांधी ने एक अन्य कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी और RSS पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “RSS का मानना है कि भारत एक विचार है, जबकि हम मानते हैं कि भारत कई विचारों का संगम है।” उन्होंने भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया और कहा कि प्रधानमंत्री संविधान पर हमला कर रहे हैं। राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के बारे में भी बात की और बताया कि इस यात्रा ने उनके राजनीतिक दृष्टिकोण को कैसे बदला। उन्होंने कहा, “इस यात्रा ने मुझे राजनीति में प्रेम के विचार को समझाया।” उन्होंने इस यात्रा को अपने लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव बताया, जिसने उनके काम के बारे में सोचने का तरीका बदल दिया। भारत में कौशल और शिक्षा प्रणाली के बारे में बात करते हुए, राहुल गांधी ने कहा कि असली समस्या कौशल की कमी नहीं, बल्कि कुशल लोगों के प्रति सम्मान की कमी है। उन्होंने भारतीय शिक्षा प्रणाली और व्यवसाय क्षेत्र के बीच बेहतर एकीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी चर्चा की और कहा कि यह कुछ नौकरियों को खत्म कर सकता है, लेकिन यह नई नौकरियां भी पैदा करेगा। –Khushi Sharma
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Jammu-Kashmir की राजनीति में परिवारगत नेतृत्व का उदय: क्या बदलाव की उम्मीद है?

Jammu-Kashmir की राजनीति में परिवारगत नेतृत्व का उदय: क्या बदलाव की उम्मीद है?

Jammu – Kashmir राजनीतिक विरासत का नया दौर: उभरते नेता अपने परिवाद की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं Jammu – Kashmir की राजनीति में एक नई पीढ़ी के नेताओं की एंट्री हो रही है, जो अपने परिवार की राजनीतिक और सांस्कृतिक विरासत और अपने परिवाद की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। यह परिवारगत राजनीति राज्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव की दिशा में बाधा को दिखा रही है।पूर्व एनसी नेता और People’s Democratic Party (PDP) के सदस्य दिवंगत सादिक अली के बेटे तनवीर सादिक ने अपने पिता की राजनीतिक और सांस्कृतिक विरासत को अपनाते हुए एक नए युग की शुरुआत की है। सादिक अली के नेतृत्व में एनसी ने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसले लिए थे और अब तनवीर अपने परिवारवाद की परंपरा अपनाते हुए राजनीतिक सक्रियता में योगदान दे रहे हैं।पूर्व कांग्रेस नेता गुलाम रसूल कर के बेटे इरशाद रसूल कर ने भी अपने पिता की ऐतिहासिक राजनीति को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। इरशाद ने अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे है लेकिन यह बदलाव सिर्फ झासा है क्योकि सिर्फ चेहरा नया है लेकिन सोच पुरानी और इरशाद रसूल अपने पिता की तरह ही बड़े राजनीतिक उद्देश्य प्राप्त करने की उम्मीद कर रहे है लेकिन हमें नई सोच नए बदलाव की जरुत है।जम्मू और कश्मीर के पूर्व विधायक मुहम्मद शफी के बेटे सज्जाद शफी भी अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। मुहम्मद शफी ने उरी विधानसभा क्षेत्र का वर्षों तक प्रतिनिधित्व किया और अब सज्जाद उनकी इस राह पर चलकर क्षेत्र की समस्याओं को हल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।वरिष्ठ एनसी नेता और रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी रेयाज बेदार के बेटे जाविद रेयाज बेदार ने अपने पिता की राजनीतिक और प्रशासनिक विरासत को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। जाविद की राजनीति में एंट्री ने क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार किया है।विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष मुहम्मद अकबर लोन के बेटे हिलाल अकबर लोन ने भी राजनीति में कदम रखा है। उनके पिता का राजनीतिक अनुभव और प्रभावशाली कैरियर हिलाल की राजनीति में मददगार साबित हो रहा है। कैबिनेट मंत्री, स्पीकर और सांसद जैसे पदों पर रहने के बाद, हिलाल की एंट्री को एक बड़ी राजनीतिक विरासत के रूप में देखा जा रहा है।ये सभी उभरते नेता अपने परिवारवाद की परंपराओं और उन परिवारों की निजी नीतियो के हिसाब से चल रहे हैं.. तो आप क्या सोचते हैं इसको लेके…क्या आपको नही लगता की ऐसी राजनीतिक पार्टियों को अपनी परिवाद वाली परिपाटी को तोड़ के जनता के बीच से आये ऐसे उम्मीदवारों को मौक़ा देना चाहिए जो एक नयी सियासत के साथ समाज के निर्माण की योजना नये सिरे से तैयार करे और उन योजनाओं को हक़ीक़त की ज़मीन पर उतारे और.. इस पर हमें comment box में अपनी राय लिखकर जरुर भेजिएगा | –Pooja Mishra
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अमित शाह का महाराष्ट्र दौरा

अमित शाह का महाराष्ट्र दौरा: चुनाव पूर्व रणनीति और विवादास्पद बयानों पर चर्चा

अमित शाह का महाराष्ट्र दौरा: चुनाव पूर्व रणनीति और विवादास्पद बयानों पर चर्चा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार देर रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, और अजित पवार के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक शाह के दो दिवसीय महाराष्ट्र दौरे के दौरान सहयाद्री राजकीय अतिथि गृह में आयोजित की गई। बैठक में विधानसभा चुनावों की तैयारी और विभिन्न सरकारी योजनाओं पर लोगों की प्रतिक्रियाओं पर चर्चा की गई।महाराष्ट्र में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है, और इस संदर्भ में शाह ने बीजेपी नेताओं को चुनावी रणनीति पर ध्यान देने के निर्देश दिए। बैठक में सीएम शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी द्वारा हाल ही में दिए गए विवादास्पद बयानों पर भी चर्चा की गई।बीजेपी सूत्रों के अनुसार, अमित शाह ने पार्टी नेताओं को सार्वजनिक विवादों से बचने और महायुति में एकता की छवि प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जीतने की क्षमता वाले उपयुक्त उम्मीदवारों का चयन करना चाहिए और विरोधियों के फेक नैरेटिव का प्रभावी जवाब देना चाहिए। अमित शाह ने बीजेपी के आंतरिक सर्वे पर भी चर्चा की और पार्टी के कुछ विधायकों के प्रदर्शन को संतोषजनक नहीं माना। उन्होंने बीजेपी नेताओं को राज्य सरकार द्वारा लिए गए फैसलों और योजनाओं को व्यापक जनसमर्थन दिलाने का आदेश दिया और सीटों के वितरण पर उचित फैसला लेने को कहा।गणेश चतुर्थी के मौके पर शाह ने ‘लालबाग के राजा’ के पूजा पंडाल में माथा टेका और बप्पा के दर्शन के लिए उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के घर गए। शाह का परिवार हर साल ‘लालबाग के राजा’ के चरणों में मत्था टेकने मुंबई आता है।इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने अमित शाह के मुंबई दौरे पर तंज कसा। उन्होंने कहा, “मणिपुर में आज भी महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है और गृह मंत्री मुंबई में आकर मजे उड़ा रहे हैं। मणिपुर में जाइए, जम्मू-कश्मीर जाइए। मुंबई में आपका काम क्या है, मणिपुर में जाने की हिम्मत दिखाइए।”अमित शाह की महाराष्ट्र यात्रा और चुनाव पूर्व रणनीतिक बैठकों ने राज्य की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर नई चर्चा को जन्म दिया है। –Pooja Mishra
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