Nitipath

Donald Trump’s message to India over high tariffs

Donald Trump’s message to India over high tariffs: ‘They tax us, we tax them.’ Trump confused that equity is key, noting that if India charges a 100 in line with the cent tariff on US items, the United States will do the same in return. US President—go with Donald Trump has said his plan to impose reciprocal tariffs on countries, which includes India, that levy high obligations on American items. Speaking to journalists on Monday, Trump emphasized that if other nations tax US products, the US will reply in kind. “Reciprocal. If they tax us, we tax them the identical quantity. They tax us. We tax them. And they tax us. Almost in all instances, they may be taxing us, and we haven’t been taxing them,” news organization PTI quoted Trump as pronouncing.   Donald Trump made the feedback while responding to a query on a potential alternate settlement with China. However, he particularly pointed to India and Brazil, announcing these had been amongst the countries that impose excessive price lists on certain US products.   ‘Fairness is prime,’ says Donald Trump. In Monday’s conversation, Trump confused that equity is key, noting that if India charges a 100% tariff on US goods, America will do the same in return. “The phrase reciprocal is crucial because if somebody costs us—India, we do not have to talk about our personal—if India charges us a hundred, can we rate them nothing for the same? They send in a bicycle, and we ship them a bicycle,” Trump stated.   “They fee us 100 and two hundred. India charges loads. Brazil fees plenty. If they want to charge us, it’s fine. However, we’re going to price them the same aspect,” Trump stated at the information convention at Mar-a-Lago. Donald Trump’s remarks were echoed by Howaick, who was chosen as the commerce secretary.   Lutnick said that “reciprocity” can be a primary recognition of the new management’s exchange rules. “How you treat us is how you should expect to be handled,” Lutnick stated.   Meanwhile, the outgoing Biden administration stated on Tuesday that it was leaving the India-US dating “in a completely robust location” and exuded self-assurance that it would continue to have bipartisan help during the Donald Trump presidency as well.   “We stay very ambitious regarding the United States-India relationship. We’ve had very excessive-degree engagement over the last numerous months with the QUAD summit in Delaware, and we are anticipating an excessive-degree engagement within the last few weeks of the Biden management,” Kurt Campbell, Deputy Secretary of State, advised newshounds for the duration of a conference name in Washington on Tuesday.
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bharat canada vivad

bharat canada vivad : कनाडा का खालिस्तानी आंतकीयों से संबध,संजय कुमार वर्मा का बयान

bharat canada vivad ने लिया नया मोड:संजय वर्मा ने कहा कि कनाडा की खुफीया एजेंसी CSIS का खालिस्तानी आंतकीयों के साथ सीधा संबध है। भारत और कनाडा के बीच खालिस्तानी विवाद ग्रामाता ही जा रहा है। हरदीप निज्जर हत्याकांड मामले में कनाडा की विदेश मंत्री मेलनी जोली भारत के पूर्व हाई कमिश्नर संजय कुमार वर्मा घसीटतें हुए कहा कि भारतीय राजनीयिक आपराधिक गतिविधियों से जुड़े हुए है । जिस पर जवाब देते हुए संजय कुमार वर्मा ने मेलनी को खरी खोटी सुनाई। कनाडा में भारत के हाई कमिश्नर संजय कुमार वर्मा ने खालिस्तानियों का घर बताया कनाडा को उन्होने कहा कि ट्रूडों सरकार खालिस्तानियों को पनाह दें रही है। उन्होंने कहा कि कनाडा की खुफीया एजेंसी CSIS का खालिस्तानी आंतकीयों के साथ सीधा संबध है। जिस तरीके से कनाडा उन्हें पनाह दे रहा है। यह सही नही है । संजय कुमार वर्मा ने कहा खालिस्तानी कैनेडियन है संजय कुमार वर्मा ने सीटीवी को इंटरव्यू देते हुए कहा कि खालिस्तानी आंतकी कनाई है , इनका भारत से कोई संबंध नही है। उन्होंने कहा कि यह खालिस्तानी आंतकी भारत के खिलाफ काम करते है तो, ये भारत से कैसे हो सकते है और इन सब की वजह कनाडा के प्रधानमंत्री खुद ट्रूडों है। जिन्होने अपनी गलत नीतियों के कारण दोनो देशों के बीच संबंध को प्रभावित किया है । यह बयान उन्होंने भारत आने से कुछ समय पहले ही दिया है । इस पुरे मामले पर वर्मा ने कनाडा सरकार को खुब जमकर घेरा ।                                                                                                                                                                        – khushi sharma 
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मुख्यमंत्री आवास विवाद

मुख्यमंत्री आवास विवाद गहराया: केजरीवाल की भूमिका पर उठे सवाल, आतिशी निशाने पर

मुख्यमंत्री आवास विवाद : दिल्ली में मुख्यमंत्री आवास को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पहले अरविंद केजरीवाल और अब अतिशी के आवास को लेकर चर्चा तेज है। बुधवार को (पीडब्ल्यूडी) ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के आवास को सील कर दिया, जो हाल ही में इस्तीफे के बाद अरविंद केजरीवाल द्वारा खाली किया गया था। आतिशी कुछ दिनों पहले अपने समान के साथ उत्तरी दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित इस बंगले में शिफ्ट हुई थीं। आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया है कि उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी ने यह कार्रवाई की, जबकि विपक्ष का कहना है कि आतिशी को अवैध तरीके से बंगले में शिफ्ट किया गया। आइये आपके विस्तार से बताते है , पुरा मामला आप पार्टी के अनुसार, यह पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री का आवास जबरन खाली कराया गया है। पार्टी का दावा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उपराज्यपाल के इशारे पर यह कदम उठाया गया ताकि इस बंगले को भाजपा के किसी नेता को सौप दिया जाए । राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आतिशी को बंगला आवंटित नहीं किया जा रहा और उनका कैंप कार्यालय [यानि उनका पुराना आवास} को भी खाली कराया गया है। मुख्यमंत्री आवास विवाद: आतिशी का बंगला सील, AAP और विपक्ष आमने-सामने” मुख्यमंत्री आवास विवाद : दूसरी ओर, दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने इसे अवैध कब्जा करार दिया। उनका कहना है कि आतिशी को पहले से ही सरकारी आवास AB-17 मथुरा रोड आवंटित है, इसके बावजूद वह शीशमहल पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा जमाए हुए हैं। विजेंद्र गुप्ता ने शीशमहल को तुरंत सील करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस पूरे विवाद में अरविंद केजरीवाल की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। मुख्यमंत्री आवास विवाद : आरोप है कि मुख्यमंत्री आवास विवाद को खाली करने के बाद इसे पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर नहीं किया गया था और आतिशी का सामान वहां पहले से ही पहुंचा दिया गया। यह भी कहा जा रहा है कि बंगला देने की प्रक्रिया को दरकिनार कर के आतिशी को इसमें शिफ्ट कर दिया गया। लेकिन , एक वीडियो सामने आया जिसमें केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल को बंगले की चाबी एक अधिकारी को सौंपते हुए दिखाया गया। लेकिन पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का दावा है कि चाबी सौंपने के कुछ समय बाद ही इसे वापस ले लिया गया और बंगला पूरी तरह से हैंडओवर नहीं किया गया था। –Khushi Sharma
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दीपावली पर UP के 14.82 लाख कर्मचारियों

दीपावली से पहले UP के कर्मचारियों को मिलेगा बोनस: वित्त विभाग की तैयारी

दीपावली से पहले Uttar Pradesh में के non gazette employees को बोनस देने की तैयारी finance department ने शुरू कर दी है। जल्द ही UP सरकार बोनस की announcement कर सकती है। इस बार employees को मिलने वाले बोनस की maximum amount सात हजार रुपये तय की जा सकती है। बोनस देने की प्रक्रिया में finance department पहले files तैयार करेगा, फिर सरकार की permission लेगा, और उसके बाद आदेश जारी होगा। यह बोनस non gazette employees साथ-साथ daily वेतनभोगी और वर्कचार्ज employees को भी मिलेगा। दीपावली पर UP के 14.82 लाख कर्मचारियों को बोनस: वित्त विभाग की योजना राज्य में लगभग 14.82 लाख कर्मचारी इससे profit होंगे, और इसे देने में सरकार के खजाने पर 1025 करोड़ रुपये से ज्यादा का बोझ पड़ेगा। उम्मीद है कि दीपावली से पहले होने वाली कैबिनेट बैठक में बोनस पर मिटिग होगी। इसके साथ ही, महंगाई भत्ते पर केंद्र सरकार के फैसला का भी इंतजार है, जिसमें तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। इस बार दीपावली 31 अक्टूबर को है, इसलिए महीने के अंत से पहले बोनस और वेतन देने की तैयारी की जा रही है। –Pooja Mishra
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जलेबी

BJP की तीसरी बार जीत और जलेबी की चर्चा : विधानसभा चुनाव 2024!

हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024: BJP ने फिर बनाई सरकार, जलेबी बनी चर्चा का विषय हरियाणा में 2024 के विधानसभा चुनाव की मतगणना पूरी हो गई है, और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीसरी बार सरकार बनाने में सफलता हासिल की है। कुल 90 सीटों में से BJP को 48, कांग्रेस को 37, इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) को 2, और Independent Candidates को 3 सीटें मिली हैं।चुनाव प्रचार के दौरान गोहाना में Congress की रैली में दीपेंद्र हुड्डा ने राहुल गांधी को मातू राम की जलेबियां खिलाईं। राहुल ने जलेबियों की तारीफ की और इसके बड़े पैमाने पर factory में उत्पादन और export की बात की। इस बयान के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाने लगा, और BJP ने इस पर कई मजेदार पोस्ट किए। मतगणना के दिन कांग्रेस ने ‘जलेबी दिवस’ मनाया, लेकिन जैसे-जैसे नतीजे सामने आए, पार्टी का मूड बदल गया। BJP ने कांग्रेस के ट्वीट का मजाक उड़ाते हुए लिखा, “आपकी जलेबी, कड़ाही, और घी सब सुरक्षित हैं, क्योंकि BJP तीसरी बार आ गई है।” Congress spokesperson Supriya Shrinet ने एक टीवी डिबेट में कहा, “अगर BJP हरियाणा में 20 सीटों से ज्यादा जीत गई, तो मेरा नाम बदल दीजिएगा।” इस बयान के मीम्स भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।इस चुनाव ने जलेबी को एक मजेदार विषय बना दिया, और बीजेपी ने अपनी जीत का जश्न मनाया, जबकि कांग्रेस के नेता सोशल मीडिया पर ट्रोल होते रहे। –Pooja Mishra
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Exit Poll Highlights: Haryana में Congress की बढ़त

Exit Poll Highlights: Haryana में Congress की बढ़त, Jammu-Kashmir में NC के साथ Partnership में उछाल

Haryana और Jammu Kashmir विधानसभा चुनावों के Exit poll में कांग्रेस को बढ़त Haryana और Jammu Kashmir में विधानसभा चुनावों के Exit poll ने कांग्रेस और उसके alliance को महत्वपूर्ण बढ़त दिखाई है, जबकि BJP की Situation कमजोर नजर आ रही है।Haryana में 90 विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनावों के Exit Poll के अनुसार, Congress को 50-55 Seat मिलने की उम्मीद है, जबकि BJP को केवल 20-28 सीटें मिल सकती हैं। अन्य दलों के लिए 10-16 सीटें मिलने का अनुमान है। BJP ने पिछले 10 वर्षों में सत्ता में रहते हुए जातिगत Equation पर काम किया है, लेकिन Political experts का मानना है कि हरियाणा एक किसान प्रधान राज्य है, जहां जातिगत equation का प्रभाव सीमित हो सकता है।Jammu-Kashmir में भी 90 सीटों के लिए चुनाव हुए हैं। exit poll के मुताबिक, Congress और National Conference alliance को 35-45 सीटें मिल सकती हैं, जबकि BJP के लिए 24-34 सीटें मिलने की possibility है। Exit Poll: Haryana और Jammu-Kashmir में Congress की बढ़त, BJP को झटका Jammu क्षेत्र में BJP को लगभग 44% वोट मिलने की उम्मीद है, जबकि कांग्रेस-NC गठबंधन को 34% वोट मिल सकते हैं।वही इस चुनाव में PDP के वोट में 12% की कमी आई है. इन चुनाव से related कुछ विशेष बातो पर भी ध्यान देगे जैसे:- हरियाणा में 51 से ज्यादा सीटें आने की उम्मीद जताई जा रही है, जो कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। BJP की सीटें कम होना भी political analysts के लिए चौंकाने वाला है।जम्मू-कश्मीर में यह चुनाव अनुच्छेद 370 के हटने के बाद पहली बार हो रहे हैं, जिसके कारण इन चुनावों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में चुनाव तीन चरणों में हुए थे: 18 सितंबर, 25 सितंबर, और 1 अक्टूबर 2024। चुनाव परिणाम 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।इन चुनावों के नतीजों पर पुरे देश की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि ये चुनाव इस क्षेत्र के राजनीतिक भविष्य को नया आकार देने में important role play करेगा। –Pooja Mishra
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सुप्रीम कोर्ट में वैवाहिक दुष्कर्म पर बहस: समाज और कानून पर असर की चिंता

सुप्रीम कोर्ट में वैवाहिक दुष्कर्म पर सुनवाई: क्या यह परिवारों में तनाव बढ़ाएगा?

सुप्रीम कोर्ट को कहा कि पति-पत्नी के बीच यौन संबंध को बलात्कार मानने से विवाह पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।यह एक ऐसा मुद्दा चर्चा में है जो न केवल हमारे समाज बल्कि हमारे कानूनी ढांचे पर भी गहरा असर डाल सकता है आईये जानते है क्या है पुरा सुप्रीम कोर्ट ने शादी शुदा कपल में वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध की श्रेणी में नही डालना चाहिए। सरकार का कहना है कि ऐसा कोई भी फैसला, जिससे पति-पत्नी के यौन संबंधों को अपराध की श्रेणी में डाला जाए, उससे सामाज और कानूनी पर प्रभाव पडता । सरकार का कहना है कि यदि वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध माना गया, तो इससे कपल की लाईफ पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इससे परिवारों में तनाव पैदा हो सकता है।” “भारतीय दंड संहिता की धारा 375 के अपवाद 2 के अनुसार, अगर पत्नी नाबालिग नहीं है, तो पति द्वारा उसकी सहमति के बिना यौन संबंध बनाने को दुष्कर्म नहीं माना जाता। सरकार ने मामले में रद्द करने के खिलाफ दलील देते हुए कहा कि इसे हटाने से कानूनी जटिलताएँ भी पैदा होंगी और कपल की लाईफ पर भी इससे गहरा पभाव पडता है । साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि समाज और परिवार में तेजी से आ रहे बदलावों के बीच इस मुद्दे पर गलत तरीके से भी प्रावधानों का दुरुपयोग हो सकता है।” सुप्रीम कोर्ट में वैवाहिक दुष्कर्म पर बहस: समाज और कानून पर असर की चिंता “चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। पीठ के समक्ष कई याचिकाएँ दायर की गई हैं, जिनमें वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध घोषित करने की मांग की गई है।” “सरकार का कहना है कि इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है, क्योंकि यह मामला पूरे समाज को प्रभावित करता है। और संसद मे पहले ही विवाह संबंधी सुरक्षा के लिए पहले ही कई कानुन बना रखे है “अब देखना यह होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में क्या फैसला सुनाता है, और यह फैसला भारतीय समाज और कानून व्यवस्था को किस तरह प्रभावित करती है। –Khushi Sharma
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बांग्लादेश में हिंसा: ममता बनर्जी

बांग्लादेश में हिंसा: ममता बनर्जी का शरणार्थियों को सहायता देने का वादा, बीजेपी का पलटवार

बांग्लादेश में पिछले कई दिनों से हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। बांग्लादेश में रह रहे भारतीयों और पर्यटकों के लिए भारत सरकार ने एडवाइजरी जारी की है।वहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने शहीदी दिवस कार्यक्रम में यह एलान किया है कि बंगाल का दरवाजा उन सभी के लिए खुला है जो हिंसा में पीड़ित है और बंगाल की सहायता चाहते है हम उनकी मदद जरुर करगें ममता ने इसके लिए संयुक्त राष्ट्र के संकल्प का भी हवाला दिया, जिसमें कहा जाता है कि कोई भी पड़ोसी मुल्क शरणार्थियों की रिस्पेक्ट करेगा. बांग्लादेश में हिंसा: ममता बनर्जी का शरणार्थियों के लिए दरवाजा खुला, बीजेपी का तीखा विरोध ममता ने कहा कि वो बांग्लादेश में हिंसा के मुद्दे पर वह कुछ नहीं कर सकती, क्योंकि यह केंद्र सरकार का काम है – लेकिन वहां के मजबूर लोग अगर आएंगे तो उन्हें वो शरण अवश्य देगी लेकिन इस बात का विरोध करते हुए बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने ममता पर पलटवार किया है रविशंकर प्रसाद ने कहा, ममता बनर्जी ने कहा है कि बांग्लादेशी शरणार्थियों की वह सहायता अवश्य करेंगी वो अपने दरवाजे खुले रखेंगी और किसी को भी बांग्लादेश में हिंसा में आने देंगी. वो यहां आकर बस सकता है. रविशंकर ने कहा कि आप वही हैं जो CAA के समय कह रही थीं कि अल्पसंख्यक हिंदू, सिख, पारसी और बौद्ध कैसे रह सकते हैं. इस कानून का विरोध भी किया था इस खबर को लेकर आपको क्या लगता है comment करके comment box में जरुर बताए ऐसे ही खबरो के लिए जुङे रहे नीतिपथ से जय हिन्द |                                                                                                                                                                                        -नीतिपथ के लिए पूजा मिश्रा की रिपोर्ट
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जयशंकर-लावरोव वार्ता: यूक्रेन संघर्ष और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर अहम चर्चा

जयशंकर-लावरोव वार्ता: यूक्रेन संघर्ष और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर अहम चर्चा

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय मुद्दों और आनेवाला कज़ान में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत और यूक्रेन के बीच संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। रूस के विदेश मंत्रालय ने इस मुलाकात के संबंध में एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया है कि लावरोव और जयशंकर ने द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख मामलों के साथ-साथ यूक्रेन समझौते पर भी बात की। जयशंकर ने X पर पोस्ट करते हुए इस मुलाकात की पुष्टि की और बताया कि दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की।यह मुलाकात पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात के कुछ ही दिनों बाद हुई है। जयशंकर और लावरोव की न्यूयॉर्क में मुलाकात: यूक्रेन समझौते समेत कई मुद्दों पर चर्चा पिछले सप्ताह मोदी और जेलेंस्की के बीच यह तीसरी बैठक थी, जिसमें मोदी ने यूक्रेन में संघर्ष के शीघ्र समाधान और क्षेत्र में शांति की बहाली के लिए भारत का समर्थन दोहराया था।पिछले महीने, पीएम मोदी ने कीव का दौरा किया था और उस दौरान भी उन्होंने यूक्रेन में जारी संघर्ष में शांति के लिए भारत के रुख पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं।जयशंकर और लावरोव के बीच हुई यह मुलाकात भारत-रूस संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है और इससे द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। –Pooja Mishra
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CDSCO

CDSCO अलर्ट 53 दवाएं क्वालिटी टेस्ट में फेल, पैरासिटामोल समेत कई दवाओं पर चेतावनी

भारत के केंद्रीय ड्रग्स स्टैंडर्ड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने हाल ही में जारी किए गए अलर्ट में 53 दवाओं को गुणवत्ता परीक्षण में विफल करार दिया है। इन दवाओं में पैरासिटामोल, विटामिन D3, कैल्शियम सप्लीमेंट्स, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की दवाएं शामिल हैं, जिनका उपयोग बड़ी संख्या में भारतीय मरीज करते हैं। CDSCO का अलर्ट: पैरासिटामोल, Pan-D और Shelcal जैसी 53 दवाएं असुरक्षित घोषित CDSCO हर महीने दवाओं की रैंडम सैंपलिंग करता है, जिसमें इन 53 दवाओं को “नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी” (NSQ) पाया गया है। जिन दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाया गया है, उनमें प्रमुख रूप से Shelcal (कैल्शियम और विटामिन D3 सप्लीमेंट), Pan-D (एंटासिड), पैरासिटामोल टैबलेट 500mg, Glimepiride (डायबिटीज की दवा), और Telmisartan (हाई ब्लड प्रेशर की दवा) शामिल हैं. ये दवाएं कई प्रमुख दवा निर्माताओं द्वारा बनाई जाती हैं, जैसे Hetero Drugs, Alkem Laboratories, Hindustan Antibiotics Limited (HAL), और Karnataka Antibiotics & Pharmaceuticals Ltd. इन नामी कंपनियों की दवाओं का फेल होना न केवल मरीजों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि इन कंपनियों की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़ा करता है। CDSCO की नई रिपोर्ट: 53 प्रमुख दवाएं ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ पाई गईं नकली और घटिया स्तर की दवाएं कुछ दवाओं को नकली या घटिया स्तर का भी बताया गया है। कोलकाता की एक ड्रग टेस्टिंग लैब ने Alkem Health Science के एंटीबायोटिक्स Clavam 625 और Pan D को नकली घोषित किया है। वहीं, Hetero के बच्चों के लिए दी जाने वाली Cepodem XP 50 Dry Suspension को भी घटिया गुणवत्ता का पाया गया है। विशेष रूप से पैरासिटामोल और Pan D का उपयोग करने वाले मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इन दवाओं का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लें और वैकल्पिक दवाओं पर विचार करें, खासकर जब ये दवाएं रूटीन रूप से इस्तेमाल की जाती हैं। क्या करें मरीज? अगर आप इन दवाओं का उपयोग कर रहे हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। इस रिपोर्ट के आधार पर सावधानीपूर्वक कदम उठाएं और सुरक्षित दवाओं का उपयोग सुनिश्चित करें।
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