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जयशंकर-लावरोव वार्ता: यूक्रेन संघर्ष और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर अहम चर्चा

जयशंकर-लावरोव वार्ता: यूक्रेन संघर्ष और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर अहम चर्चा

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय मुद्दों और आनेवाला कज़ान में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत और यूक्रेन के बीच संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। रूस के विदेश मंत्रालय ने इस मुलाकात के संबंध में एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया है कि लावरोव और जयशंकर ने द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख मामलों के साथ-साथ यूक्रेन समझौते पर भी बात की। जयशंकर ने X पर पोस्ट करते हुए इस मुलाकात की पुष्टि की और बताया कि दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की।यह मुलाकात पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात के कुछ ही दिनों बाद हुई है। जयशंकर और लावरोव की न्यूयॉर्क में मुलाकात: यूक्रेन समझौते समेत कई मुद्दों पर चर्चा पिछले सप्ताह मोदी और जेलेंस्की के बीच यह तीसरी बैठक थी, जिसमें मोदी ने यूक्रेन में संघर्ष के शीघ्र समाधान और क्षेत्र में शांति की बहाली के लिए भारत का समर्थन दोहराया था।पिछले महीने, पीएम मोदी ने कीव का दौरा किया था और उस दौरान भी उन्होंने यूक्रेन में जारी संघर्ष में शांति के लिए भारत के रुख पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं।जयशंकर और लावरोव के बीच हुई यह मुलाकात भारत-रूस संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है और इससे द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। –Pooja Mishra
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अनुच्छेद 370 : सीएम योगी का सियासी प्रहार

जम्मू-कश्मीर में सीएम योगी का सियासी प्रहार: अनुच्छेद 370, POK और विपक्ष पर तीखे बयान

अनुच्छेद 370, POK और विपक्ष पर तीखे बयान – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जम्मू-कश्मीर दौरे और वहां की रामगढ़ रैली में दिए गए बयानों के बारे में।गुरुवार को जम्मू-कश्मीर पहुंचे सीएम योगी ने कहा कि जो लोग भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करते थे, उनका जवाब जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव देंगे। उन्होंने बताया कि भारी संख्या में मतदाता मतदान कर रहे हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि लोग परिवारवादी और विभाजनकारी राजनीति को तिलांजलि दे चुके हैं। योगी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग लोकतांत्रिक सरकार की चाह रखते हैं और विकास की मुख्य धारा से जुड़ना चाहते हैं। उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि POK authorized कश्मीर फिर से जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बनेगा।CM ने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी अलग झंडे का Support करते हैं और क्या वे नेशनल कॉन्फ्रेंस की अनुच्छेद 370 और 35A को वापस लाने की मांग का Support करते हैं। CM योगी आदित्यनाथ का जम्मू-कश्मीर में शक्तिशाली भाषण: अनुच्छेद 370, अलगाववादी राजनीति और कांग्रेस पर जोरदार हमला उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि इन दलों ने जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद का ‘वेयरहाउस’ बना दिया था।योगी ने कहा कि कांग्रेस, PDP और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में आतंकवाद की नर्सरी समाप्त हो गई है और पत्थरबाजी की घटनाएं कम हो गई हैं।योगी ने यह भी कहा कि पीएम मोदी ने अनुच्छेद 370 को समाप्त कर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को साकार किया है। उन्होंने कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी को ‘प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों’ की संज्ञा दी, जो आम जनता का शोषण करती हैं।CM ने नागरिकता संशोधन अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा कि केवल बीजेपी ही कश्मीरी पंडितों के साथ खड़ी थी। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि सभी दल इसका विरोध करते हैं, जबकि BJP समाधान का नाम है।योगी आदित्यनाथ के इस बयान ने एक बार फिर से राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर हमारी नजर बनी रहेगी। ऐसे ही और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए नीतिपथ के साथ। धन्यवाद! –Pooja Mishra
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Muhammad Yunus का बड़ा खुलासा

बांग्लादेश में राजनीतिक तख्तापलट: Muhammad Yunus का बड़ा खुलासा और महफूज आलम की अहम भूमिका

बांग्लादेश में हाल के राजनीतिक तख्तापलट को लेकर Muhammad Yunus ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि यह तख्तापलट preplanned था, और महफूज आलम को इस आंदोलन का “मास्टरमाइंड” बताया है। Muhammad Yunus ने यह बयान New York में Clinton Global Initiative Event में दिया, जहां उन्होंने कहा कि यह एक स्वाभाविक जनविद्रोह नहीं था, बल्कि एक सावधानी पूर्वक डिजाइन किया गया आंदोलन था। यूनुस ने महफूज आलम की सराहना करते हुए कहा कि आलम के leadership में युवा प्रदर्शनकारियों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। उन्होंने कहा, “यह जिम्मेदारी है जिसे हम एक साथ लेते हैं। महफूज ने अपने भाषणों और समर्पण से पूरे देश को प्रेरित किया।” Muhammad Yunus का यह भी कहना था कि आंदोलन के पीछे कोई एक नेता नहीं था, बल्कि नेतृत्व में विविधता थी।महफूज आलम के साथ खड़े होकर यूनुस ने कहा, “ये लोग नया बांग्लादेश बना रहे हैं। बांग्लादेश के राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव: Muhammad Yunus ने आंदोलन को बताया सावधानीपूर्वक डिजाइन किया आइए इनकी सफलता की कामना करें।” उन्होंने बताया कि आलम और अन्य युवा नेताओं ने साहसपूर्वक सरकार की हिंसक कार्रवाइयों का सामना किया।यह प्रदर्शन जॉब कोटा को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन जल्द ही यह एक nationwide movement में बदल गया। 5 अगस्त, 2024 को प्रदर्शनकारियों ने पीएम आवास ‘गण भवन’ पर धावा बोल दिया, जिसके परिणामस्वरूप शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। वर्तमान में, हसीना भारत में शरण लिए हुए हैं। Muhammad Yunus ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और अन्य वैश्विक नेताओं के साथ मिलकर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हसीना सरकार की कार्रवाइयों के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन ने युवा वर्ग को प्रेरित किया है और बांग्लादेश में एक नया राजनीतिक परिदृश्य तैयार किया है। ऐसे ही और अपडेट के लिए बने रहें नितिपथ के साथ। धन्यवाद –Pooja Mishra
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आत्मनिर्भर भारत

आत्मनिर्भर भारत: मोदी सरकार के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार और प्रगति

आत्मनिर्भर भारत: मोदी सरकार की रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां आत्मनिर्भर भारत : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के guidance में केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के aim को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, especially defense sector में। 2014 में सत्ता संभालने के बाद से, Make In India अभियान के तहत देश में defense material के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। एक समय था जब भारत में इस्तेमाल होने वाली 65-70 प्रतिशत रक्षा सामग्री import की जाती थी, लेकिन अब यह आंकड़ा घटकर केवल 35 प्रतिशत रह गया है। Present में भारत 65 प्रतिशत रक्षा equipment का production अपने देश में कर रहा है और defense exports में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 21,000 करोड़ रुपये को पार कर गया है, और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का लक्ष्य है कि यह 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचे।रक्षा मंत्रालय ने 509 defense material और 5012 materials की सूची जारी की है, जिन्हें देश में ही produced किया जाएगा। आत्मनिर्भर भारत: भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का उदय: मोदी सरकार की प्रेरक यात्रा आत्मनिर्भर भारत: इस साल रक्षा production का लक्ष्य 1.75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है, जो 2029 तक 3 से 3.5 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।भारत में defense industry को बढ़ावा देने के लिए UP और तमिलनाडु में दो industrial corridor स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, domestic industries के लिए 2022-23 में रक्षा सामग्री की खरीद का 68 प्रतिशत हिस्सा reserved किया गया है।रक्षा मंत्रालय ने रिसर्च और डेवेलपमेंट के लिए बजट का 25 प्रतिशत आवंटित किया है, जिससे innovation को बढ़ावा मिल रहा है। सरकार ने भारतीय सेना के लिए रुस्तम-2 यूएवी और निर्भय सबसोनिक क्रूज मिसाइल जैसी तकनीकों का विकास किया है।भारत ने 100 से अधिक देशों को defense equipment का exportation शुरू कर दिया है, जिसमें प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों का योगदान महत्वपूर्ण है। अब तक लगभग 60 प्रतिशत रक्षा export pvt कंपनियों द्वारा किया जा रहा है।मोदी सरकार ने CDC means Chief of Defense Staff की नियुक्ति जैसी कई सुधारों के जरिए तीनों सेनाओं के बीच coordination स्थापित किया है। इन सभी उपायों के साथ, प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सेना के जवानों के साथ active रूप से बातचीत कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति गंभीर है और सेना की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए committed है। ऐसे ही और अपडेट के लिए बने रहें नितिपथ के साथ। धन्यवाद –Pooja Mishra
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बिहार के छात्रों के साथ पश्चिम बंगाल में मारपीट: गिरिराज सिंह ने ममता सरकार पर उठाए सवाल

आज हम बात करेंगे एक ऐसे मामले की जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बिहार के छात्रों के साथ पश्चिम बंगाल में हुई मारपीट ने एक बार फिर से राजनीतिक controversy पैदा कर दिया है।यह वीडियो जिसमें बिहार के छात्र मारपीट का शिकार हो रहे हैं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी की सरकार पर तीखा हमला बोला है। गिरिराज सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा कि, “क्या ये बच्चे हिंदुस्तान के अंग नहीं हैं?” उनका कहना है कि ममता सरकार ने रोहिंग्या मुसलमानों के लिए रेड कार्पेट बिछाया है, जबकि अपने ही देश के बच्चों के साथ हिंसा हो रही है।गिरिराज सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि बंगाल में अपने देश के छात्रों को गुंडागर्दी का शिकार होना पड़ रहा है। उन्होंने तेजस्वी यादव और राहुल गांधी से भी सवाल किया कि क्या बंगाल एक राष्ट्र है या भारत का एक अंग? बंगाल में रोहिंग्या मुसलमान के लिए रेड कारपेट और परीक्षा देने गए बिहार के बच्चे के साथ मारपीट ? क्या ये बच्चे हिंदुस्तान के अंग नहीं? क्या ममता सरकार ने सिर्फ बलात्कारियों को बचाने का ठेका ले रखा है?@SuvenduWB pic.twitter.com/FVyOhSn5aw — Shandilya Giriraj Singh (@girirajsinghbjp) September 26, 2024 इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। छात्र यह स्पष्ट कर रहे हैं कि वे SSC की परीक्षा देने आए हैं। लेकिन गुस्साए व्यक्ति ने उन्हें परेशान करते हुए document मांगना शुरू कर दिया।क्या ममता बनर्जी की सरकार इस स्थिति को नियंत्रित करने में असफल रही है? या यह मामला सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकने का है. आप इस accident  को राजनीतिक नजरीए से देखते हैं या इसे सामाजिक मुद्दा मानते हैं हमे comment box में comment करके जरुर बताए और इस मामले में आगे क्या होता है और क्या ममता बनर्जी की सरकार इस पर कोई कार्रवाई करती है। हम आपको इससे जुड़ी हर जानकारी से अपडेट करते रहेंगे। तब तक के लिए जुड़े रहिए नीतिपथ के साथ। धन्यवाद Pooja Mishra
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